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Meerut News: चंद्रयान की सफलता से बड़े हुए बच्चों के सपने

Fri, 12 Dec 2025 09:28 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Dec 2025 09:28 PM IST
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Chandrayaan's success has fueled children's dreams
केएल इंटरनेशनल स्कूल में इसरो की विक्रम साराभाई अंतरिक्ष प्रदर्शनी देखने पहुंचे हजारों विद्यार्थी
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स्कूल में उतरा अंतरिक्ष, बच्चों ने छुआ चंद्रयान-3 और मंगलयान
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। केएल इंटरनेशनल स्कूल में इसरो की विक्रम साराभाई अंतरिक्ष प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। इसरो के कई कामयाब मिशन का जीवंत प्रदर्शन देख यहां पहुंचे करीब दो हजार से अधिक विद्यार्थी हतप्रभ रह गए। उन्होंने इसरो में वैज्ञानिक बनने की इच्छा जताई। इसरो के वैज्ञानिकों ने कहा कि चंद्रयान और मंगलयान जैसे कामयाब मिशन देखकर बच्चे आज बड़े सपने देख रहे हैं।
प्रदर्शनी का शुभारंभ अतिरिक्त आयुक्त मेरठ अमित कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। स्कूल के उपाध्यक्ष तेजेंद्र खुराना, डायरेक्टर मनमीत खुराना और हरनीत खुराना ने मुख्य अतिथि और इसरो वैज्ञानिकों को पौधे भेंट कर स्वागत किया। प्रधानाचार्य सुधांशु शेखर ने कहा ऐसे आयोजन बच्चों के अंदर की वैज्ञानिक प्रतिभा को आगे लाते हैं।
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उद्घाटन के बाद रॉकेट लॉन्च का लाइव डेमोस्ट्रेशन हुआ तो तालियों से पूरा हॉल गूंज उठा। प्रदर्शनी में आर्यभट्ट से चंद्रयान-3, मंगलयान, आदित्य-एल वन, गगनयान, जीएसएलवी एमके-3, निसार, आने वाला चंद्रयान-4 और मंगलयान-2 तक हर मिशन के मॉडल बनाए थे। हनीकॉम्ब स्ट्रक्चर सामग्री को बच्चे हाथों से छूकर देख रहे थे। रिमोट सेंसिंग, नेविक, कम्युनिकेशन सैटेलाइट, समेत कई विषयों पर अलग स्टॉल लगे थे जिनपर और प्रशिक्षित गाइड तैनात थे जो उनके बारे में जानकारी दे रहे थे।
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रॉकेट के पुर्जे बैलगाड़ी पर लाने का दौर भी देखा
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की सबसे अधिक भीड़ स्पेस ऑन व्हील्स बस के पास लगी। इस चलती-फिरती प्रयोगशाला में विक्रम साराभाई का वो दौर जीवंत हो उठा जब वे रॉकेट के पुर्जे साइकिल और बैलगाड़ी पर लादकर ले जाते थे। प्रदर्शनी में गगनयान और मानव अंतरिक्ष उड़ान का पूरा मॉडल देखकर विद्यार्थी दंग रह गए। मजा जब दोगुना हो गया जब स्कूल के बच्चों ने खुद बनाए वॉटर रॉकेट आसमान में उड़ाए। एक के बाद एक रॉकेट की उड़ान देख पूरा मैदान तालियों से गूंजता रहा।

सिविल ब्रांच वालों के लिए भी इसरो में मौका : परेश
इसरो वैज्ञानिक परेश और राहुल गर्ग से विद्यार्थियों ने पूछा कि वह इसरो में आना चाहते हैं इसके लिए क्या करना होगा तो वैज्ञानिक परेश ने मुस्कुराते हुए कहा कि य दिमाग से ये निकाल दो कि सिर्फ आईआईटी या बड़ा कॉलेज ही इसरो में आने का रास्ता है। विज्ञान पढ़ो और जुनून से पढ़ो। इसरो में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, मैकेनिकल, सिविल हर ब्रांच के लिए दरवाजे खुले हैं। राहुल गर्ग ने कहा गगनयान में तो डॉक्टरों और बायोलॉजी वालों की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ेगी। एक छात्रा ने कहा कि आज मैंने चंद्रयान को हाथ लगाया। अब मैं भी अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनूंगी।
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