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पांच हजार की रिश्वत लेते स्वास्थय विभाग का संविदा कर्मी पकड़ा
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मेरठ। एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया। संविदाकर्मी ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर, सरधना सीएचसी पर तैनात था। आरोप है कि आशा कार्यकर्ता से मानदेय दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगी थी। आरोपी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
सरधना थानाक्षेत्र के भाटवाड़ा निवासी अनिल कुमार की पत्नी पूनम आशा कार्यकर्ता है। पूनम अपना रुका मानदेय लेने के लिए सरधना सीएचसी के कई दिनों से चक्कर काट रही थी। आरोप है कि सीएचसी पर तैनात ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर मदनलाल (संविदाकर्मी) ने पूनम से पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी। आशा ने इसकी शिकायत आठ जुलाई को सीएमओ कार्यालय में की, बावजूद संविदा कर्मी पर कार्रवाई नहीं हुई।
मानदेय के लिए आशा संविदा कर्मचारी से गुहार लगाती थी। लेकिन वह बगैर रिश्वत के काम करने को तैयार नहीं हुआ। उसके बाद पूनम और उसके पति अनिल ने एंटी करप्शन विभाग में तैनात इंस्पेक्टर यतींद्र कुमार से संपर्क किया। बुधवार को एंटी करप्शन की टीम ने संविदा कर्मी को रंगेहाथ दबोचने के लिए फिल्डिंग लगा दी। पूनम ने पांच हजार की रिश्वत देने के लिए संविदाकर्मी मदनलाल को फोन किया।
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पूनम सरधना सीएचसी पहुंचती कि मदनलाल मेरठ सीएमओ कार्यालय में पहुंच गया। मदनलाल ने पूनम को मेरठ में आने को कहा। पूनम सीएमओ कार्यालय पहुंची। रिश्वत लेते ही एंटी करप्शन टीम ने संविदा कर्मचारी को रंगेहाथ दबोचकर सिविल लाइन पुलिस को सौंप दिया। संविदाकर्मी को छुड़वाने के लिए सिफारिशों का दौर भी खूब चला।
रिश्वत लेते पहले भी धरे गए स्वास्थ्य विभागकर्मी
एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई से सीएमओ कार्यालय में तैनात कर्मचारियों में खलबली मची है। दरअसल, इससे पहले भी सीएमओ कार्यालय में तैनात एक अफसर रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था। वहीं, पुलिस भर्ती में भी सीएमओ कार्यालय के दो बाबुओं के नाम प्रकाश में आए थे। इनमें से एक बाबू के खिलाफ सीएमओ ने कार्रवाई भी की थी। इसके अलावा एक सीएमओ के चालक ने स्वास्थ्य विभाग के एक ही कर्मचारी को गोली मार दी थी।
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आरोपी की संविदा समाप्त
रिश्वत लेते पकड़े गए ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर मदन लाल की तत्काल प्रभाव से संविदा समाप्त कर दी गई है। डॉ. राजकुमार, सीएमओ
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सरधना थानाक्षेत्र के भाटवाड़ा निवासी अनिल कुमार की पत्नी पूनम आशा कार्यकर्ता है। पूनम अपना रुका मानदेय लेने के लिए सरधना सीएचसी के कई दिनों से चक्कर काट रही थी। आरोप है कि सीएचसी पर तैनात ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर मदनलाल (संविदाकर्मी) ने पूनम से पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी। आशा ने इसकी शिकायत आठ जुलाई को सीएमओ कार्यालय में की, बावजूद संविदा कर्मी पर कार्रवाई नहीं हुई।
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मानदेय के लिए आशा संविदा कर्मचारी से गुहार लगाती थी। लेकिन वह बगैर रिश्वत के काम करने को तैयार नहीं हुआ। उसके बाद पूनम और उसके पति अनिल ने एंटी करप्शन विभाग में तैनात इंस्पेक्टर यतींद्र कुमार से संपर्क किया। बुधवार को एंटी करप्शन की टीम ने संविदा कर्मी को रंगेहाथ दबोचने के लिए फिल्डिंग लगा दी। पूनम ने पांच हजार की रिश्वत देने के लिए संविदाकर्मी मदनलाल को फोन किया।
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पूनम सरधना सीएचसी पहुंचती कि मदनलाल मेरठ सीएमओ कार्यालय में पहुंच गया। मदनलाल ने पूनम को मेरठ में आने को कहा। पूनम सीएमओ कार्यालय पहुंची। रिश्वत लेते ही एंटी करप्शन टीम ने संविदा कर्मचारी को रंगेहाथ दबोचकर सिविल लाइन पुलिस को सौंप दिया। संविदाकर्मी को छुड़वाने के लिए सिफारिशों का दौर भी खूब चला।
रिश्वत लेते पहले भी धरे गए स्वास्थ्य विभागकर्मी
एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई से सीएमओ कार्यालय में तैनात कर्मचारियों में खलबली मची है। दरअसल, इससे पहले भी सीएमओ कार्यालय में तैनात एक अफसर रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था। वहीं, पुलिस भर्ती में भी सीएमओ कार्यालय के दो बाबुओं के नाम प्रकाश में आए थे। इनमें से एक बाबू के खिलाफ सीएमओ ने कार्रवाई भी की थी। इसके अलावा एक सीएमओ के चालक ने स्वास्थ्य विभाग के एक ही कर्मचारी को गोली मार दी थी।
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आरोपी की संविदा समाप्त
रिश्वत लेते पकड़े गए ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर मदन लाल की तत्काल प्रभाव से संविदा समाप्त कर दी गई है। डॉ. राजकुमार, सीएमओ