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विवि में नवीन शिक्षा नीति पर मंथन
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Sun, 17 Jan 2016 01:14 AM IST
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चौधरी चरण सिंह विवि में शनिवार को राज्य परियोजना निदेशालय की ओर से आयोजित मेरठ और बरेली विवि के कॉलेजों की कार्यशाला में नवीन शिक्षा नीति को लेकर मंथन किया गया।
कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान को लेकर चर्चा हुई। शिक्षकों ने कहा कि 90 फीसदी शिक्षक पढ़ाना चाहता है, लेकिन 10 फीसदी नहीं पढ़ाना चाहते हैं, जिसकी वजह से सभी बदनाम हैं, क्योंकि वो शिक्षक साल में 265 दिन विवि के मूल्यांकन कार्य में लगे रहे हैं।
ऐसे में विवि को भी सोचना होगा कि मूल्यांकन का काम एक निश्चित अनुपात में ही दिया जाए। छात्रवृत्ति और अनुसंधान से लेकर शुल्क पर भी चर्चा हुई। जिस पर शिक्षकों ने कहा व्यवस्था सुधारने के लिए शुल्क बढ़ाया जाना चाहिए।
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इस मौके पर राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के निदेशक पीके पांडेय ने कहा कि नई शिक्षा नीति में न केवल उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने का लक्ष्य है बल्कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या को बढ़ाना है भी है।
वहीं कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कहा कि नई शिक्षा नीति को लेकर भी गंभीरता से काम करना होगा, उसके बाद ही समस्त लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. के गोयल, अपर सचिव डॉ. आरपीएस यादव, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. जेएस नेगी, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी बरेली डॉ. प्रीति गौतम, प्रो. एपी गर्ग, प्रो. वीके मल्होत्रा, प्रो. राकेश कुमार, डॉ. संजय कुमार, डॉ. सीमा जैन, डॉ. वीके त्यागी, डॉ. प्रवेश सोती और अन्य कॉलेजों के प्राचार्य मौजूद रहे।
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कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान को लेकर चर्चा हुई। शिक्षकों ने कहा कि 90 फीसदी शिक्षक पढ़ाना चाहता है, लेकिन 10 फीसदी नहीं पढ़ाना चाहते हैं, जिसकी वजह से सभी बदनाम हैं, क्योंकि वो शिक्षक साल में 265 दिन विवि के मूल्यांकन कार्य में लगे रहे हैं।
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ऐसे में विवि को भी सोचना होगा कि मूल्यांकन का काम एक निश्चित अनुपात में ही दिया जाए। छात्रवृत्ति और अनुसंधान से लेकर शुल्क पर भी चर्चा हुई। जिस पर शिक्षकों ने कहा व्यवस्था सुधारने के लिए शुल्क बढ़ाया जाना चाहिए।
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इस मौके पर राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के निदेशक पीके पांडेय ने कहा कि नई शिक्षा नीति में न केवल उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने का लक्ष्य है बल्कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या को बढ़ाना है भी है।
वहीं कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कहा कि नई शिक्षा नीति को लेकर भी गंभीरता से काम करना होगा, उसके बाद ही समस्त लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. के गोयल, अपर सचिव डॉ. आरपीएस यादव, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. जेएस नेगी, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी बरेली डॉ. प्रीति गौतम, प्रो. एपी गर्ग, प्रो. वीके मल्होत्रा, प्रो. राकेश कुमार, डॉ. संजय कुमार, डॉ. सीमा जैन, डॉ. वीके त्यागी, डॉ. प्रवेश सोती और अन्य कॉलेजों के प्राचार्य मौजूद रहे।