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लड़कियों से जींस छुड़वाई जा सकती है तो लड़कों से हॉफ पेंट क्यों नहीं : नरेश टिकैत
Fri, 30 Oct 2020 08:03 PM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: कपिल kapil
Updated Fri, 30 Oct 2020 08:03 PM IST
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चौधरी नरेश टिकैत
- फोटो : अमर उजाला
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भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि अगर लड़कियों से जींस पहनना छुड़वाया जा सकता है तो लड़कों की हॉफ पेंट पहनना भी बंद होनी चाहिए। हॉफ पेंट के नाम पर निकर पहना जा रहा है, जिसे कोई भी सभ्य समाज स्वीकार नहीं कर सकता। सामाजिक जागरूकता और संस्कार से ही पहनावा बदला जा सकता है। प्रदूषण पत्ती या पराली से नहीं बल्कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं और कूड़े के ढेर जलाने से फैल रहा है।
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आप विधायक नरेश कुमार के भाई की शोक सभा में जाते हुए बागपत में हाइवे स्थित रेस्टोरेंट में पत्रकारों से बातचीत में नरेश टिकैत ने कहा कि पिछले दिनों सामाजिक जागरूकता के तहत बेटियों से जींस नहीं पहनने का आह्वान किया था। जिस पर करीब 80 फीसदी बेटियों ने बात को मान लिया था। इसी तरह अब लड़कों को जागरूक किया जा रहा है। सार्वजनिक तौर पर हॉफ पेंट का पहनावा भी शालीन नहीं है। लड़के भी समझ रहे हैं और पहनावे में धीरे-धीरे बदलाव होगा।
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नया पेराई सत्र शुरु होने से पूर्व किसानों के बकाए का भुगतान होना चाहिए। कहा कि एनसीआर में पराली नहीं बल्कि फैक्टरी व कूड़े के ढेर में आग लगाने से प्रदूषण फैल रहा है। सरकार को कृषि कानून लाने से पहले किसानों से बात करनी चाहिए थी। सरकार का मानना है कि पराली जलाने से चार फीसदी प्रदूषण फैल रहा है, इसके लिए किसानों पर अर्थदंड व एफआईआर दर्ज कराने के आदेश किए गए है, जबकि 96 फीसदी प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों पर कोई कार्रवाई नही की जा रही है। किसानों के बकाए का भुगतान नहीं किया गया है और पेराई सत्र शुरू करने की तैयारियां हो गई है।
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उन्होंने कहा बिजली के बिलों में बढ़ोत्तरी हो रही है। बकाए का भुगतान न होने के कारण किसान बर्बाद हो गया है। सरकार आवारा पशुओं के पालन के लिए 30 रुपये का भुगतान कर रही है। उन्होंने राशि को बढ़ाकर कत से कम 200 से 300 रुपये प्रतिदिन करने की मांग की। सिसौली के प्रकरण पर कहा कि लड़के कोई वीडियो नहीं बना रहे थे। कॉलेज के बाहर अपने फोटो ले रहे थे। जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर, युवा जिलाध्यक्ष चौधरी हिम्मत सिंह, चौधरी इंद्रपाल सिंह और प्रदीप गुर्जर मौजूद रहे।
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