{"_id":"5702d7d24f1c1b735bc816b3","slug":"ccsu-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टॉपर्स की कॉपियां ऑनलाइन करेगा विवि ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टॉपर्स की कॉपियां ऑनलाइन करेगा विवि
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Tue, 05 Apr 2016 02:38 AM IST
विज्ञापन
सीसीएसयू लोगो।
- फोटो : सीसीएसयू लोगो।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय टॉपर्स स्टूडेंट्स की उत्तर पुस्तिका अपनी वेबसाइट पर ऑनलाइन करेगी। कोई भी छात्र वेबसाइट के लिंक पर जाकर उत्तर पुस्तिका देख सकेगा। इसका प्लान तैयार हो चुका है। सत्र 2015-16 के टॉपर्स की उत्तर पुस्तिका के साथ इसे लागू करने की योजना है। इससे जहां छात्रों को टॉपर्स की उत्तर पुस्तिका देखने का मौका मिलेगा, वहीं मूल्यांकन की कसौटी भी होगी। विवि इसे मूल्यांकन का स्तर सुधरने के रूप में भी देख रहा है।
दीक्षांत समारोह में हर साल विवि टॉपर्स छात्र-छात्राओं को मेडल और सर्टिफिकेट देता है। मेरठ और सहारनपुर मंडल के डिग्री कॉलेज और विवि कैंपस के छात्र-छात्राओं को मिलाकर छह लाख से अधिक छात्रों की संख्या है। ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के टॉपर्स की उत्तर पुस्तिका ऑनलाइन की जाएंगी।
कुलपति प्रो. एनके तनेजा का कहना है कि जिन छात्रों ने अच्छा किया है, उनसे दूसरे छात्रों को सीख मिलेगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी। विवि बहुत जल्द वेबसाइट के माध्यम से उत्तर पुस्तिका दिखाने की व्यवस्था करेगा। गौरतलब है कि एक साल पहले टॉपर्स की कॉपी लाइब्रेरी में रखने की योजना बनी थी। लेकिन वह लागू नहीं हो पाई। अब ऑनलाइन दिखाने की योजना है।
विज्ञापन
मूल्यांकन की होगी कसौटी
टॉपर्स की कॉपी ऑनलाइन होने से मूल्यांकन की कसौटी होगी। विवि को इसका फायदा यह होगा कि मूल्यांकन में सख्ती आएगी। लापरवाही के आरोप नहीं लगेंगे। आरटीआई में उत्तर पुस्तिका देखने के बाद जो फजीहत झेलनी पड़ती है, वह नहीं होगी। सूत्रों की मानें तो कुछ शिक्षक इससे एक्सपोज भी हो सकते हैं। उत्तर पुस्तिका या मूल्यांकन पर अगर सवाल खड़ा होता है तो विवि उसकी जांच कराने के लिए तैयार है।
विज्ञापन
दीक्षांत समारोह में हर साल विवि टॉपर्स छात्र-छात्राओं को मेडल और सर्टिफिकेट देता है। मेरठ और सहारनपुर मंडल के डिग्री कॉलेज और विवि कैंपस के छात्र-छात्राओं को मिलाकर छह लाख से अधिक छात्रों की संख्या है। ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के टॉपर्स की उत्तर पुस्तिका ऑनलाइन की जाएंगी।
विज्ञापन
कुलपति प्रो. एनके तनेजा का कहना है कि जिन छात्रों ने अच्छा किया है, उनसे दूसरे छात्रों को सीख मिलेगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी। विवि बहुत जल्द वेबसाइट के माध्यम से उत्तर पुस्तिका दिखाने की व्यवस्था करेगा। गौरतलब है कि एक साल पहले टॉपर्स की कॉपी लाइब्रेरी में रखने की योजना बनी थी। लेकिन वह लागू नहीं हो पाई। अब ऑनलाइन दिखाने की योजना है।
विज्ञापन
मूल्यांकन की होगी कसौटी
टॉपर्स की कॉपी ऑनलाइन होने से मूल्यांकन की कसौटी होगी। विवि को इसका फायदा यह होगा कि मूल्यांकन में सख्ती आएगी। लापरवाही के आरोप नहीं लगेंगे। आरटीआई में उत्तर पुस्तिका देखने के बाद जो फजीहत झेलनी पड़ती है, वह नहीं होगी। सूत्रों की मानें तो कुछ शिक्षक इससे एक्सपोज भी हो सकते हैं। उत्तर पुस्तिका या मूल्यांकन पर अगर सवाल खड़ा होता है तो विवि उसकी जांच कराने के लिए तैयार है।