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एडमिशन की लेटलतीफी खिलाड़ियों पर भारी
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 25 Sep 2015 01:16 AM IST
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एडमिशन की लेटलतीफी खिलाड़ियों पर भारी पड़ रही है। हाल यह है कि नॉर्थ जोन इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में भेजने के लिए विवि के पास खिलाड़ी नहीं हैं। आनन-फानन में प्रतियोगिता कराई जा रही है। बृहस्पतिवार को बैडमिंटन और स्वीमिंग की टीम तैयार करने के लिए ट्रायल हुआ। केवल एक-एक खिलाड़ी ट्रायल देने पहुंचा।
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विवि ने स्पोर्ट्स कोटे से करीब 115 एडमिशन किए हैं। एडमिशन में देरी होने की वजह से स्पोर्ट्स कोटे के एडमिशन देरी से हुए। ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी एसोसिएशन का स्पोर्ट्स कैलेंडर अपने वक्त पर हो रहा है। विवि इसमें पिछड़ता नजर आ रहा है। 29 सितंबर से एमडीयू रोहतक में बैडमिंटन चैंपियनशिप होनी है। विवि ने इसके लिए आनन-फानन में बैडमिंटन प्रतियोगिता कराई। पांच अक्तूबर को बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में नॉर्थ जोन चेस की प्रतियोगिता होनी है।
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विवि के पीजी कोर्स में अभी एडमिशन चल रहे हैं। ऐसे में कॉलेजों से विवि को टीम तैयार करना मुश्किल हो रहा है। टीम भेजने के लिए खिलाड़ियों के लाले पड़ रहे हैं। बृहस्पतिवार को मेरठ कॉलेज में बैडमिंटन और स्वीमिंग का ट्रायल हुआ। बैडमिंटन में ट्रायल देने सिर्फ एक खिलाड़ी पहुंचा। जबकि स्वीमिंग में लड़कियों में भी सिर्फ एक खिलाड़ी ट्रायल देने पहुंची।
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बैडमिंटन के ट्रायल पर सवाल खड़ा किया गया। हाल में एसएसवी कॉलेज हापुड़ में अंतर महाविद्यालय बैडमिंटन चैंपियनशिप हुई थी। सवाल खड़ा किया गया कि फिर ट्रायल क्यों किया जा रहा है? विवि के स्पोर्ट्स ऑफिसर डॉ. जीएस रुहल का कहना है टीम भेजने से पहले तक विवि ट्रायल ले सकता है। एडमिशन प्रक्रिया चल रही है। अच्छे खिलाड़ी आने की संभावना की वजह से ट्रायल कराया गया है। नियम विरुद्ध कुछ भी नहीं किया है।