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कैंट बोर्ड की विशेष बैठक में मानी गईं सभी मांगे
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Fri, 15 Jul 2016 02:26 AM IST
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कैंट बोर्ड में बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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कैंट बोर्ड की विशेष बैठक में 210 बी मॉल ध्वस्तीकरण में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए सभी मांगे मान ली गईं। बैठक में तय हुआ कि प्रत्येक आश्रित को फिलहाल 10-10 लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। जबकि बाकी 15-15 लाख रुपये की स्वीकृति के लिए रक्षा मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। मृतक दीपक शर्मा की पत्नी को कैंट बोर्ड में नौकरी और छावनी की सी लैंड पर बोर्ड द्वारा दुकान बनाकर देने की घोषणा की गई। जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद और उनका कैंट अस्पताल में मुफ्त इलाज होगा।
सब एरिया कमांडर मेजर जनरल के. मनमीत सिंह (कैंट बोर्ड अध्यक्ष) की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे शुरू हुई। कार्यवाही शुरू होने से पहले हादसे में मरने वालों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद सदस्यों द्वारा दिए मांग पत्र को सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने पढ़ा। सीईओ ने कहा कि कैंट बोर्ड ने प्रत्येक मृतक आश्रित को 5-5 लाख का मुआवजा तुरंत देने की घोषणा की है।
बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा समेत सभी सदस्यों ने पीड़ितों को 25-25 लाख मुआवजा देने की मांग की। जिसके बाद बोर्ड अध्यक्ष ने प्रस्ताव पर सहानुभूति जताते हुए 10-10 लाख रुपये मुआवजा तुरंत देने, जबकि अन्य 15-15 लाख रुपये का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को भेजने की बात कहीं।
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नाम चाहे जो रखें
सीईओ ने कहा कि मृतक दीपक शर्मा की पत्नी चित्रा शर्मा जब से चाहें, कैंट बोर्ड में नौकरी पर आ सकती हैं। उपाध्यक्ष ने कहा कि पीड़ित पक्ष को मिलने वाली दुकान का नाम दीपक नान वाले के नाम पर ही होना चाहिए। जिस पर बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि दीपक के परिवार को बोर्ड की सी लैंड पर जहां भी दुकान चाहिए, वहां बना दी जाएगी। दुकान का नाम भी वह जो चाहे रख सकते हैं।
चित्रा को मिला चेक
बैठक के दौरान चित्रा शर्मा को 10 लाख रुपये का चेक सौंपा गया। हालांकि उनके मृतक पुत्र हनी का चेक उसके गोदनामे को लेकर हुए विवाद के चलते फिलहाल रोक दिया गया। बैठक में अन्य दो मृतकों के परिजन नहीं पहुंचे। सीईओ ने कहा कि मॉल ध्वस्तीकरण के दौरान पड़ोसी शिबू के घर की क्षतिग्रस्त छत की भी मरम्मत होगी। बैठक में कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, एडीएम (वित्त) गौरव वर्मा, कर्नल सुबोध गर्ग, कर्नल एके वेद, राजेश त्यागी के अलावा बोर्ड सदस्य रिनी जैन, अनिल जैन, बुशरा कमाल, नीरज राठौर, मंजू गोयल, धर्मेंद्र सोनकर, विपिन सोढ़ी मौजूद रहे।
सब एरिया कमांडर मेजर जनरल के. मनमीत सिंह (कैंट बोर्ड अध्यक्ष) की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे शुरू हुई। कार्यवाही शुरू होने से पहले हादसे में मरने वालों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद सदस्यों द्वारा दिए मांग पत्र को सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने पढ़ा। सीईओ ने कहा कि कैंट बोर्ड ने प्रत्येक मृतक आश्रित को 5-5 लाख का मुआवजा तुरंत देने की घोषणा की है।
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बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा समेत सभी सदस्यों ने पीड़ितों को 25-25 लाख मुआवजा देने की मांग की। जिसके बाद बोर्ड अध्यक्ष ने प्रस्ताव पर सहानुभूति जताते हुए 10-10 लाख रुपये मुआवजा तुरंत देने, जबकि अन्य 15-15 लाख रुपये का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को भेजने की बात कहीं।
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नाम चाहे जो रखें
सीईओ ने कहा कि मृतक दीपक शर्मा की पत्नी चित्रा शर्मा जब से चाहें, कैंट बोर्ड में नौकरी पर आ सकती हैं। उपाध्यक्ष ने कहा कि पीड़ित पक्ष को मिलने वाली दुकान का नाम दीपक नान वाले के नाम पर ही होना चाहिए। जिस पर बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि दीपक के परिवार को बोर्ड की सी लैंड पर जहां भी दुकान चाहिए, वहां बना दी जाएगी। दुकान का नाम भी वह जो चाहे रख सकते हैं।
चित्रा को मिला चेक
बैठक के दौरान चित्रा शर्मा को 10 लाख रुपये का चेक सौंपा गया। हालांकि उनके मृतक पुत्र हनी का चेक उसके गोदनामे को लेकर हुए विवाद के चलते फिलहाल रोक दिया गया। बैठक में अन्य दो मृतकों के परिजन नहीं पहुंचे। सीईओ ने कहा कि मॉल ध्वस्तीकरण के दौरान पड़ोसी शिबू के घर की क्षतिग्रस्त छत की भी मरम्मत होगी। बैठक में कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, एडीएम (वित्त) गौरव वर्मा, कर्नल सुबोध गर्ग, कर्नल एके वेद, राजेश त्यागी के अलावा बोर्ड सदस्य रिनी जैन, अनिल जैन, बुशरा कमाल, नीरज राठौर, मंजू गोयल, धर्मेंद्र सोनकर, विपिन सोढ़ी मौजूद रहे।