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नौचंदी मेले में एक घंटा चला अराजकता का माहौल, तमाशा देखती रही पुलिस
Sat, 22 Jun 2019 04:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 22 Jun 2019 04:32 AM IST
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मेले में अराजकता
- फोटो : अमर उजाला
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ऐतिहासिक नौचंदी मेले में शुक्रवार रात करीब एक घंटे तक अराजकता का माहौल रहा और पुलिस तमाशा देखती रही। ठेकेदार ने मेले की अचानक लाइटें बंद कर दीं। इसके बाद चारों तरफ चीख पुकार मचने लगी। बच्चे और महिलाएं घबराने लगीं। सिस्टम का ऐसा मजाक देखकर लोग दंग रह गए। झूले में बैठे लोग शोर मचा रहे थे। सवाल उठता कि आखिर एक ठेकेदार ने ऐसा क्यों किया।
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रात के 10:45 बजे थे। मेले में बहुत चहलपहल थी। झूले, सर्कस और मौत का कुआं देखकर लोग रोमांचित हो रहे थे।इसी दौरान ठेकेदार ने जिला पंचायत अध्यक्ष पर 50 लाख रुपये की वसूली करने का आरोप लगाकर मेले की लाइट बंद कर दी। जो लोग जहां भी थे, शोर मचाने लगे। लाइट बंद होते ही मेले में अफरातफरी का माहौल बन गया। कोई अपनों को झूले से उतारने में लग गया तो कोई मोबाइल की लाइट जलाकर अपने परिवार को निकाल रहा था।
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करीब एक घंटा मेले की लाइट बंद रही। इस दौरान मेला मानो बंद हो गया। लोग अपने घरों को लौटने लगे। मेला देखने आए लोग चिल्ला रहे थे। लेकिन उनकी सुनने वाला वहां कोई नहीं था। पुलिस भी सिर्फ तलाशा देखने के लिए थी। ठेकेदार को एक बार भी किसी ने रोकने का प्रयास नहीं किया कि आखिर वो ऐसा क्यों कर रहा है।
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नौचंदी मेले की जिम्मेदारी जिला पंचायत अध्यक्ष पर है, वह भी मेले में मौजूद थे। वह ठेकेदार के पास जाने की जहमत नहीं उठा रहे थे। क्योंकि आरोप तो जिपं अध्यक्ष पर थे। जैसे-तैसे कर स्थिति को संभाला गया।
ऐसे कौन आएगा मेले में
नौचंदी मेले में दूरदराज से लोग आते हैं। अगर मेले में ऐसी अराजकता होगी तो कौन आएगा। क्या ठेकेदार मन मुताबिक कुछ भी करेगा। एक घंटे मेले में अंधेरा छाने पर लोगों को क्या-क्या परेशानी झेलनी पड़ी होगी। दुकानदारों को भी काफी नुकसान हुआ। इसकी भरपाई कौन करेगा वहीं, ठेकेदार मेला बंद करके हंगामा कर रहे थे और पुलिस तमाशबीन बनी थी। जिपं. अध्यक्ष अपनी सफाई दे रहे थे और ठेकेदार आरोप लगा रहा था।
पिता-पुत्र ने कराई दुकानें बंद
ठेकेदार ने लाइट बंद कर दी। जिसके बाद जिपं अध्यक्ष कुलविंदर सिंह और उनके पिता मुखिया गुर्जर दुकानें बंद कराने लगे। अचानक दुकान बंद कराते देखकर मेले में आए लोगों में अफवाहें फैलनी शुरू हो गई। हालांकि जिपं अध्यक्ष ने कहा कि लाइट जाने से झूले रुकवाए गए और दुकान इसलिए बंद कराईं, ताकि किसी को चोट न लग जाए।
सीओ के आश्वासन पर चालू हुआ मेला
जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके साथियों पर गुंडागर्दी के आरोपों के चलते शुक्रवार रात नौचंदी मेले में बखेड़ा हो गया। दुकानदारों ने जिपं अध्यक्ष पर 50 लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया। विरोध करने पर जिपं अध्यक्ष और उसके साथियों द्वारा मारपीट करनी बताई। जिस पर गुस्साए दुकानदारों ने रात में झूले रोककर लाइटें बंद कर दीं। अचानक मेले बंद होने पर वहां अफरातफरी मच गई। दुकानदारों ने जिपं अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी की और एसएसपी आवास पर पहुंचकर तहरीर दी। सीओ सिविल लाइन के आश्वासन के एक घंटे बाद मेला चालू हुआ।