{"_id":"5b77315b42c79246570410d3","slug":"15345380651712-sardana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ के सीनीयर ऑडिटर के घर धमकी भरा पत्र भेजकर मांगी 12 लाख की रंगदारी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ के सीनीयर ऑडिटर के घर धमकी भरा पत्र भेजकर मांगी 12 लाख की रंगदारी
Updated Sat, 18 Aug 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरधना/मेरठ। संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ कार्यालय में तैनात सीनियर ऑडिटर से 12 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई है। रक्षाबंधन तक रंगदारी नहीं देने पर परिजनों को लाश उठाकर ले जाने की धमकी दी गई है। इस पर पुलिस की घेराबंदी के बावजूद बदमाश बैग उठाकर ले गए। वहीं, एसटीएफ और क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है।
अलीपुर गांव निवासी पंकज पुत्र हरि सिंह मेरठ में शिक्षा विभाग में संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में सीनियर ऑडिटर हैं। वहीं, पंकज की पत्नी अनिता एवं एक भाई बागपत के बिनौली क्षेत्र के स्कूल में कार्यरत हैं। वहीं, दूसरा भाई नोएडा में ही शिक्षा विभाग में कार्यरत है। परिवार के अन्य लोग गांव में खेती करते हैं। पंकज ने बताया कि बीती 29 जुलाई को उनके घर पर धमकी भरा पत्र पड़ा मिला। उसमें लिखा था कि तुम्हारे परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद अच्छी है। 12 लाख रुपये भिजवा देना तुम्हारे सभी सदस्यों की पूरी जानकारी हमारे पास है। कौन घर से किस समय ड्यूटी पर जाता है और कौन कहां काम करता है। यदि रकम का इंतजाम नहीं किया तो रक्षाबंधन तक लाश उठाकर ले जाना। लाश कहां पड़ी यह भी बता दिया जायेगा। पंकज ने इस धमकी भरे पत्र के बारे में किसी को भनक नहीं लगने दी और पुलिस से संपर्क किया। इस मामले की जांच में पुलिस एवं एसटीएफ जुट गई है। बीती 13 अगस्त को फिर से धमकी भरा पत्र आया। जिसमें कहा कि होशियारी मत दिखाना। पुलिस को जानकारी नहीं देनी है। उसमें यह भी लिखा था कि 16 अगस्त की शाम करीब पांच बजे टेहरकी मोड़ स्थित एक खेत में रुपयों से भरा बैग रखकर चले आना। इस बाबत किसी को कुछ नहीं बताना नहीं तो अंजाम बुुरा होगा। दूसरा धमकी भरा पत्र मिलने पर पंकज का परिवार भयभीत हो गया। उसने फिर से पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों से संपर्क साधा। इस पर बदमाशों को बेहद गोपनीय तरीके से पकड़ने की योजना बनाई गई। जिस जगह नोटों से भरा बैग रखने को कहा था वहां चारों तरफ सादी वर्दी में पुलिस एवं एसटीएफ के करीब तीस पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी की। परिजन बताए स्थान पर खाली बैग रख आये। उस जगह पर एसटीएफ को कोई हलचल नहीं दिखाई दी। इसके बाद परिजन एवं पुलिसकर्मी उक्त जगह पर पहुंचे तो वहां से बैग गायब था। इसका मतलब साफ है कि यदि उस जगह नोटों से भरा बैग रख दिया जाता तो बदमाश उसे ले जाने में कामयाब हो जाते और पुलिस हाथ मलती रह जाती। इस घटना के बाद पुलिस ने एसटीएफ के साथ मिलकर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में अलीपुर से दो युवकों को हिरासत में लिया है। इंस्पेक्टर दिलीप सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, जल्द ही केस का खुलासा कर दिया जाएगा।
कोट
पुलिस ने रंगदारी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें लगी हैं। जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।- राजेश कुमार, एसपी देहात
मुख्य बातें
16 अगस्त की शाम को टेहरकी के जंगल में पुलिस एवं एसटीएफ को चकमा देकर बदमाश फरार
टेहरकी मोड़ पर बैग में मंगवाए थे 12 लाख रुपये, बदमाशों के हाथ लगा खाली बैग
रक्षाबंधन तक का बदमाशों ने दिया था समय
विज्ञापन
अलीपुर गांव निवासी पंकज पुत्र हरि सिंह मेरठ में शिक्षा विभाग में संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में सीनियर ऑडिटर हैं। वहीं, पंकज की पत्नी अनिता एवं एक भाई बागपत के बिनौली क्षेत्र के स्कूल में कार्यरत हैं। वहीं, दूसरा भाई नोएडा में ही शिक्षा विभाग में कार्यरत है। परिवार के अन्य लोग गांव में खेती करते हैं। पंकज ने बताया कि बीती 29 जुलाई को उनके घर पर धमकी भरा पत्र पड़ा मिला। उसमें लिखा था कि तुम्हारे परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद अच्छी है। 12 लाख रुपये भिजवा देना तुम्हारे सभी सदस्यों की पूरी जानकारी हमारे पास है। कौन घर से किस समय ड्यूटी पर जाता है और कौन कहां काम करता है। यदि रकम का इंतजाम नहीं किया तो रक्षाबंधन तक लाश उठाकर ले जाना। लाश कहां पड़ी यह भी बता दिया जायेगा। पंकज ने इस धमकी भरे पत्र के बारे में किसी को भनक नहीं लगने दी और पुलिस से संपर्क किया। इस मामले की जांच में पुलिस एवं एसटीएफ जुट गई है। बीती 13 अगस्त को फिर से धमकी भरा पत्र आया। जिसमें कहा कि होशियारी मत दिखाना। पुलिस को जानकारी नहीं देनी है। उसमें यह भी लिखा था कि 16 अगस्त की शाम करीब पांच बजे टेहरकी मोड़ स्थित एक खेत में रुपयों से भरा बैग रखकर चले आना। इस बाबत किसी को कुछ नहीं बताना नहीं तो अंजाम बुुरा होगा। दूसरा धमकी भरा पत्र मिलने पर पंकज का परिवार भयभीत हो गया। उसने फिर से पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों से संपर्क साधा। इस पर बदमाशों को बेहद गोपनीय तरीके से पकड़ने की योजना बनाई गई। जिस जगह नोटों से भरा बैग रखने को कहा था वहां चारों तरफ सादी वर्दी में पुलिस एवं एसटीएफ के करीब तीस पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी की। परिजन बताए स्थान पर खाली बैग रख आये। उस जगह पर एसटीएफ को कोई हलचल नहीं दिखाई दी। इसके बाद परिजन एवं पुलिसकर्मी उक्त जगह पर पहुंचे तो वहां से बैग गायब था। इसका मतलब साफ है कि यदि उस जगह नोटों से भरा बैग रख दिया जाता तो बदमाश उसे ले जाने में कामयाब हो जाते और पुलिस हाथ मलती रह जाती। इस घटना के बाद पुलिस ने एसटीएफ के साथ मिलकर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में अलीपुर से दो युवकों को हिरासत में लिया है। इंस्पेक्टर दिलीप सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, जल्द ही केस का खुलासा कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
कोट
पुलिस ने रंगदारी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें लगी हैं। जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।- राजेश कुमार, एसपी देहात
मुख्य बातें
16 अगस्त की शाम को टेहरकी के जंगल में पुलिस एवं एसटीएफ को चकमा देकर बदमाश फरार
टेहरकी मोड़ पर बैग में मंगवाए थे 12 लाख रुपये, बदमाशों के हाथ लगा खाली बैग
रक्षाबंधन तक का बदमाशों ने दिया था समय