वेस्ट यूपी में बदलने लगा क्राइम का ट्रेंड, एसटीएफ के रडार पर कई कुख्यात
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वेस्ट यूपी में क्राइम का ट्रेंड बदलने लगा है। बदमाश अधिकांश बड़ी वारदातों में तमंचे से ज्यादा पिस्टल और रिवाल्वर का इस्तेमाल करने लगे हैं। बदमाशों को पिस्टल, रिवाल्वर कुख्यात उपलब्ध कराते हैं। मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर समेत मेरठ जोन के कई जिलों में कई घटनाओं का पुलिस ने खुलासा किया। जिसमें बदमाशों ने बताया कि हथियार कुख्यातों ने दिलाए थे। हथियार देने वाले कई कुख्यात अब एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की रडार पर है। पुलिस के मुताबिक कई कुख्यात अब क्राइम से ज्यादा हथियारों की सप्लाई करते है। उसी के तहत पुलिस कई कुख्यातों को साजिश का मुल्जिम बनाती है।
क्राइम छोड़ा पर हथियार नहीं
पुलिस के मुताबिक जेल में बंद योगेश भदौड़ा, उधमसिंह, सारिक, सलमान समेत एक दर्जन कुख्यात बदमाश अलग अलग जेल में बंद है। इन कुख्यातों ने क्राइम छोड़ दिया, लेकिन हथियारों के बारे में उनको सबसे ज्यादा जानकारी है। कहां कितने पैसे में हथियार मिलते है, इसकी तमाम जानकारी उनको है। इसके चलते कई बार पुलिस हत्या, रंगदारी जैसे मुकदमे में उनको साजिश रचने का मुल्जिम बनाती है। पुलिस का मानना है कि पिस्टल व रिवाल्वर बनाने वाले से इन कुख्यातों के अच्छे संबंध हैं।
25-40 हजार तक पिस्टल की कीमत
इन बदमाशों ने पिस्टल, रिवाल्वर की कीमत 25 से 40 हजार तक रखी है। जेल में बंद कुख्यातों के करीबी से बदमाश संपर्क करते व आसानी से हथियार खरीद लेते है। कई बदमाश हथियार लेने के लिए जेल तक भी कुख्यात से मुलाकात करने जाते है। इसका खुलासा भी पुलिस कई बार कर चुकी है।
एसटीएफ की रडार पर
वेस्ट यूपी में हथियारों की सप्लाई काफी बढ़ गई है। छोटी छोटी बातों पर फायरिंग होना अब आम हो गया है। इसको लेकर पुलिस अधिकारी भी गंभीर है। हथियार उपलब्ध कराने वाले कुख्यात अब एसटीएफ और क्राइम ब्रांच के रडार पर है। पांच कुख्यात के नाम पता चले है, जिनके खिलाफ पुलिस सुबूत तलाश रही है।
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भाड़े पर भी देते हथियार
हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले कई शूटरों को भाडे़ पर पिस्टल और रिवाल्वर भी यह कुख्यात उपलब्ध करा देते है। बताया जा रहा है कि कई शूटर मोबाइल इस्तेमाल नहीं करते। वारदात करने के बाद हथियार वापस कर देते है। जिसके चलते पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाती और फिर दूसरी वारदात हो जाती है।
कुख्यात ने डबल मर्डर में दी थी पिस्टल
पुलिस का मानना है कि सोहरका गांव में चश्मदीद गवाह भोलू और निछत्तर कौर की हत्या में आरोपी विकास जाट, मांगे उर्फ विनय समेत तीनों बदमाशों को एक कुख्यात ने तीन पिस्टल दी थी। पुलिस ने रिमांड के दौरान भी सुशील मूंछ के बेटे टोनी से पिस्टल उपलब्ध कराने के बारे में पूछताछ की है।
एसएसपी मंजिल सैनी दहल ने कहा कि कई वारदातों में कुख्यातों द्वारा पिस्टल और रिवाल्वर उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। कई मुकदमे में साजिश के आरोपी भी कुख्यातों को बनाया गया है। अब पुलिस इन कुख्यातों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।
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