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बुखार से मासूम की मौत, सीएचसी पर डॉक्टर को पीटा

Thu, 15 Sep 2016 03:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Thu, 15 Sep 2016 03:08 AM IST
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bukhar se maasoom ki maut
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
 तीन साल के बच्चे की सीएचसी पर बुखार से मौत होने पर गुस्साए ग्रामीणों ने डॉक्टर को पीट दिया। चिकित्सकों ने कामकाज ठप करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में एसडीएम ने चिकित्सकों को थाने भेजकर कार्रवाई कराने की बात कही।
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सरधना सीएचसी पर तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वीर सिंह ने बताया कि दोपहर को हर्रा गांव निवासी फारूख पुत्र उमर मोहम्मद अपने तीन साल के बेटे फुरकान को लेकर सीएचसी पहुंचा था। फुरकान की हालत गंभीर थी। उसे बुखार और गलघोंटू की शिकायत थी। उन्होंने हालत गंभीर होती देख उसे ग्लूकोज की ड्रिप लगा दी और रेफर स्लिप भी बना दी। मेरठ रेफर करने के लिये एंबुलेंस कॉल कर ली।
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आरोप है कि इसी बीच लगभग दो दर्जन अज्ञात लोग उनके कक्ष में घुसेे और फुरकान की मौत होने की बात कहते हुए उनके साथ अभद्रता व मारपीट कर दी। शोर सुनकर अन्य चिकित्सक दौडे़ तो आरोपी भाग खडे़ हुए। सूचना पर सरधना पुलिस भी पहुंच गई। इसी बीच परिजन बिना कोई कानूनी कार्रवाई के फुरकान का शव ले गए।
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डॉ. वीर सिंह के साथ हुई घटना के विरोध में चिकित्सक चिकित्सा सेवा ठप कर थाने पहुंच गए। आरोप है कि आधा घंटे तक चिकित्सक थाने पर खड़े रहे। लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। जिसके बाद सभी सीएचसी प्रभारी डॉ. राजकुमार सागर के नेतृत्व में एसडीएम राकेश कुमार के पास पहुंचे। उन्होंने एसडीएम से रिपोर्ट दर्ज कराने और सीएचसी में सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की। एसडीएम ने थाना पुलिस को कार्रवाई के लिये लिखा जिसके बाद चिकित्सक वापस थाने पहुंचे। डॉ. सागर का आरोप है कि पुलिस का रवैया उससे भी ज्यादा गलत रहा। एसडीएम ने बताया कि मामला संज्ञान में है। पुलिस को कार्रवाई के लिये लिखा गया है।


सेतकुआं में बुखार से बच्ची की मौत
खरखौदा (ब्यूरो)। चार दिन से बुखार से पीड़ित गांव सेतकुआं निवासी डेढ़ वर्षीय बच्ची ने बुधवार को दम तोड़ दिया। गांव सेतकुआं निवासी सुमित नागर के अनुसार उनकी बेटी अवनी को चार दिन पहले तेज बुखार आया था। जिसका खरखौदा में एक चिकित्सक से उपचार चल रहा था। सोमवार को बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसे शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां चिकित्सकों ने अवनी को दिमागी बुखार घोषित कर दिया। हालत बिगड़ने पर कई अस्पताल बदले। मंगलवार को बच्ची को वेंटिलेटर पर लाया गया। जहां उसने बुधवार को दम तोड़ दिया। खरखौदा सीएचसी प्रभारी डॉ. आरएस सिरोहा का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। वे बृहस्पतिवार को जांच कराएंगे।
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