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डाटा अपलोड करने में कॉलेज फिसड्डी
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 18 Jan 2016 02:01 AM IST
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सरकार के हायर एजूकेशन सर्वे को कॉलेज पलीता लगाने पर तुले हैं। बार-बार जानकारी मांगने के बावजूद मुहैया नहीं करा रहे। डाटा अपलोड करने में सीसीएसयू के कॉलेज फिसड्डी साबित हो रहे हैं। कई बैठक और आदेश जारी होने के बावजूद डाटा अपलोड नहीं किया गया है। ऐसे कॉलेजों को विवि ने सोमवार को कैंपस में बुलाया है।
आल इंडिया हायर एजूकेशन सर्वे का काम चल रहा है। इसमें देशभर के कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षक, छात्रों की संख्या और कोर्स आदि के बारे में जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने को कहा है। सरकार की ओर से कई बार कहने के बावजूद सीसीएसयू के 827 कॉलेजों में से सिर्फ 115 कॉलेजों ने डाटा अपलोड किया है। 370 कॉलेजों ने यूजर आईडी बनाई है। सोमवार को विवि ने सर छोटूराम इंस्टीट्यूट में मेरठ और सहारनपुर मंडल के कॉलेजों को डाटा अपलोड कराने के लिए बुलाया है।
कंप्यूटर साइंस विभाग की लैब में डाटा अपलोड करने का काम होगा। गौरतलब है कॉलेज जानकारी देने में इसलिए हिचक रहे हैं कि उन्हें पोल खुलने का डर है। बहुत से ऐसे सेल्फ फाइनेंस कॉलेज हैं, जिनके यहां फैकल्टी नहीं है। एक डॉक्यूमेंट पर कई जगह नौकरी चल रही है। ऑनलाइन डाटा अपलोड करने में यह बात पकड़ में आ जाएगी। विवि ने कॉलेजों को कैंपस बुलाया है, लेकिन इस काम में भी कई दिन लगने वाले हैं। क्योंकि अभी तक आधे कॉलेजों ने भी अपनी यूजर आईडी नहीं बनाई है। ऐसे में सर्वे के मामले में कॉलेज सीसीएसयू की किरकिरी करा सकते हैं।
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आल इंडिया हायर एजूकेशन सर्वे का काम चल रहा है। इसमें देशभर के कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षक, छात्रों की संख्या और कोर्स आदि के बारे में जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने को कहा है। सरकार की ओर से कई बार कहने के बावजूद सीसीएसयू के 827 कॉलेजों में से सिर्फ 115 कॉलेजों ने डाटा अपलोड किया है। 370 कॉलेजों ने यूजर आईडी बनाई है। सोमवार को विवि ने सर छोटूराम इंस्टीट्यूट में मेरठ और सहारनपुर मंडल के कॉलेजों को डाटा अपलोड कराने के लिए बुलाया है।
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कंप्यूटर साइंस विभाग की लैब में डाटा अपलोड करने का काम होगा। गौरतलब है कॉलेज जानकारी देने में इसलिए हिचक रहे हैं कि उन्हें पोल खुलने का डर है। बहुत से ऐसे सेल्फ फाइनेंस कॉलेज हैं, जिनके यहां फैकल्टी नहीं है। एक डॉक्यूमेंट पर कई जगह नौकरी चल रही है। ऑनलाइन डाटा अपलोड करने में यह बात पकड़ में आ जाएगी। विवि ने कॉलेजों को कैंपस बुलाया है, लेकिन इस काम में भी कई दिन लगने वाले हैं। क्योंकि अभी तक आधे कॉलेजों ने भी अपनी यूजर आईडी नहीं बनाई है। ऐसे में सर्वे के मामले में कॉलेज सीसीएसयू की किरकिरी करा सकते हैं।
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