फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Coronavirus: patients are not getting better treatment Meerut Medical, now juggling statistics

मेरठ मेडिकल में अव्यवस्थाओं की भरमार.., मरीजों को नहीं मिल रहा बेहतर इलाज, अब आंकड़ों में बाजीगरी

Fri, 05 Jun 2020 06:52 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 05 Jun 2020 06:52 PM IST
विज्ञापन
Coronavirus: patients are not getting better treatment Meerut Medical, now juggling statistics
meerut medical - फोटो : amar ujala
अभी तक आंकड़ों की बाजीगरी जैसे शब्द अमूमन पुलिस विभाग के लिए इस्तेमाल किए जाते थे। लेकिन अब मेरठ का स्वास्थ्य विभाग भी इसमें शामिल हो गया है। इसे लापरवाही कहें या स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की बाजीगरी।
विज्ञापन


चिकित्सा शिक्षा मंत्री के निरीक्षण के बाद पॉजिटिव मिले सात मरीजों को स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार की कोरोना की रिपोर्ट में शामिल ही नहीं किया। मंगलवार रात तक कोरोना के 14 मरीज ही बताते रहे। उसी की रिपोर्ट भी जारी की। लेकिन उसमें न तो ब्रह्मपुरी की मृतका का उल्लेख किया न ही इमरजेंसी में मिले कोरोना के छह मरीजों का। 
विज्ञापन


हालांकि सीएमओ ने मंगलवार देर रात कोरोना से 28वीं मौत और इमरजेंसी में मिले कोरोना के 6 मरीजों की पुष्टि कर दी थी। लेकिन उन्हें रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया। मेडिकल सूत्रों का कहना है कि इमरजेंसी के मरीजों की रिपोर्ट की जानकारी तो मंगलवार को दिन में ही स्वास्थ्य विभाग को दे दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, इस संबंध में सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि रिपोर्ट देर से आई, इसलिए रिपोर्ट को अपडेट नहीं किया जा सका। बुधवार की रिपोर्ट में उन्हें जोड़ दिया गया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को कुल 21 मरीज मिले थे, जिनमें से एक की मौत हो गई थी।

सीएमओ के अनुसार मंगलवार को मेडिकल की इमरजेंसी में भर्ती 6 मरीज कोरोना पॉजिटिव आए थे। इनमें से तीन मरीज उस समय कोरोना संदिग्ध वार्ड में भर्ती थे, जब चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना सोमवार को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी का निरीक्षण कर रहे थे।

इनमें से दो का मंत्री ने हाल भी पूछा था। इससे मेडिकल अस्पताल में हड़कंप मच गया था। हालांकि मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसके गर्ग और सीएमओ का कहना था कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने मास्क लगाया हुआ था और वह मरीजों से काफी दूर थे, जो सुरक्षित तरीका है।

मेडिकल में हैं अव्यवस्थाएं.. नहीं मिल रहा बेहतर इलाज
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज कराने वाले अधिकांश लोगों या उनके परिजनों का अनुभव अच्छा नहीं रहा है। बीमार लोग मेडिकल में भर्ती होने से कतरा रहे हैं। हरिनगर ब्रह्मपुरी निवासी वृद्धा  के परिजनों का कहना है कि उन्हें तो चारों दिनों मेडिकल में अव्यवस्थाएं और लापरवाही दिखी जिसके चलते वृद्धा की मौत हुई।

मोहल्ला हरिनगर ब्रह्मपुरी निवासी वृद्धा (60) को 31 मई को मेडिकल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि वृद्धा को इमरजेंसी में रखा गया था। रविवार को कोरोना की जांच कराई गई जो नेगेटिव बताई।

उसके बाद डॉक्टरों द्वारा कहा गया कि रिपोर्ट मिल नहीं रही है। दोबारा टेस्ट करना पड़ेगा। सोमवार को दोबारा सैंपल लिया, जिसकी रिपोर्ट मंगलवार रात आई जो कोरोना पॉजिटिव थी। रात करीब 10 बजे इन्हें इमरजेंसी से कोरोना वार्ड में शिफ्ट किया गया।

वृद्धा के दामाद ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 6:30 पर मेडिकल से फोन आया कि वृद्धा की तबियत खराब है, उन्हें वेंटिलेटर पर ले रहे हैं। फिर आठ बजे फोन आया कि उनकी मृत्यु हो गई है। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल में न तो बेहतर इलाज दिया जा रहा है और ना हीं व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं।

मेडिकल में लापरवाही का आलम यह है कि कोई भी कोरोना संदिग्ध वार्ड में आ-जा सकता था। ना सैनिटाइजर की व्यवस्था थी न ही मास्क की। पहले भी कई मरीजों के परिजन ऐसे आरोप लगा चुके हैं। मेडिकल के प्राचार्य डॉ. एसके गर्ग का कहना है कि बेहतर इलाज देने की कोशिश की जा रही है। वहीं, नोडल अधिकारी डॉ. टीवीएस आर्य के अनुसार धर्मवती को बचाने की कोशिश की गई। मगर बचा नहीं सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed