कोरोना का असर : ‘कड़वी’ हुई मिठाई, तो कन्फेक्शनरी में किस्मत आजमाई, जलेबी-कचौड़ी से चला रहे काम
कोरोना काल में मिठाइयों की मांग कम होने और व्यापार प्रभावित होने के कारण कुछ व्यापारी तो जलेबी और कचौड़ी बेचकर काम चला रहे हैं।
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कोरोना महामारी और कोविड नियमों की बंदिशों ने मिठाई को ‘कड़वा’ कर दिया है। अधिक लागत और जल्द खराब होने के कारण मेरठ के अधिकतर कारोबारी मिठाई की जगह कन्फेक्शनरी में किस्मत आजमा रहे हैं। शहर में करीब 20 फीसदी मिठाई की दुकानें बंद हो चुकी हैं।
करीब 30 प्रतिशत मिठाई कारोबारियों ने मिठाई के साथ में कन्फेक्शनरी का काम शुरू कर दिया है। अब वह ऐसी मिठाई बना रहे हैं जो जल्द खराब न हों। वहीं हाईवे सहित दिल्ली रोड, गंगानगर, कंकरखेड़ा के लगभग 70 से अधिक रेस्टोरेंटों पर ताला लग चुका है।
कोविड ने रेस्टोरेंट, होटल और मिष्ठान कारोबार को सबसे अधिक प्रभावित किया है। शहर में बुढ़ाना गेट क्षेत्र में सर्वाधिक मिष्ठान की दुकानें हैं। अध्यक्ष अपार मेहरा ने बताया कि इस बार सिर्फ दो व्यापारी ही सीमित मात्रा में घेवर तैयार कर रहे हैं। पहले सात से 10 व्यापारी बड़े स्तर पर घेवर तैयार कराते थे। शुक्रवार तक हर हाल में मिठाई बेचनी होती है।
लागत ज्यादा और बिक्री का समय कम होने के कारण नया विकल्प तलाशना पड़ रहा है। बिस्कुट, नमकीन, टॉफी, चॉकलेट सहित अन्य पदार्थ जल्द खराब नहीं होते हैं। संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने बताया कि परंपरागत व्यापार बचाने के लिए शनिवार और रविवार की बंदी खत्म करने के साथ ही रात 11 बजे तक बाजार की छूट देनी होगी। इसके लिए शासन-प्रशासन को अवगत कराया गया है।
जलेबी और कचौड़ी से चला रहे काम
कोरोना काल में मिठाइयों की मांग कम होने और व्यापार प्रभावित होने के कारण कुछ व्यापारी तो जलेबी और कचौड़ी बेचकर काम चला रहे हैं। मिठान विक्रेता राकेश कुमार ने बताया कि ज्यादातर विक्रेता सीमित मिठाई बना रहे हैं। कुछ दुकानों पर ग्राहकों के लिए सुबह और शाम ताजी जलेबी और कचौड़ी बनाई जाती हैं।
लटक गए हैं ताले
रेस्टोरेंट एसोसिएशन के महामंत्री विपुल सिंघल ने बताया कि टोल प्लाजा से परतापुर, दिल्ली रोड, गंगानगर और कंकरखेड़ा क्षेत्र के 70 से अधिक रेस्टोरेंट बंद हैं। अब करीब 150 होटल और रेस्टोरेंट चल रहे हैं। इनमें भी सीमित ग्राहक आ रहे हैं। रेस्टोरेंट संचालक गौरव ने बताया कि आनलाइन सेवाएं देने वाली कंपनियों के दखल से भी उनके काम को झटका लगा है।