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Meerut News: पिठलोकर में तालाबों की बदहाली की शिकायत की
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गांव पिठलोकर में अनदेखी के चलते गन्दगी से अटा तालाब। ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। विकास खंड सरूरपुर के गांव पिठलोकर में स्थित तालाबों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। तालाबों में पानी के स्थान पर गोबर, मल-मूत्र और कूड़ा-करकट जमा है। इससे चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीणों द्वारा लगातार कूड़ा डालने के कारण तालाब अतिक्रमण का भी शिकार हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले से ही खराब स्थिति में रहे इन तालाबों का समय रहते सौंदर्यीकरण कराया जाना आवश्यक था, लेकिन अब हालात और भी बदतर हो गए हैं। तालाबों में जल के नाम पर केवल अपशिष्ट पदार्थ ही नजर आ रहे हैं। इससे पर्यावरण के साथ-साथ जनस्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीण इस्माइल ने बताया कि ग्राम पंचायत पिठलोकर में पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। गांव के पास से बहने वाली काली नदी का पानी पहले ही दूषित हो चुका है। अब गांव के बचे हुए तालाबों की स्थिति भी उसी तरह खराब हो गई है।
उन्होंने बताया कि गांव में लगे नलकूपों और सबमर्सिबल का पानी भी दूषित है, जिसे ग्रामीण मजबूरी में पीने और दैनिक कार्यों में उपयोग कर रहे हैं। इसके चलते ग्रामीण विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाबों का शीघ्र सौंदर्यीकरण कराने और जल स्रोतों को स्वच्छ कराने की मांग की है। शिकायत करने वालों में कय्यूम प्रधान, डॉ. नौशाद इस्लाम, खालिद, राशिद अमीर साहब, सनव्वर मोमिन, इरशाद राणा और गुफरान प्रधान शामिल हैं।
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सरधना। विकास खंड सरूरपुर के गांव पिठलोकर में स्थित तालाबों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। तालाबों में पानी के स्थान पर गोबर, मल-मूत्र और कूड़ा-करकट जमा है। इससे चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीणों द्वारा लगातार कूड़ा डालने के कारण तालाब अतिक्रमण का भी शिकार हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले से ही खराब स्थिति में रहे इन तालाबों का समय रहते सौंदर्यीकरण कराया जाना आवश्यक था, लेकिन अब हालात और भी बदतर हो गए हैं। तालाबों में जल के नाम पर केवल अपशिष्ट पदार्थ ही नजर आ रहे हैं। इससे पर्यावरण के साथ-साथ जनस्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीण इस्माइल ने बताया कि ग्राम पंचायत पिठलोकर में पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। गांव के पास से बहने वाली काली नदी का पानी पहले ही दूषित हो चुका है। अब गांव के बचे हुए तालाबों की स्थिति भी उसी तरह खराब हो गई है।
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उन्होंने बताया कि गांव में लगे नलकूपों और सबमर्सिबल का पानी भी दूषित है, जिसे ग्रामीण मजबूरी में पीने और दैनिक कार्यों में उपयोग कर रहे हैं। इसके चलते ग्रामीण विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाबों का शीघ्र सौंदर्यीकरण कराने और जल स्रोतों को स्वच्छ कराने की मांग की है। शिकायत करने वालों में कय्यूम प्रधान, डॉ. नौशाद इस्लाम, खालिद, राशिद अमीर साहब, सनव्वर मोमिन, इरशाद राणा और गुफरान प्रधान शामिल हैं।

गांव पिठलोकर में अनदेखी के चलते गन्दगी से अटा तालाब। ग्रामीण
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