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Meerut News: पहली कॉलोनी की जमीन को कृषि से आवासीय में करने पर लगी मुहर
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बागपत। बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण की पहली आवासीय कॉलोनी के लिए जमीन को कृषि से आवासीय करने पर शनिवार को बोर्ड बैठक में मुहर लग गई है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पास अग्रवाल मंडी टटीरी में 83 करोड़ रुपये से 7.68 हेक्टेयर जमीन को पिछले महीने ही खरीदा गया है। अब कॉलोनी के लिए सितंबर में जमीन पर काम शुरू किया जाएगा।
बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण का गठन हुए वर्ष 2008 में हुआ था, लेकिन यहां प्राधिकरण की तरफ से एक भी योजना तैयार नहीं की गई। विकास प्राधिकरण केवल नक्शे पास करने तक ही सीमित है। इसको देखते हुए ही विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2025 में आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना तैयार की। इसके लिए मेरठ में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्ताव रखा गया तो वहां से मंजूरी मिल गई।
अधिकारियों को काफी प्रयास के बाद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पास अग्रवाल मंडी टटीरी के किसानों की 7.68 हेक्टेयर जमीन मिली। इस जमीन के सभी बैनामे प्राधिकरण ने अपने नाम करा लिए हैं। इस जमीन का सीएलयू कराने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई। इसकी फाइल शनिवार को मेरठ में मंडलायुक्त भानूचंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में रखी गई।
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मंडलायुक्त ने जमीन को कृषि से आवासीय में करने की मंजूरी दी। अब कॉलोनी विकसित करने में किसी तरह की अड़चन नहीं है, इसलिए डीपीआर के साथ ही नक्शा बनाने का काम सितंबर के दूसरे सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा और उसके बाद जमीन पर काम शुरू होगा। इससे जल्द ही लोगों को प्लॉट मिल सकें।
एक्सप्रेसवे के पास कॉलोनी विकसित होने से होगा फायदा
जिस जमीन पर कॉलोनी विकसित होगी, वह एक्सप्रेसवे के नजदीक है। इसका विकास प्राधिकरण के साथ ही आम लोगों को फायदा होगा। वहां दिल्ली, गाजियाबाद के लोग भी आकर रह सकते हैं, क्योंकि दिल्ली का रास्ता केवल आधा घंटे का हो जाएगा। वहीं विकास प्राधिकरण को वहां प्लॉटों के अच्छे दाम मिल सकते हैं।
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कॉलोनी के लिए चिह्नित की गई जमीन को कृषि से आवासीय में बदलने के लिए बोर्ड बैठक में मंजूर कर दिया गया है। अब इसकी डीपीआर पर काम शुरू होगा, जो सितंबर में बनने के साथ ही कॉलोनी के लिए भी उसी महीने में काम शुरू कर दिया जाएगा।
-विनीत उपाध्याय, एडीएम
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बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण का गठन हुए वर्ष 2008 में हुआ था, लेकिन यहां प्राधिकरण की तरफ से एक भी योजना तैयार नहीं की गई। विकास प्राधिकरण केवल नक्शे पास करने तक ही सीमित है। इसको देखते हुए ही विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2025 में आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना तैयार की। इसके लिए मेरठ में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्ताव रखा गया तो वहां से मंजूरी मिल गई।
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अधिकारियों को काफी प्रयास के बाद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पास अग्रवाल मंडी टटीरी के किसानों की 7.68 हेक्टेयर जमीन मिली। इस जमीन के सभी बैनामे प्राधिकरण ने अपने नाम करा लिए हैं। इस जमीन का सीएलयू कराने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई। इसकी फाइल शनिवार को मेरठ में मंडलायुक्त भानूचंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में रखी गई।
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मंडलायुक्त ने जमीन को कृषि से आवासीय में करने की मंजूरी दी। अब कॉलोनी विकसित करने में किसी तरह की अड़चन नहीं है, इसलिए डीपीआर के साथ ही नक्शा बनाने का काम सितंबर के दूसरे सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा और उसके बाद जमीन पर काम शुरू होगा। इससे जल्द ही लोगों को प्लॉट मिल सकें।
एक्सप्रेसवे के पास कॉलोनी विकसित होने से होगा फायदा
जिस जमीन पर कॉलोनी विकसित होगी, वह एक्सप्रेसवे के नजदीक है। इसका विकास प्राधिकरण के साथ ही आम लोगों को फायदा होगा। वहां दिल्ली, गाजियाबाद के लोग भी आकर रह सकते हैं, क्योंकि दिल्ली का रास्ता केवल आधा घंटे का हो जाएगा। वहीं विकास प्राधिकरण को वहां प्लॉटों के अच्छे दाम मिल सकते हैं।
कॉलोनी के लिए चिह्नित की गई जमीन को कृषि से आवासीय में बदलने के लिए बोर्ड बैठक में मंजूर कर दिया गया है। अब इसकी डीपीआर पर काम शुरू होगा, जो सितंबर में बनने के साथ ही कॉलोनी के लिए भी उसी महीने में काम शुरू कर दिया जाएगा।
-विनीत उपाध्याय, एडीएम