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अब विवि ऑनलाइन दिखाएगा उत्तर पुस्तिका
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Sun, 06 Dec 2015 01:54 AM IST
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सीसीएसयू उत्तर पुस्तिका ऑनलाइन दिखाने की व्यवस्था बनाने जा रहा है। कानपुर विवि ऐसा करता है। विवि की एक टीम कानपुर व्यवस्था की जानकारी लेने गई थी। आरटीआई में उत्तर पुस्तिका दिखाने के मामलों को विवि ऑनलाइन निपटाने की योजना बना चुका है। सोमवार को विवि ने इस संबंध में बैठक बुलाई है।
रिजल्ट से असंतुष्ट छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका देखने के लिए विवि में आरटीआई लगाते हैं। हर साल कई हजार आरटीआई इसी संबंध में आती हैं। इस कारण विवि ने वेबसाइट पर उत्तर पुस्तिका दिखाने की योजना तैयार की है। इसके लिए छात्र को लॉगिन और पासवर्ड जारी किया जाएगा। एक तय समय तक उत्तर पुस्तिका वेबसाइट पर रहेगी।
वह देख सकेगा और प्रिंट आउट भी ले सकेगा। छात्र के आरोप सही साबित होते हैं तो ऑनलाइन ही उसे ग्रीवेंस मॉड्यूल उपलब्ध कराया जाएगा, वह शिकायत कर अपना रिजल्ट सही करा सकेगा। वेबसाइट पर ही अपडेट रिजल्ट की जानकारी भी दी जाएगी। मकसद छात्रों को विवि के चक्कर लगाने से छुटकारा दिलाना है।
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रजिस्ट्रार दीप चंद्र के मुताबिक ऑनलाइन उत्तर पुस्तिका होने से मूल्यांकन भी बेहतर होगा। छात्रों को सुविधा होगी। मेरठ और सहारनपुर मंडल के छात्रों के लिए यह व्यवस्था लाभकारी होगी। अगले सत्र से इसे लागू कर दिया जाएगा। सोमवार को इस बारे में बैठक बुलाई है।
लगाने पड़ते हैं चक्कर
अभी आरटीआई में कॉपी देखने के लिए छात्रों को कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। पहले वह आरटीआई डालने आते हैं। फिर उन्हें एक तिथि दी जाती है। कभी-कभी तय तिथि पर भी कॉपी नहीं दिखाई जाती। छात्रों की ज्यादा शिकायत होने पर कॉपी देखने में वेटिंग चलती है। कई बार में आने में छात्रों का खर्च बढ़ता है।
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रिजल्ट से असंतुष्ट छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका देखने के लिए विवि में आरटीआई लगाते हैं। हर साल कई हजार आरटीआई इसी संबंध में आती हैं। इस कारण विवि ने वेबसाइट पर उत्तर पुस्तिका दिखाने की योजना तैयार की है। इसके लिए छात्र को लॉगिन और पासवर्ड जारी किया जाएगा। एक तय समय तक उत्तर पुस्तिका वेबसाइट पर रहेगी।
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वह देख सकेगा और प्रिंट आउट भी ले सकेगा। छात्र के आरोप सही साबित होते हैं तो ऑनलाइन ही उसे ग्रीवेंस मॉड्यूल उपलब्ध कराया जाएगा, वह शिकायत कर अपना रिजल्ट सही करा सकेगा। वेबसाइट पर ही अपडेट रिजल्ट की जानकारी भी दी जाएगी। मकसद छात्रों को विवि के चक्कर लगाने से छुटकारा दिलाना है।
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रजिस्ट्रार दीप चंद्र के मुताबिक ऑनलाइन उत्तर पुस्तिका होने से मूल्यांकन भी बेहतर होगा। छात्रों को सुविधा होगी। मेरठ और सहारनपुर मंडल के छात्रों के लिए यह व्यवस्था लाभकारी होगी। अगले सत्र से इसे लागू कर दिया जाएगा। सोमवार को इस बारे में बैठक बुलाई है।
लगाने पड़ते हैं चक्कर
अभी आरटीआई में कॉपी देखने के लिए छात्रों को कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। पहले वह आरटीआई डालने आते हैं। फिर उन्हें एक तिथि दी जाती है। कभी-कभी तय तिथि पर भी कॉपी नहीं दिखाई जाती। छात्रों की ज्यादा शिकायत होने पर कॉपी देखने में वेटिंग चलती है। कई बार में आने में छात्रों का खर्च बढ़ता है।