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पीएनबी से करोड़ों की चोरी का मामला-Cordination

Thu, 15 Jun 2017 05:15 PM IST
Updated Thu, 15 Jun 2017 05:15 PM IST
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पीएनबी से करोड़ों की चोरी का मामला-Cordination
तीन साल से विवादित भवन में चल रहा है बैंक
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पीएनबी की जिस कपड़ा मिल शाखा से तीन दिन पूर्व चोर करोड़ों की ज्वैलरी और कैश चोरी करके ले गए थे, वह बैंक विवादित भवन में चल रहा है। तीन वर्ष पूर्व मोदी प्रबंधन ने बैंक के हेड ऑफिस को भवन खाली करने का नोटिस जारी किया था। मामला अभी गाजियाबाद न्यायालय में विचाराधीन है।
बता दें की मोदी घराने ने मोदीनगर में फैक्ट्रियों लगाने के साथ उन फैक्ट्रियों में कार्यरत कर्मचारियों व स्टाफ के लिए आवासीय कालोनियों का भी निर्माण कराया था। साथ ही कुछ सरकारी व निजी संस्थाओं को मामूली किराए पर अपने हित के लिए भवन दिए थे।
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कपड़ा मिल शाखा का भी ऐसे ही एक भवन में चल रही है। इधर, कुछ अरसे पहले मोदी घराने की एक के बाद एक मिलें बंद होने लगीं। मिल बंद होने के बाद मोदी ग्रुप ने वर्ष 2013 में कपड़ा मिल की पीएनबी शाखा को भवन खाली करने को नोटिस जारी किया था लेकिन बैंक ने भवन खाली नहीं किया। इस संबंध में डीके मोदी ग्रुप के प्रबंधक राजीव सक्सेना का कहना है कि भवन खाली कराने का मामला गाजियाबाद न्यायालय में विचाराधीन है।
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पुलिस जांच में सामने आया है कि बैंक शाखा आरबीआई के कई मानकों को ताक पर रखकर चल रही है। मानकों के अनुसार बैंक में 360 डिग्री रिवॉल्विंग सीसीटीवी कैमरे होने चाहिए जो बैंक में नहीं हैं।

लॉकर रूम की दीवार किसी अन्य संस्थान अथवा किसी और की संपत्ति से नहीं जुड़ी होनी चाहिए। बैंक के बीच में लॉकर रूम होना चाहिए। बैंक पर 24 घंटे गनमैन तैनात होना चाहिए मगर यहां गार्ड तक तैनात नहीं था।


नाइट अलार्म हमेशा दुरुस्त होना चाहिए मगर चोरी के दौरान नाइट अलार्म ने भी काम नहीं किया। हालांकि बैंक मैनेजर अशोक श्रीवास्तव का कहना है कि ब्रांच साल 1971 से चल रही है और तब के मानकों के अनुरूप है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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