मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ की मीटिंग, कानून व्यवस्था को लेकर दिए सख्त निर्देश
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उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने कहा कि कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के साथ ही विकास कार्यों को गति देना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। अधिकारियों को गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। वे समय से लोगों की समस्याओं का निस्तारण करें।
मुख्य सचिव ने यह बात शुक्रवार को समीक्षा, सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों और प्रतिनिधि मंडलों से मुलाकात के बाद मीडिया से कही। उन्होंने कहा कि शांति और कानून व्यवस्था में अच्छे काम हो रहे हैं। अब जनता की समस्याओं और शिकायतों का भी त्वरित निस्तारण अधिकारियों से कराने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर काम हो और युवाओं को रोजगार मिले, सरकार इस तरफ अलग-अलग योजनाओं पर काम कर रही है।
मुख्य सचिव ने कहा कि मेरठ में मेट्रो का प्रस्ताव स्वीकृत कर केंद्र को भेज दिया गया है। रैपिड ट्रेन शुरू होने से पहले मेट्रो का काम पूरा हो, यह प्राथमिकता रहेगी, ताकि कनेक्टिविटी बेहतर हो सके। इसके साथ ही मेरठ - दिल्ली एक्सप्रेस वे भी शीघ्र बनकर तैयार हो जाएगा। जिससे मेरठ से दिल्ली की कनेक्टिविटी में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि मेरठ क्षेत्रीय उड़ान योजना में शामिल है और उम्मीद है कि बहुत जल्दी ही यहां से लखनऊ और इलाहाबाद की उड़ान शुरू हो जाएगी।
मुख्यमंत्री के प्रदेश की सड़कों के गड्ढामुक्त अभियान के तीन चरण में भी पूरा न होने पर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश की सड़कें तीन श्रेणी में हैं। इनमें जो राष्ट्रीय राजमार्ग हैं, उनकी मरम्मत का पैसा केंद्र से आना है, जिसकी डिमांड की गई है, पैसा आते ही इन पर काम शुरू हो जाएगा। इस दौरान मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार और एडीजी पुलिस प्रशांत कुमार मौजूद रहे।
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इन्वेस्टर मीट में बताएंगे यूपी का माहौल
मुख्य सचिव ने कहा कि लखनऊ में होने वाली इन्वेस्टर मीट में हम निवेशकों को विश्वास दिलाएंगे कि उत्तर प्रदेश का माहौल अब उद्योग और व्यापार के लिए तैयार हो चुका है। जहां पर कनेक्टिविटी के साथ ही कानून व्यवस्था और इन्फ्रास्ट्रक्चर पहले से बहुत बेहतर हो चुका है। ऐसे में यूपी के भीतर निवेश कराने पर जोर दिया जाएगा, जिससे रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे।
स्मार्ट सिटी में मेरठ की कमियां की जाएंगी दूर
तीसरी बार भी मेरठ स्मार्ट सिटी से बाहर हो गया। इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश से मेरठ का नाम केंद्र को भेज दिया गया था। लेकिन अब बिड के माध्यम से प्वाइंट मिलते हैं, शायद उसमें कहीं कमी रही होगी। लेकिन अब चौथे राउंड में मेरठ स्मार्ट सिटी में शामिल हो जाए, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
जमीन मिले तो साईं पर भी विचार
राजीव कुमार ने कहा कि स्पोर्ट ऑथरिटी ऑफ इंडिया का सेंटर स्थापित करने को लेकर भी मेरठ का नाम है। यदि जमीन मिल जाती है और मानक पूरे होते हैं, इस पर भी काम होगा। इसके लिए मंडलायुक्त से चर्चा हुई है।
सुझाव पर तैयार करें विकास का खाका
मुख्य सचिव ने कहा कि जनप्रतिनिधियों ने उन्हें कई मांग पत्र दिये हैं और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई है। इसके लिए मेरठ मंडलायुक्त से भी चर्चा हुई है कि वह जनप्रतिनिधियों के साथ बैठ कर मेरठ के विकास का खाका तैयार करें और शासन को प्रस्ताव भेजें।
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