फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   कबाड़ी बाजार मामले में आज होगी सुनवाई

कबाड़ी बाजार मामले में आज होगी सुनवाई

Tue, 30 Apr 2019 02:47 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 30 Apr 2019 02:47 AM IST
विज्ञापन
कबाड़ी बाजार मामले में आज होगी सुनवाई
सभी केंद्र
विज्ञापन

- प्रशासन के नोटिस के बाद भवन मालिकों के लिए खुला कोर्ट जाने का रास्ता
- पुलिस-प्रशासन मांग रहा है कोर्ट से कार्रवाई के लिए दो माह का समय
- आज सुनवाई के बाद तय होगा कोर्ट का रुख
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। कबाड़ी बाजार में चल रहे कोठों को लेकर आज हाईकोर्ट में दोबारा सुनवाई होगी। हाईकोर्ट के रुख के बाद अब आगे की कार्रवाई भी तय होगी। लेकिन इस पूरे प्रकरण में पुलिस-प्रशासन द्वारा जारी नोटिस को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। क्योंकि इस नोटिस के आधार पर भवन मालिक कोठा संचालिकाओं से मिलकर अब कोर्ट जाने की तैयारी में लग गए हैं।
कबाड़ी बाजार के रेड लाइट एरिया में कोठों पर देह व्यापार चलने की शिकायतों पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर हुई थी। जिस पर 26 अप्रैल को सुनवाई के दौरान पुलिस-प्रशासन की काफी किरकिरी हुई थी। क्योंकि सीएमओ और पुलिस की रिपोर्ट में विरोधाभास था। सीएमओ की रिपोर्ट जहां यहां देह व्यापार होना पुष्ट कर रही है, तो पुलिस इससे इंकार कर रही है। जिस पर हाईकोर्ट के जस्टिस सुधीर अग्रवाल ने सभी को कड़ी फटकार लगाते हुए 30 अप्रैल को जवाब देने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन

इस मामले में शनिवार शाम पुलिस-प्रशासन ने मिलकर 50 नोटिस जारी किये। लेकिन यह नोटिस कोठा संचालिकाओं के बजाय जिस भवन में कोठे चल रहे हैं, उनके मालिकों को जारी किए गए। यह रिकॉर्ड पुलिस-प्रशासन ने नगर निगम के भवन कर रिकॉर्ड से प्राप्त किया। इन नोटिसों के तामील होने के बाद अब नोटिस प्राप्त करने वाले आधा दर्जन से ज्यादा लोगोें ने हाईकोर्ट का रुख किया है। इस मामले में विधि विशेषज्ञों के अनुसार नोटिस जारी होने के बाद यह मामला फंस सकता है। क्योंकि भवन मालिक इस नोटिस को आधार बनाकर स्टे ले सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

आज होगा रुख तय
हाईकोर्ट में पुलिस विभाग अपना हलफनामा पेश करेगा। इसके बाद कोर्ट के निर्देश पर कोठों को लेकर आगे की कार्रवाई का रुख तय होगा।
कार्रवाई को मांगा दो माह का समय
कोर्ट ने लापरवाह और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया था। लेकिन पुलिस-प्रशासन की तरफ से इस कार्रवाई के लिए सोमवार को दाखिल आवेदन में दो माह का समय मांगा गया है। सूत्रों के अनुसार जिला उद्धार अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों पर इस मामले में गाज गिर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed