{"_id":"5c1d587fbdec2256e90e08a4","slug":"181545427071-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिवाल खास में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में रोष, ग्रामीणों ने एक दरोगा का कई घंटे एक मकान में बन्द रखा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सिवाल खास में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में रोष, ग्रामीणों ने एक दरोगा का कई घंटे एक मकान में बन्द रखा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चौकी प्रभारी पर ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
थाना प्रभारी और चेयरमैन पति की सूझबूझ से टला बड़ा बवाल
जानीखुर्द। थाना क्षेत्र की सिवालखास चौकी प्रभारी पर अभद्रता सहित अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। बवाल उस समय ज्यादा बढ़ गया, जब आक्रोशित भीड़ के बीच आरोपी दरोगा भी पहुंच गया। दरोगा को चेयरमैन के घर में बंद कर किसी तरह थाना प्रभारी और चेयरमैन पति ने भीड़ को समझाबुझाकर शांत किया।
एक सप्ताह पूर्व लालकुर्ती थानें से ट्रांसफर होकर दरोगा धनवीर को जानी थाना की सिवाल खास चौकी का प्रभारी बनाया गया। पांच माह पूर्व भी धनवीर को गंभीर आरोपों चलते सिवाल चौकी के प्रभारी पद से हटाया गया था। लेकिन अधिकारियों ने फिर से दरोगा की तैनाती वहीं पर कर दी।
ग्रामीणों के अनुसार सिवाल चौकी का चार्ज लेते ही दरोगा धनवीर ने ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया। दो तीन दिन से दरोगा कस्बे में कहीं भी चेकिंग करने के नाम पर ग्रामीणों के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार कर रहा था। जिसके चलते ग्रामीणों में आक्रोश फैला हुआ था। शुक्रवार दोपहर बूढ़ा पीर के पास दरोगा धनवीर दो सिपाहियों के साथ बाइकों की चैकिंग कर रहा था। आरोप है कि इस दौरान पास ही में मौजूद मस्जिद में नमाज पढ़ने जा रहे नमाजियों से गाली गलौच करते हुए दरोगा उनके पीछे डंडा लेकर दौड़ लिया। जिससे नमाजियों में भगदड़ मच गई। इसमें कई व्यक्तियों को गिरने से चोट लग गई।
विज्ञापन
घटना की जानकारी थोड़ी ही देर में पूरे कस्बे में फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीणों मौके पर जमा होने लगे। भीड़ बढ़ते देख पुलिस मौके से चली गई। मामले की जानकारी मिलने पर जानी थाना प्रभारी रजनेश कुमार तिवारी मौके पर पहुंचे और भीड़ को समझाते हुए चेयरमैन के आवास पर गणमान्य व्यक्तियों से बातचीत करने लगे। इस दौरान भीड़ भी वहां पहुंच गई।
वार्ता के दौरान आरोपी दरोगा धनवीर भी मौके पर आ गया। भीड़ दरोगा को देखकर बेकाबू हो गई और गाली गलौच करने लगी। माहौल तनाव पूर्ण होता देखकर चेयरमैन पति गुलजार और थाना प्रभारी रजनेश कुमार तिवारी ने दरोगा धनवीर को एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद भी भीड़ हंगामा करती रही। करीब दो घंटे तक भीड़ के बीच दरोगा चेयरमैन के घर में बंद रहा। इस दौरान भीड़ ने जानी थाना प्रभारी के सामने दरोगा पर कई गंभीर आरोप लगाए।
जानी थाना प्रभारी द्वारा ग्रामीणों को पूरे मामले से उच्चाधिकारियों से अवगत कराने और दरोगा को शीघ्र ही चौकी से हटाने का आश्वासन दिया गया। जिसके बाद भीड़ शांत हुई। वहीं पूरे मामले पर दरोगा धनवीर का कहना है कि वाहन चेकिंग के दौरान बिना कागजों के पकड़े गए कुछ युवकों के वाहन छोड़ने का उन पर दबाव बनाया जा रहा था, जिससे न मानने पर यह हंगामा हुआ है। जानी थाना प्रभारी रजनेश कुमार तिवारी के अनुसार पूरी घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। वहीं ग्रामीणों कहना है कि अगर दो दिनों में दारोगा को नहीं हटाया गया तो एसएसपी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे।
विज्ञापन
थाना प्रभारी और चेयरमैन पति की सूझबूझ से टला बड़ा बवाल
जानीखुर्द। थाना क्षेत्र की सिवालखास चौकी प्रभारी पर अभद्रता सहित अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। बवाल उस समय ज्यादा बढ़ गया, जब आक्रोशित भीड़ के बीच आरोपी दरोगा भी पहुंच गया। दरोगा को चेयरमैन के घर में बंद कर किसी तरह थाना प्रभारी और चेयरमैन पति ने भीड़ को समझाबुझाकर शांत किया।
एक सप्ताह पूर्व लालकुर्ती थानें से ट्रांसफर होकर दरोगा धनवीर को जानी थाना की सिवाल खास चौकी का प्रभारी बनाया गया। पांच माह पूर्व भी धनवीर को गंभीर आरोपों चलते सिवाल चौकी के प्रभारी पद से हटाया गया था। लेकिन अधिकारियों ने फिर से दरोगा की तैनाती वहीं पर कर दी।
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार सिवाल चौकी का चार्ज लेते ही दरोगा धनवीर ने ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया। दो तीन दिन से दरोगा कस्बे में कहीं भी चेकिंग करने के नाम पर ग्रामीणों के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार कर रहा था। जिसके चलते ग्रामीणों में आक्रोश फैला हुआ था। शुक्रवार दोपहर बूढ़ा पीर के पास दरोगा धनवीर दो सिपाहियों के साथ बाइकों की चैकिंग कर रहा था। आरोप है कि इस दौरान पास ही में मौजूद मस्जिद में नमाज पढ़ने जा रहे नमाजियों से गाली गलौच करते हुए दरोगा उनके पीछे डंडा लेकर दौड़ लिया। जिससे नमाजियों में भगदड़ मच गई। इसमें कई व्यक्तियों को गिरने से चोट लग गई।
विज्ञापन
घटना की जानकारी थोड़ी ही देर में पूरे कस्बे में फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीणों मौके पर जमा होने लगे। भीड़ बढ़ते देख पुलिस मौके से चली गई। मामले की जानकारी मिलने पर जानी थाना प्रभारी रजनेश कुमार तिवारी मौके पर पहुंचे और भीड़ को समझाते हुए चेयरमैन के आवास पर गणमान्य व्यक्तियों से बातचीत करने लगे। इस दौरान भीड़ भी वहां पहुंच गई।
वार्ता के दौरान आरोपी दरोगा धनवीर भी मौके पर आ गया। भीड़ दरोगा को देखकर बेकाबू हो गई और गाली गलौच करने लगी। माहौल तनाव पूर्ण होता देखकर चेयरमैन पति गुलजार और थाना प्रभारी रजनेश कुमार तिवारी ने दरोगा धनवीर को एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद भी भीड़ हंगामा करती रही। करीब दो घंटे तक भीड़ के बीच दरोगा चेयरमैन के घर में बंद रहा। इस दौरान भीड़ ने जानी थाना प्रभारी के सामने दरोगा पर कई गंभीर आरोप लगाए।
जानी थाना प्रभारी द्वारा ग्रामीणों को पूरे मामले से उच्चाधिकारियों से अवगत कराने और दरोगा को शीघ्र ही चौकी से हटाने का आश्वासन दिया गया। जिसके बाद भीड़ शांत हुई। वहीं पूरे मामले पर दरोगा धनवीर का कहना है कि वाहन चेकिंग के दौरान बिना कागजों के पकड़े गए कुछ युवकों के वाहन छोड़ने का उन पर दबाव बनाया जा रहा था, जिससे न मानने पर यह हंगामा हुआ है। जानी थाना प्रभारी रजनेश कुमार तिवारी के अनुसार पूरी घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। वहीं ग्रामीणों कहना है कि अगर दो दिनों में दारोगा को नहीं हटाया गया तो एसएसपी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे।