फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   cbse workshops for principals in meerut

प्रिंसिपल की पाठशाला में वैल्यू एजुकेशन का मंत्र

Fri, 28 Aug 2015 01:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Fri, 28 Aug 2015 01:06 AM IST
विज्ञापन
cbse workshops for principals in meerut
बच्चों को संस्कारी बनाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी शिक्षकों की है। प्रिंसिपल खुद को ज्ञानी मानकर कमरे में बैठे रहने के बजाय बच्चों के बीच वक्त बिताएं। मैनेजमेट और मनी के वातावरण से प्रिंसिपल को बाहर निकलना होगा। पब्लिक स्कूलों के प्रिंसिपलों को मोरल वैल्यू एजुकेशन का यह मंत्र सीबीएसई रीजनल कांफ्रेंस टूगेदर में दिया गया।
विज्ञापन


 सीबीएसई की चेयरपर्सन डॉ. सतबीर बेदी सहित बोर्ड के उच्च अधिकारियों ने प्राचार्यों को बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार की कुंजी दी। नो योर स्कूल, ग्रो योर स्कूल विषय पर सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून और प्रिंसिपल फोरम, मेरठ सहोदय द्वारा एक दिवसीय क्षेत्रीय कांफ्रेंस टूगेदर का आयोजन हुआ। ब्रावुरा रिसोर्ट में हुई कांफ्रेंस में देशभर के 286 प्राचार्यों ने भाग लिया।
विज्ञापन


मुख्य अतिथि सीबीएसई चेयरपर्सन डॉ. सतबीर बेदी और अन्य अतिथियों में डॉ. डीके भवसार डैप्युटी एजूकेशन एडवाइजर मानव संसाधन विकास मंत्रालय, डीटी सुदर्शन राव संयुक्त सचिव और प्रभार एकेडमिक ट्रेनिंग, अंतरिक्ष जौहरी डायरेक्टर आईटी, परीक्षा नियंत्रक केके चौधरी, एमवीवीएस प्रसाद राव डायरेक्टर वोकेशनल एजूकेशन, क्षेत्रीय अधिकारी मनोज श्रीवास्तव मौजूद रहे। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


कांफ्रेंस में शिक्षकों का सशक्तीकरण, क्लीन स्कूल, सेफ स्कूल और एफिलेशन, लीडरशिप, ऑनरशिप, एग्जाम मैटर्स पर चर्चा हुई। आयोजन समिति में विशाल जैन, डॉ. अल्पना शर्मा, डॉ. एचएम राउत, प्रेम मेहता, डॉ. मृणालिनी अनंत, चंद्रलेखा जैन, आईबी दुबे, राहुल केसरवानी, सुधांशु शेखर आदि मौजूद रहे।

बच्चों में मोरल वैल्यू की कमी
कांफ्रेंस में अधिकांश प्राचार्याें की परेशानी बच्चों में मोरल वैल्यू की कमी थी। आमने-सामने सत्र में प्राचार्यों ने चेयरपर्सन के समक्ष अपनी दिक्कतें रखीं। बच्चों को मोरल वैल्यू कै से सिखाएं, ग्रामीण बच्चों को शिक्षा से कैसे जोड़ें, शिक्षकों के लिए बोर्ड को पोर्टल पर एक ऑनलाइन सेशन शुरू करना चाहिए, पीएसए पर अभिभावकों को प्राचार्य क्या जवाब दें।

स्कूलों में बंद हो डे सेलीब्रेशन
बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. बेदी ने साफ कहा कि मदर्स डे, फादर्स डे या ग्रैंड पैरेंट्स डे मनाकर आप बच्चों को संस्कार नहीं सिखा सकते। एक दिन केक काटकर संस्कार सिखाने का जो सिस्टम स्कूलों में चल रहा है वे उसके पक्ष में कतई नहीं हैं। स्कूल इसे बंद करें। शिक्षक गुरु बनकर छात्राें से व्यवहार करें। उच्च शिक्षाविद और प्रिंसिपल बनकर बच्चों से मिलेंगे तब तक स्कूल, स्कूल रहेंगे वहां मोरल वैल्यू विकसित नहीं होगा।

क्रोध पर काबू रखें शिक्षक
बोर्ड के संयुक्त सचिव और प्रभार एकेडमिक ट्रेनिंग डीटी सुदर्शन राव ने प्राचार्याें को गीता के श्लोकों के जरिए शिक्षक बनने की सलाह दी। उन्होंने कहा शिक्षक क्रोध पर काबू रखें, डॉक्टरेट उपाधि वाले व्यक्ति बनने के बजाय शिक्षक बनकर छात्रों से मिलें तभी आपकी शिक्षा सफल होगी। उन्होंने कहा बोर्ड छात्रों से पहले शिक्षकों को मोरल वैल्यू में मजबूत बनाने पर काम कर रहा है। इसके लिए कार्यशालाओं का आयोजन होगा।

ई-लर्निंग प्रणाली को मजबूत करेंगे
बोर्ड के आईटी डायरेक्टर अंतरिक्ष जौहरी ने बताया बोर्ड के पोर्टल, ऑनलाइन स्टडी मैटेरियल और ई-लर्निंग प्रणाली को और मजबूत बनाया जाएगा। इसके लिए बोर्ड ने आईटी विशेषज्ञों की टीम बनाई है। जो स्कूलों की मान्यता से लेकर परीक्षा संबंधी बिंदुओं पर नजर रखेगी।
   
वोकेशनल एजुकेशन में शामिल होंगे नए विषय
कांफ्रेस में बोर्ड के  वोकेशन एजुकेशन डायरेक्टर एमवीवीएस राव ने कहा बोर्ड का उद्देश्य शिक्षा के साथ रोजगार है। हाल में ही पाठ्यक्रम में वोके शनल ट्रेनिंग से जुड़े प्रशिक्षण, इंडस्ट्री टूर आदि शामिल हुए हैं। बोर्ड वोकेशनल एजुकेशन का दायरा बढ़ाकर नए कोर्स शामिल करने जा रहा है। जो अगले सत्र तक शुरू हो सकते हैं।

 
सेवन एस का दिया सूत्र

देहरादून रीजन के क्षेत्रीय अधिकारी मनोज श्रीवास्तव ने प्राचार्यों को सेवन एस का सूत्र दिया। उन्होंने कहा अपने छात्रों से संवाद स्थापित करने के लिए स्ट्रेटजी, स्टडी, स्टेटिक्स सहित अन्य एस पर ध्यान देना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed