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खादर की भूमि माफियाओं के लिए मुफीद, विभीषणों के सामने प्रशासन नतमस्तक

Sun, 10 Feb 2019 01:59 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 10 Feb 2019 01:59 AM IST
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खादर की भूमि माफियाओं के लिए मुफीद, विभीषणों के सामने प्रशासन नतमस्तक
अवैध शराब की तस्करी के साथ-साथ भूमि पर कब्जा कर जबरन फसल उगाने व रेत खनन के लिए भी खादर क्षेत्र बदनाम
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खादर में कई बार चलाया अभियान, हर बार तोड़ी गई भट्ठियां, नहीं हत्थे चढ़े माफिया
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। खादर क्षेत्र की भूमि माफिया को रास आ रही है। खादर क्षेत्र में भूमि पर कब्जा कर गन्ना, गेहूं, तरबूज, खरबूजा आदि की फसल उगाकर हर वर्ष लाखों के न्यारे वारे कर रहे हैं। वहीं, विभीषण पुलिस एवं प्रशासन के लिए चुनौती बने हैं। जिस कारण माफिया हर बार पुलिस पकड़ से आसानी से बच निकलने में कामयाब हो जाते हैं।
शराब का कारोबार
खादर क्षेत्र कच्ची शराब बनाए जाने के लिए बदनाम है। सबसे अहम बात यह है कि यहां बनने वाली शराब मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर एवं गढ़मुक्तेश्वर तक भेजी जाती है। पुलिस ने हस्तिनापुर, परीक्षितगढ़ एवं मवाना क्षेत्र अंर्तगत खादर में कई बार अभियान चलाया। हालांकि यह अभियान सिर्फ भट्ठियां तोड़ने तक सीमित रहा। हालांकि कोई माफिया पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका।
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रेत का खनन
खादर क्षेत्र से सटे मखदूमपुर गंगा घाट पर हर वर्ष जिला पंचायत मेले का आयोजन करता है। यह पांच दिवसीय मेला रेत खनन माफिया के लिए लाखों-करोड़ों का बिजनेस लेकर आता है। मेले की आड़ में प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खनन कर रेत भरकर लेकर आती हैं परंतु पुलिस एवं प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है। इस वर्ष भी खनन माफिया की चांदी रही।
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गन्ना माफिया
खादर में सरकार की हजारों हेक्टेयर भूमि है। जिस पर हर वर्ष माफिया कब्जा कर गन्ने की फसल उगाते हैं। इन माफिया ने फर्जी तरीके से बांड बनवा रखे थे और मध्यम वर्ग के किसानों का हक मारकर मिल में गन्ना सप्लाई करते थे। हालांकि इस बार गन्ना विभाग ने सख्ती दिखाते हुए माफिया के बांड बंद कर दिए। इसके बावजूद माफिया ने कोल्हू पर गन्ना डालकर लाखों के न्यारे वारे किए।
गेहूं की फसल
गन्ना कोल्हू व मिल में डालने के बाद माफिया यहां बड़े पैमाने पर गेहूं की फसल उगाते हैं। पहले तो प्रशासन माफिया की रसीद काटकर जुर्माने के तौर पर राजस्व की वसूली करता था। पूर्व में एक एसडीएम को बंधक बनाने के बाद से वसूली बंद कर दी गई। जिस कारण धड़ल्ले से आज भी सरकारी जमीन पर खेती की जा रही है।
तरबूज व खरबूजे की खेती
मखदूमपुर गंगा घाट पर रेत के मैदान में बड़े पैमाने पर गर्मियों का तोहफा कहे जाने वाले तरबूज व खरबूजे की खेती की जाती है। इसके लिए माफिया यहां तरबूज व खरबूजे की खेती करने वाले किसानों को रुपये लेकर पलेज लगवाते हैं। यहां तैयार खरबूजे व तरबूज के फल आसपास के जिलों में भी सप्लाई किए जाते हैं।

माफियां के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाता है। कई बार सरकारी जमीन पर खड़ी फसलों पर ट्रैक्टर चलवाकर नष्ट किया गया। आगे भी अभियान चलाया जाएगा।-अंकुर श्रीवास्तव, एसडीएम मवाना
शराब माफिया के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा। उन्हें जल्द गिरफ्तार कर अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाई जाएगी।-पंकज कुमार, सीओ मवाना
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