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नेपाल से लाए 202 किलो चरस, तीन तस्कर धरे
Updated Sun, 18 Jun 2017 09:27 PM IST
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नेपाल से लाए 202 किलो चरस, तीन तस्कर गिरफ्तार
मेरठ। एसटीएफ मेरठ ने नेपाल से लाई जा रही 202 किलो 500 ग्राम चरस के दौरान तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। जो एलपीजी के टैंकर में छिपाकर लाई जा रही थी। इस मादक पदार्थ की सप्लाई एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों के अलावा पंजाब और हरियाणा में की जाती थी। एसपी एसटीएफ के अनुसार बरामद चरस की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 2.2 करोड़ रुपये है।
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) मेरठ के एसपी आलोक प्रियदर्शी के अनुसार लगातार सूचना मिल रही थी कि एनसीआर और वेस्ट यूपी के जिलों में मादक पदार्थ को तस्करी कर सप्लाई किया जा रहा है। एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक ने तस्करों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें लगाई थी। शनिवार रात इंस्पेक्टर एसटीएफ धर्मेंद्र यादव को खबर मिली थी कि गढ़ रोड पर एलपीजी के टैंकर यूपी 17-एटी- 0216 में मादक पदार्थों की खेप लाई जा रही है। जिस पर केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम के साथ गढ़ रोड पर टीमें चेकिंग के लिए लगा दी गईं थीं।
केबिन में भरी मिली चरस
एसपी के अनुसार मेडिकल थाना क्षेत्र में गढ़ रोड पर सिल्वर क्रॉस अस्पताल के सामने टीम ने एलपीजी के टैंकर को रोका। इस बीच सामने से एक बाइक सवार युवक भी वहां पहुंच गया। जो टैकर में सवार लोगों से बात करने लगा। इस बीच टीम ने घेराबंदी कर टैंकर की तलाशी ली तो टैंकर के केबिन में कपड़ों के नीचे बोरे पड़े मिले। जिसमें चरस भरी हुई थी।
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मथुरा से नेपाल फिर एनसीआर
मौके से तीन तस्कर प्रकाश सिंह उर्फ कमलेश पुत्र जयचंद निवासी कनेड़ तहसील व थाना धर्मशाला, जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश, रवि कुमार पुत्र अजब सिंह गांव नाला थाना कांधला जिला शामली और विंध्याचल पाल पुत्र शंकर निवासी भाभटा थाना नरकटियागंज जिला चंपारन, बिहार को दबोचा गया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे करीब चार साल से नेपाल के नारायण घाट से गैस टैंकर से चरस की तस्करी कर रहे थे। आरोपी प्रकाश ने बताया कि नेपाल निवासी नजीर हर बार नेपाल से ही उसके साथ अपने साथी को भेजता है। जो इस टैंकर में मथुरा से गैस भरवाकर नेपाल चला जाता है। जहां काठमांडू नेपाल में गैस खाली कर टैंकर में चरस भर दी जाती है। इस बार नजीर ने नेपाल से विंध्याचल पाल को भेजा था।
हवाला से करते थे भुगतान
आरोपी रवि ने बताया कि वह चरस का भुगतान हवाला के माध्यम से नेपाल में करता है। जिसके बाद चरस को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, शामली, बुलंदशहर, हापुड़, गाजियाबाद, सहारनपुर, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में करीब 4-5 साल से कर रहे थे।
यह गैंग अकेला नहीं
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि केवल उनका गैंग ही मादक पदार्थों की तस्करी नहीं करता। बल्कि अन्य ट्रक चालक भी इसी तरह नेपाल से चोरी छिपे चरस लाकर वेस्ट यूपी में सप्लाई करते हैं।
यह हुई बरामदगी
पैकेटों में पैक 202 किलो पांच सौ ग्राम चरस। एक-एक पैकेट एक किलो और आधा किलो का। एलपीजी टैंकर, चार हजार रुपये, तीन मोबाइल फोन, एक बाइक, दो आधार कार्ड, टोल की रसीद
खास बात
2.2 करोड़ रुपये कीमत है बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में
04 साल से कर रहे थे एनसीआर और पंजाब में चरस की सप्लाई
- मथुरा से नेपाल में टैंकर में भरकर ले जाते थे एलपीजी गैस
- काठमांडू नेपाल में गैस खाली कर वहां से भरकर लाते थे टैंकर में चरस
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मेरठ। एसटीएफ मेरठ ने नेपाल से लाई जा रही 202 किलो 500 ग्राम चरस के दौरान तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। जो एलपीजी के टैंकर में छिपाकर लाई जा रही थी। इस मादक पदार्थ की सप्लाई एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों के अलावा पंजाब और हरियाणा में की जाती थी। एसपी एसटीएफ के अनुसार बरामद चरस की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 2.2 करोड़ रुपये है।
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) मेरठ के एसपी आलोक प्रियदर्शी के अनुसार लगातार सूचना मिल रही थी कि एनसीआर और वेस्ट यूपी के जिलों में मादक पदार्थ को तस्करी कर सप्लाई किया जा रहा है। एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक ने तस्करों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें लगाई थी। शनिवार रात इंस्पेक्टर एसटीएफ धर्मेंद्र यादव को खबर मिली थी कि गढ़ रोड पर एलपीजी के टैंकर यूपी 17-एटी- 0216 में मादक पदार्थों की खेप लाई जा रही है। जिस पर केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम के साथ गढ़ रोड पर टीमें चेकिंग के लिए लगा दी गईं थीं।
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केबिन में भरी मिली चरस
एसपी के अनुसार मेडिकल थाना क्षेत्र में गढ़ रोड पर सिल्वर क्रॉस अस्पताल के सामने टीम ने एलपीजी के टैंकर को रोका। इस बीच सामने से एक बाइक सवार युवक भी वहां पहुंच गया। जो टैकर में सवार लोगों से बात करने लगा। इस बीच टीम ने घेराबंदी कर टैंकर की तलाशी ली तो टैंकर के केबिन में कपड़ों के नीचे बोरे पड़े मिले। जिसमें चरस भरी हुई थी।
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मथुरा से नेपाल फिर एनसीआर
मौके से तीन तस्कर प्रकाश सिंह उर्फ कमलेश पुत्र जयचंद निवासी कनेड़ तहसील व थाना धर्मशाला, जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश, रवि कुमार पुत्र अजब सिंह गांव नाला थाना कांधला जिला शामली और विंध्याचल पाल पुत्र शंकर निवासी भाभटा थाना नरकटियागंज जिला चंपारन, बिहार को दबोचा गया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे करीब चार साल से नेपाल के नारायण घाट से गैस टैंकर से चरस की तस्करी कर रहे थे। आरोपी प्रकाश ने बताया कि नेपाल निवासी नजीर हर बार नेपाल से ही उसके साथ अपने साथी को भेजता है। जो इस टैंकर में मथुरा से गैस भरवाकर नेपाल चला जाता है। जहां काठमांडू नेपाल में गैस खाली कर टैंकर में चरस भर दी जाती है। इस बार नजीर ने नेपाल से विंध्याचल पाल को भेजा था।
हवाला से करते थे भुगतान
आरोपी रवि ने बताया कि वह चरस का भुगतान हवाला के माध्यम से नेपाल में करता है। जिसके बाद चरस को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, शामली, बुलंदशहर, हापुड़, गाजियाबाद, सहारनपुर, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में करीब 4-5 साल से कर रहे थे।
यह गैंग अकेला नहीं
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि केवल उनका गैंग ही मादक पदार्थों की तस्करी नहीं करता। बल्कि अन्य ट्रक चालक भी इसी तरह नेपाल से चोरी छिपे चरस लाकर वेस्ट यूपी में सप्लाई करते हैं।
यह हुई बरामदगी
पैकेटों में पैक 202 किलो पांच सौ ग्राम चरस। एक-एक पैकेट एक किलो और आधा किलो का। एलपीजी टैंकर, चार हजार रुपये, तीन मोबाइल फोन, एक बाइक, दो आधार कार्ड, टोल की रसीद
खास बात
2.2 करोड़ रुपये कीमत है बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में
04 साल से कर रहे थे एनसीआर और पंजाब में चरस की सप्लाई
- मथुरा से नेपाल में टैंकर में भरकर ले जाते थे एलपीजी गैस
- काठमांडू नेपाल में गैस खाली कर वहां से भरकर लाते थे टैंकर में चरस