फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   पैस्टीसाइट बना रही कंपनी पर छापा, कई नामचीज कंपनी की नकली दवा बनती मिली

पैस्टीसाइट बना रही कंपनी पर छापा, कई नामचीज कंपनी की नकली दवा बनती मिली

Sat, 19 Aug 2017 02:27 AM IST
Updated Sat, 19 Aug 2017 02:27 AM IST
विज्ञापन
पैस्टीसाइट बना रही कंपनी पर छापा, कई नामचीज कंपनी की नकली दवा बनती मिली
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

खरखौदा(मेरठ)।
सीओ किठौर के नेतृत्व में शुक्रवार को धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में एक ब्रांडेड कंपनी की शिकायत पर पेस्टीसाइड बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारा। यहां से नगदी, दवा एवं कच्चा माल जब्त किया। इस मामले में कंपनी ने तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
यूएसए की गुजरात के साबली में डियूपोंट दवा कंपनी है। कपंनी कोराजन, फरटेरा एवं अन्य कीटनाशक तैयार करती है। कंपनी को जानकारी मिली कि धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में उनकी कपंनी के नाम से नकली पेस्टीसाइड तैयार किया जा रहा है। कंपनी के गुड़गांव स्थित हैड आफिस की ओर से करीब पंद्रह दिन पहले जांच के लिए एक कर्मचारी धीरखेड़ा भेजा गया। उसने यहां एमवैक एग्री साइंस नाम से पेस्टीसाइड बना रही कंपनी से डियूपोंट कंपनी के कई पेस्टीसाइड खरीदे। इनकी जांच कराई गई। शुक्रवार को कंपनी के टीम लीडर कमल सिंह एवं सीनियर मैनेजर संजय शर्मा धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र पहुंचे तथा खरखौदा पुलिस से नकली दवा बनाने की शिकायत की। इस पर सीओ किठौर पंकज कुमार, इंस्पेक्टर खरखौदा एवं एसओ मुंडाली पुलिस बल के साथ फैक्ट्री पहुंचे। पुलिस ने पहले धीरखेड़ा स्थित कैनरा बैंक के निकट रूपेश पुत्र जन्म सिंह के मकान में बने गोदाम पर छापा मारा। यहां धीरखेड़ा निवासी शौपाल पुत्र महेश को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस एमवैक फैक्ट्री पहुंची। यहां से टीम ने डियूपोंट कपंनी की कोराजन की 112 शीशी, फरटेरा के 4 किलोग्राम पैकिंग के 24 पैकेट, सीटीआरपी 50 लीटर, फरटेरा बनाने का कच्चा माल 250 किलो, एक सीलिंग मशीन, कालिया की 40 शीशी, रिजेंट बायर कपंनी के 15 पैकेट सहित गोदाम से भारी मात्रा में नकली दवा बरामद की। पुलिस ने एमवैक फैक्ट्री के सुपरवाइजर विकास गुप्ता पुत्र हरीश गुप्ता निवासी हापुड़ को हिरासत में ले लिया। उन्होंने बताया कि यह नकली दवा बनाने का कारोबार शौपाल का बड़ा भाई नीटू कर रहा है। डियूपोंट कपंनी के टीम लीडर ने शौपाल, विकास गुप्ता और नीटू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस मामले में इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि छापेमारी के दौरान नकली दवा मिली। वहीं, दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है तथा एक अभी फरार है।
विज्ञापन

नहीं खरीद सकता कोई भी सीटीपीआर
कपंनी के टीम लीडर ने बताया कि सीटीपीआर केमिकल हैवी पेस्टीसाइट बनाने में प्रयोग किया जाता है। इसकी मार्केट वैल्यू करीब 2000 रुपये प्रति लीटर है। इसे केवल डियूपोंट कपंनी ही जर्मनी से मंगाती है। इस कपंनी में सीटीपीआर कहां से मंगवाया जा रहा है यह जांच का विषय है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्य बातें
धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में बनाया जा रहा था नकली पेस्टीसाइड
पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया, एक आरोपी फरार
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed