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पुलिस ऑफिस के बाहर युवक पर हमला
Updated Mon, 14 Aug 2017 11:28 PM IST
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मेरठ। एसएसपी ऑफिस के बाहर सोमवार दोपहर एक युवक पर जानलेवा हमला हो गया। युवक ने पुलिस ऑफिस में घुसकर जान बचायी।
गांव किसौला, स्याना बुलंदशहर निवासी संजय त्यागी की प्रधानी के चुनाव में 29 जून 2016 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसमें निर्दोष, विपिन, विकास और नीरज नामजद हुए थे। लेकिन स्याना पुलिस ने नामजद आरोपियों बजाय दूसरे शूटरों को जेल भेजा था। पीड़ित पक्ष ने आईजी अजय आनंद से शिकायत कर विवेचना को मेरठ क्राइम ब्रांच ट्रांसफर करा लिया था। इंस्पेक्टर जोगेंद्र सिंह काजला ने विवेचना में संजय के चचेरे भाई सोनू त्यागी को साजिश का मुल्जिम बनाकर रिपोर्ट बुलंदशहर पुलिस को भेज दी। सोनू पर वहां से पांच हजार का इनाम भी घोषित हो गया।
विवेचना से असंतुष्ट पीड़ित पक्ष की शिकायत पर विवेचना एएचटीयू के इंस्पेक्टर राजेश चतुर्वेदी को सौंपी गई। सोमवार को दोनों पक्ष एसपी क्राइम से मिलने आये थे। जैसे ही सोनू अपने भाई के साथ एसएसपी ऑफिस से बाहर निकला तो कंकरखेड़ा पुलिस और नामजद आरोपियों ने उसे जबरन उठाने की कोशिश की। विरोध करने पर मारपीट कर दी। पीड़ित शोर मचाकर एसएसपी ऑफिस में घुस गया। बखेड़ा हुआ तो एसएसपी ने एसपी क्राइम शिवराम यादव और विवेचक राजेश चतुवेदी को तलब कर लिया।
काजला की भूमिका पर बैठी जांच
एसएसपी मंजिल सैनी ने विवेचक राजेश चतुर्वेदी को तलब कर कड़ी फटकार लगाई। सोनू त्यागी ने कहा कि यदि हत्या में उसका हाथ है तो यहीं से जेल भेज दिया जाए। एसएसपी ने इंस्पेक्टर राजेश चतुर्वेदी से कहा कि दूसरे जिले की विवेचना तुम कर रहे हो और गिरफ्तारी इंस्पेक्टर जोगेंद्र काजला के कहने पर हो रही है। ऐसा नहीं होगा। एसएसपी ने इंस्पेक्टर जोगेंद्र काजला की भूमिका पर भी जांच बैठाते हुए एसपी क्राइम से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
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गांव किसौला, स्याना बुलंदशहर निवासी संजय त्यागी की प्रधानी के चुनाव में 29 जून 2016 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसमें निर्दोष, विपिन, विकास और नीरज नामजद हुए थे। लेकिन स्याना पुलिस ने नामजद आरोपियों बजाय दूसरे शूटरों को जेल भेजा था। पीड़ित पक्ष ने आईजी अजय आनंद से शिकायत कर विवेचना को मेरठ क्राइम ब्रांच ट्रांसफर करा लिया था। इंस्पेक्टर जोगेंद्र सिंह काजला ने विवेचना में संजय के चचेरे भाई सोनू त्यागी को साजिश का मुल्जिम बनाकर रिपोर्ट बुलंदशहर पुलिस को भेज दी। सोनू पर वहां से पांच हजार का इनाम भी घोषित हो गया।
विवेचना से असंतुष्ट पीड़ित पक्ष की शिकायत पर विवेचना एएचटीयू के इंस्पेक्टर राजेश चतुर्वेदी को सौंपी गई। सोमवार को दोनों पक्ष एसपी क्राइम से मिलने आये थे। जैसे ही सोनू अपने भाई के साथ एसएसपी ऑफिस से बाहर निकला तो कंकरखेड़ा पुलिस और नामजद आरोपियों ने उसे जबरन उठाने की कोशिश की। विरोध करने पर मारपीट कर दी। पीड़ित शोर मचाकर एसएसपी ऑफिस में घुस गया। बखेड़ा हुआ तो एसएसपी ने एसपी क्राइम शिवराम यादव और विवेचक राजेश चतुवेदी को तलब कर लिया।
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काजला की भूमिका पर बैठी जांच
एसएसपी मंजिल सैनी ने विवेचक राजेश चतुर्वेदी को तलब कर कड़ी फटकार लगाई। सोनू त्यागी ने कहा कि यदि हत्या में उसका हाथ है तो यहीं से जेल भेज दिया जाए। एसएसपी ने इंस्पेक्टर राजेश चतुर्वेदी से कहा कि दूसरे जिले की विवेचना तुम कर रहे हो और गिरफ्तारी इंस्पेक्टर जोगेंद्र काजला के कहने पर हो रही है। ऐसा नहीं होगा। एसएसपी ने इंस्पेक्टर जोगेंद्र काजला की भूमिका पर भी जांच बैठाते हुए एसपी क्राइम से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
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