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एक ने दिया धोखा तो दूसरे ने अतिथि देवो भव: का निभाया फर्ज
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मवाना निवासी एक होटल के मालिक ने की फ्रांसिसी नागरिक फैबी की मदद
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना(मेरठ)। फ्रांस निवासी एक युवक को टैक्सी चालक रविवार को दिल्ली से ऋषिकेश के लिए लेकर चला। उसने विदेशी मेहमान को ऋषिकेश न पहुंचाकर धोखे से हस्तिनापुर छोड़ दिया। ऐसा करके उसने देश की छवि को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि विदेशी ने सहिष्णुता दिखाते हुए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। उसने महाभारतकालीन हस्तिनापुर से जुड़े स्थल एवं वन्य जीव विहार के मनोहारी दृश्यों को कैमरे में कैद करके आस्ट्रेलिया में रह रहे अपने परिजनों से साझा किये।
मूल रूप से फ्रांस निवासी फैबीजहां पिछले चार माह से अपने परिवार के साथ आस्ट्रेलिया में रह रहे हैं। फैबी को भारत आने का आइडिया किसी ने नहीं दिया। उन्होंने किताबों और दूसरे माध्यमों से भारत के बारे में जाना और फिर यहां आने का निर्णय किया। उनके दोस्तों ने हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा किनारे योग करने और उसके लाभों की जानकारी दी थी। इसके चलते वह रविवार सुबह दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे आ पहुंचे। उन्होंने यहां से ऋषिकेश के लिए आठ हजार रुपये में टैक्सी ली। चालक ने उनके साथ धोखा किया। वह ऋषिकेश के बजाय विदेश मेहमान को शाम के समय हस्तिनापुर छोड़ गया। फैबीजहां हस्तिनापुर को ही ऋषिकेश समझ बैठा। वह यहां पर घूमने के लिए निकला तो उसे धोखा हो जाने की जानकारी हुई। ऐसा करके टैक्सी चालक ने अतिथि देवो भव: के मिशन को भारी नुकसान पहुंचाया। इसके बावजूद फैबी ने टैक्सी चालक के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की।
फैबी ने बताया कि उसे भारत आने का आइडिया किसी ने नहीं दिया। दरअसल वह ऋषिकेश में योगा क्लास के लिए आया था। उसने बताया कि योगा करने से आदमी स्वस्थ रहता है। इसलिए वह योगासनों की जानकारी के लिए यहां आया है। दो दिन बाद उसके दोस्त भी योगा क्लास के लिए आने वाले हैं। हस्तिनापुर कैसे पहुंचे इस सवाल के जवाब पर फैबी ने बताया कि टैक्सी चालक ने उसे ऋषिकेश बताकर उतार दिया। वह हस्तिनापुर को ही ऋषिकेश समझ रहा था। वहां घूमने के दौरान लोगों ने बताया तो उसे हस्तिनापुर की जानकारी हुई। इस पर वह काफी परेशान हुआ। किसी तरह वह मवाना स्थित इन्द्रप्रस्थ होटल पहुंच गया। होटल मालिक के बेटे ईशु गुप्ता ने होटल पहुंचकर उससे बात की। पूरे मामले की जानकारी मिलने पर ईशु ने फैबी की मदद करने की ठानी। सोमवार को ईशू ने अपनी गाड़ी में इस विदेशी मेहमान को मवाना के कपिल सिनेमा हॉल में बालीवुड फिल्म दिखाई। यही नहीं हस्तिनापुर ले जाकर यहां महाभारतकालीन स्थलों के साथ-साथ वन्य जीव विहार भी कराया। फैबी ने कहा कि सभी व्यक्ति एक जैसे नहीं होते। पहले तो चालक के धोखा देने पर उसे लगा कि यहां के लोग बुरे हैं परंतु ईशु के मिलने पर उसका नजरिया बदल गया। अब उसने दोबारा भारत आने की इच्छा जाहिर की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मवाना(मेरठ)। फ्रांस निवासी एक युवक को टैक्सी चालक रविवार को दिल्ली से ऋषिकेश के लिए लेकर चला। उसने विदेशी मेहमान को ऋषिकेश न पहुंचाकर धोखे से हस्तिनापुर छोड़ दिया। ऐसा करके उसने देश की छवि को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि विदेशी ने सहिष्णुता दिखाते हुए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। उसने महाभारतकालीन हस्तिनापुर से जुड़े स्थल एवं वन्य जीव विहार के मनोहारी दृश्यों को कैमरे में कैद करके आस्ट्रेलिया में रह रहे अपने परिजनों से साझा किये।
मूल रूप से फ्रांस निवासी फैबीजहां पिछले चार माह से अपने परिवार के साथ आस्ट्रेलिया में रह रहे हैं। फैबी को भारत आने का आइडिया किसी ने नहीं दिया। उन्होंने किताबों और दूसरे माध्यमों से भारत के बारे में जाना और फिर यहां आने का निर्णय किया। उनके दोस्तों ने हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा किनारे योग करने और उसके लाभों की जानकारी दी थी। इसके चलते वह रविवार सुबह दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे आ पहुंचे। उन्होंने यहां से ऋषिकेश के लिए आठ हजार रुपये में टैक्सी ली। चालक ने उनके साथ धोखा किया। वह ऋषिकेश के बजाय विदेश मेहमान को शाम के समय हस्तिनापुर छोड़ गया। फैबीजहां हस्तिनापुर को ही ऋषिकेश समझ बैठा। वह यहां पर घूमने के लिए निकला तो उसे धोखा हो जाने की जानकारी हुई। ऐसा करके टैक्सी चालक ने अतिथि देवो भव: के मिशन को भारी नुकसान पहुंचाया। इसके बावजूद फैबी ने टैक्सी चालक के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की।
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फैबी ने बताया कि उसे भारत आने का आइडिया किसी ने नहीं दिया। दरअसल वह ऋषिकेश में योगा क्लास के लिए आया था। उसने बताया कि योगा करने से आदमी स्वस्थ रहता है। इसलिए वह योगासनों की जानकारी के लिए यहां आया है। दो दिन बाद उसके दोस्त भी योगा क्लास के लिए आने वाले हैं। हस्तिनापुर कैसे पहुंचे इस सवाल के जवाब पर फैबी ने बताया कि टैक्सी चालक ने उसे ऋषिकेश बताकर उतार दिया। वह हस्तिनापुर को ही ऋषिकेश समझ रहा था। वहां घूमने के दौरान लोगों ने बताया तो उसे हस्तिनापुर की जानकारी हुई। इस पर वह काफी परेशान हुआ। किसी तरह वह मवाना स्थित इन्द्रप्रस्थ होटल पहुंच गया। होटल मालिक के बेटे ईशु गुप्ता ने होटल पहुंचकर उससे बात की। पूरे मामले की जानकारी मिलने पर ईशु ने फैबी की मदद करने की ठानी। सोमवार को ईशू ने अपनी गाड़ी में इस विदेशी मेहमान को मवाना के कपिल सिनेमा हॉल में बालीवुड फिल्म दिखाई। यही नहीं हस्तिनापुर ले जाकर यहां महाभारतकालीन स्थलों के साथ-साथ वन्य जीव विहार भी कराया। फैबी ने कहा कि सभी व्यक्ति एक जैसे नहीं होते। पहले तो चालक के धोखा देने पर उसे लगा कि यहां के लोग बुरे हैं परंतु ईशु के मिलने पर उसका नजरिया बदल गया। अब उसने दोबारा भारत आने की इच्छा जाहिर की है।
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