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सीसीटीवी फुटेज के सहारे आरोपियो पर शिकंजा कसने की तैयारी
Updated Sat, 04 Nov 2017 02:42 AM IST
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सीसीटीवी फुटेज के सहारे आरोपियों पर शिकंजे की तैयारी
मेरठ। नवजीत हत्याकांड में पुलिस वारदात के वक्त आरोपियों की मौजूदगी के सुबूत जुटा रही है। वारदात से पहले की एक सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस इस बात की तस्दीक कर रही है कि घटना वाले दिन कौन-कौन लोग वहां जमा हुए थे।
बृहस्पतिवार को पुलिस ने मुख्य हत्यारोपी मानव के दोस्त विभोर और हिमांशु को गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया था। पुलिस को मोहल्ले के सीसीटीवी कैमरों से एक फुटेज मिली है, जिनमें वारदात से पहले का एक फुटेज भी शामिल है। सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया ने बताया एक कैमरे में घटना से पहले कुछ आरोपी गली से गुजरते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि ये साफ नहीं है। संभवत: ये लोग अचल के घर जा रहे थे। पुलिस अब इसी फुटेज को आधार बनाकर इस केस में और गिरफ्तारी भी कर सकती है।
तीन आरोपियों पर नजर
सीओ के अनुसार इस केस में मानव, प्रवीण, इलू, विभोर, अभिनव और गौरव को परिजनों ने नामजद कराया था, जबकि अभिषेक, बंटी और हिमांशु के नाम बाद में सामने आए थे। इनमें से अब तक मानव, प्रवीण, विभोर और हिमांशु को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है जबकि पांच जांच के दायरे में हैं। सीओ के अनुसार अभी तक की जांच में अभिनव और गौरव की मौजूदगी स्पष्ट नहीं हुई है। बाकी तीन पर पुलिस जल्द शिकंजा कस सकती है। वहीं पुलिस मान रही है कि अपने बचाव में आरोपी कोर्ट में मजबूत पैरवी करेंगे। गिरफ्तार आरोपी भी कोर्ट में अपने बयान से मुकर सकते हैं। मामला हत्या का है, ऐसे में कोई गवाही के लिए भी आसानी से तैयार नहीं होगा। इसी वजह से पुलिस का प्रयास है कि किसी को आरोपी बनाने से पहले उसके खिलाफ ठोस सुबूत जुटा लिए जाएं।
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नवजीत की अस्थियां गंगा में विसर्जित
गुरु ग्रंथ साहिब के तीन दिन के अखंड पाठ के बाद नवजीत के परिजनों ने बृहस्पतिवार को उसकी अस्थियां हरिद्वार जाकर गंगा में विसर्जित कीं। बहन शैलप्रीत ने बताया कि बृहस्पतिवार को परिवार के कुछ सदस्यों ने एसएसपी मंजिल सैनी से मिलकर इस केस में पुलिस पर कमजोर विवेचना का आरोप लगाया था। उन्होंने घटना से संबंधित कई साक्ष्य भी उन्हें दिखाए थे। एसएसपी की सख्ती के बाद पुलिस ने हिमांशु और विभोर की गिरफ्तारी दिखाई थी।
खास बात
नवजीत हत्याकांड
पुलिस के हाथ लगी वारदात से पहले की एक सीसीटीवी फुटेज
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मेरठ। नवजीत हत्याकांड में पुलिस वारदात के वक्त आरोपियों की मौजूदगी के सुबूत जुटा रही है। वारदात से पहले की एक सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस इस बात की तस्दीक कर रही है कि घटना वाले दिन कौन-कौन लोग वहां जमा हुए थे।
बृहस्पतिवार को पुलिस ने मुख्य हत्यारोपी मानव के दोस्त विभोर और हिमांशु को गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया था। पुलिस को मोहल्ले के सीसीटीवी कैमरों से एक फुटेज मिली है, जिनमें वारदात से पहले का एक फुटेज भी शामिल है। सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया ने बताया एक कैमरे में घटना से पहले कुछ आरोपी गली से गुजरते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि ये साफ नहीं है। संभवत: ये लोग अचल के घर जा रहे थे। पुलिस अब इसी फुटेज को आधार बनाकर इस केस में और गिरफ्तारी भी कर सकती है।
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तीन आरोपियों पर नजर
सीओ के अनुसार इस केस में मानव, प्रवीण, इलू, विभोर, अभिनव और गौरव को परिजनों ने नामजद कराया था, जबकि अभिषेक, बंटी और हिमांशु के नाम बाद में सामने आए थे। इनमें से अब तक मानव, प्रवीण, विभोर और हिमांशु को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है जबकि पांच जांच के दायरे में हैं। सीओ के अनुसार अभी तक की जांच में अभिनव और गौरव की मौजूदगी स्पष्ट नहीं हुई है। बाकी तीन पर पुलिस जल्द शिकंजा कस सकती है। वहीं पुलिस मान रही है कि अपने बचाव में आरोपी कोर्ट में मजबूत पैरवी करेंगे। गिरफ्तार आरोपी भी कोर्ट में अपने बयान से मुकर सकते हैं। मामला हत्या का है, ऐसे में कोई गवाही के लिए भी आसानी से तैयार नहीं होगा। इसी वजह से पुलिस का प्रयास है कि किसी को आरोपी बनाने से पहले उसके खिलाफ ठोस सुबूत जुटा लिए जाएं।
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नवजीत की अस्थियां गंगा में विसर्जित
गुरु ग्रंथ साहिब के तीन दिन के अखंड पाठ के बाद नवजीत के परिजनों ने बृहस्पतिवार को उसकी अस्थियां हरिद्वार जाकर गंगा में विसर्जित कीं। बहन शैलप्रीत ने बताया कि बृहस्पतिवार को परिवार के कुछ सदस्यों ने एसएसपी मंजिल सैनी से मिलकर इस केस में पुलिस पर कमजोर विवेचना का आरोप लगाया था। उन्होंने घटना से संबंधित कई साक्ष्य भी उन्हें दिखाए थे। एसएसपी की सख्ती के बाद पुलिस ने हिमांशु और विभोर की गिरफ्तारी दिखाई थी।
खास बात
नवजीत हत्याकांड
पुलिस के हाथ लगी वारदात से पहले की एक सीसीटीवी फुटेज