{"_id":"5a0b59604f1c1bf3538bd4ba","slug":"201510693216-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संपति के मालिकाना हक को लेकर और होगी एफआईआर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
संपति के मालिकाना हक को लेकर और होगी एफआईआर
Updated Wed, 15 Nov 2017 02:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। छावनी क्षेत्र में संपत्ति पर मालिकाना हक को लेकर जारी किए गए नोटिसों का जवाब नहीं देने वालों के खिलाफ कैंट बोर्ड एफआईआर दर्ज कराएगा। इस सिलसिले में आठ बैंक प्रबंधकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। कुछ व्यापारियों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी है। इन्होंने नोटिस के जवाब नहीं दिए हैं। कुछ के जवाब तर्कसंगत नहीं हैं। संपत्तियों की कुंडली खंगाली जा रही है। ओल्ड ग्रांट की कई संपत्ति ऐसी मिली हैं जिनकी खरीद फरोख्त अवैध ढंग से हुई है।
पिछले दिनों एस्टेट ऑफिसर की ओर से पीपी एक्ट के तहत सदर बाजार, आबूलेन और बांबे बाजार आदि क्षेत्रों में संपत्ति पर काबिज लोगों को नोटिस जारी कर उनसे मालिकाना हक के बारे में पूछा गया था। इनमें से कुछ ने जवाब दिए तो कुछ ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। कई ने तो नोटिस स्वीकार ही नहीं किया। एस्टेट ऑफिसर राजीव श्रीवास्तव की ओर से इस सिलसिले में कार्रवाई शुरू हो गई है। सोमवार को आठ बैंक प्रबंधकों के खिलाफ लोकसेवक को सूचना नहीं देने रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
कहा कि कैंट बोर्ड आरबीआई को भी इस बारे में पत्र लिखेगा। वर्षों से बिना मालिकाना हक के संपत्ति पर बैंक ऑपरेट करना कई को भारी पड़ने जा रहा है। कुछ व्यापारी भी इस जद में हैं। उन्होंने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। अगले चरण में उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी है। कुछ ने कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है। उनका कहना है कैंट बोर्ड के पास संपत्ति की जानकारी है। ओल्ड ग्रांट की कई संपत्ति बिना कैंट बोर्ड की मंजूरी की खरीदी और बेची गई। बेचने वाला तो चला गया, अब खरीदने वाला फंसा है। उसके पास वैध कागजात नहीं है।
विज्ञापन
- आठ बैंक प्रबंधकों के खिलाफ हो चुकी एफआईआर, अब व्यापारी निशाने पर
विज्ञापन
पिछले दिनों एस्टेट ऑफिसर की ओर से पीपी एक्ट के तहत सदर बाजार, आबूलेन और बांबे बाजार आदि क्षेत्रों में संपत्ति पर काबिज लोगों को नोटिस जारी कर उनसे मालिकाना हक के बारे में पूछा गया था। इनमें से कुछ ने जवाब दिए तो कुछ ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। कई ने तो नोटिस स्वीकार ही नहीं किया। एस्टेट ऑफिसर राजीव श्रीवास्तव की ओर से इस सिलसिले में कार्रवाई शुरू हो गई है। सोमवार को आठ बैंक प्रबंधकों के खिलाफ लोकसेवक को सूचना नहीं देने रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
विज्ञापन
कहा कि कैंट बोर्ड आरबीआई को भी इस बारे में पत्र लिखेगा। वर्षों से बिना मालिकाना हक के संपत्ति पर बैंक ऑपरेट करना कई को भारी पड़ने जा रहा है। कुछ व्यापारी भी इस जद में हैं। उन्होंने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। अगले चरण में उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी है। कुछ ने कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है। उनका कहना है कैंट बोर्ड के पास संपत्ति की जानकारी है। ओल्ड ग्रांट की कई संपत्ति बिना कैंट बोर्ड की मंजूरी की खरीदी और बेची गई। बेचने वाला तो चला गया, अब खरीदने वाला फंसा है। उसके पास वैध कागजात नहीं है।
विज्ञापन
- आठ बैंक प्रबंधकों के खिलाफ हो चुकी एफआईआर, अब व्यापारी निशाने पर