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कचहरी की खबरें
Updated Wed, 14 Jun 2017 09:35 PM IST
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मेरठ। दहेज हत्या के मुकदमे में अपर जिला जज एवं त्वरित न्यायालय सूबेदार सिंह ने विवाहिता के पति, ससुर और जेठ को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा से से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना की रिपोर्ट वादी नरेंद्र कुमार ने थाना मवाना में 18 जनवरी 2012 को दर्ज करायी थी। जिसके अनुसार उन्होंने पुत्री राधा की शादी करीब डेढ़ वर्ष पूर्व विकास पुत्र रघुवीर के साथ की थी। शादी में दिए गए दान दहेज से पति विकास, ससुर रघुवीर और जेठ विजयपाल निवासी ग्राम अटौरा जिजमाना थाना मवाना, मेरठ खुश नही थे। दहेज में 50 हजार रुपये और बाइक की मांग को लेकर राधा का उत्पीड़न करते थे। मांग पूरी न होने पर राधा की जहर देकर हत्या कर दी गई। मुकदमे में तीनों आरोपियों को नामजद किया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता विरेश त्यागी व वादी के अधिवक्ता विशाल भारती शर्मा ने वादी सहित नौ गवाह न्यायालय में पेश किए। जिनके बयानों के आधार पर अपर जिला जज सूबेदार सिंह ने तीनों आरोपियों को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतने का भी आदेश दिया है।
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- मवाना थाना क्षेत्र में पांच साल पहले हुई थी घटना
- एडीजे एफटीसी ने हत्यारों पर अर्थदंड भी लगाया
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अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना की रिपोर्ट वादी नरेंद्र कुमार ने थाना मवाना में 18 जनवरी 2012 को दर्ज करायी थी। जिसके अनुसार उन्होंने पुत्री राधा की शादी करीब डेढ़ वर्ष पूर्व विकास पुत्र रघुवीर के साथ की थी। शादी में दिए गए दान दहेज से पति विकास, ससुर रघुवीर और जेठ विजयपाल निवासी ग्राम अटौरा जिजमाना थाना मवाना, मेरठ खुश नही थे। दहेज में 50 हजार रुपये और बाइक की मांग को लेकर राधा का उत्पीड़न करते थे। मांग पूरी न होने पर राधा की जहर देकर हत्या कर दी गई। मुकदमे में तीनों आरोपियों को नामजद किया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की।
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता विरेश त्यागी व वादी के अधिवक्ता विशाल भारती शर्मा ने वादी सहित नौ गवाह न्यायालय में पेश किए। जिनके बयानों के आधार पर अपर जिला जज सूबेदार सिंह ने तीनों आरोपियों को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतने का भी आदेश दिया है।
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- मवाना थाना क्षेत्र में पांच साल पहले हुई थी घटना
- एडीजे एफटीसी ने हत्यारों पर अर्थदंड भी लगाया