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मेरठ में बुखार ने ली 11 की जान, प्रधान के चचेरे भाई की भी बुखार से मौत

Thu, 29 Sep 2016 06:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Thu, 29 Sep 2016 06:07 PM IST
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bukhaar se jaan gaye
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
 स्वास्थ्य विभाग के बुखार कम होने को लेकर किए जा रहे दावों में दम नजर नहीं आ रहा। बुखार का कहर बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार को अब्दुल्लापुर में बुखार ने तीन लोगाें की जान ले ली। वहीं पबला, इंचौली, सरधना और परीक्षितगढ़ क्षेत्र में सात मौत हो गई। वहीं जो ब्लड सैंपल जांच के लिए गया उसकी अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। सिवाया में प्रधान के चचेरे भाई की भी बुखार से मौत हो गई।
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किला रोड स्थित अब्दुल्लापुर में आबिदा(62) पत्नी अलीशान कई दिन से बुखार से पीड़ित थी। वहीं कलवाराम पुत्र गोविंद राम, नसीम फातमा(75) पत्नी सैयद जमीन अहमद भी बुखार से पीड़ित थे। परिजनों ने बताया कि स्थानीय डॉक्टर से उनका इलाज चल रहा था। मंगलवार को तीनों की बुखार से मौत हो गई। इससे गांव में दहशत है। वहीं इंचौली थाना क्षेत्र के पबला गांव में ब्रह्म सिंह (55) दो दिन से बुखार से पीड़ित था। परिजनों ने गांव में डॉक्टर से दवाई दिलाई, लेकिन फर्क नहीं पड़ा।
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सोमवार देर रात तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर ब्रह्म सिंह की मौत हो गई। वहीं गांव का ही राजकुमार (28) इंचौली स्थित स्कूल में काम करता था। रविवार शाम राजकुमार को बुखार आया तो परिजनों ने गांव के डॉक्टर को दिखाया। सोमवार रात तबीयत खराब होने पर परिजन एंबुलेंस द्वारा मेरठ के लिए लेकर चले, लेकिन रास्ते में ही राजकुमार की मौत हो गई। वहीं इंचौली गांव निवासी समसीदन (48) पत्नी जमील भी तीन दिन से बुखार से पीड़ित थी। सोमवार को तबीयत खराब होने पर गांव को डॉक्टर को दिखाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं इंचौली निवासी करीमुद्दीन को पांच दिन से बुखार था। मंगलवार को उसकी मौत हो गई।
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बुखार से बच्चे की मौत
सरधना (ब्यूरो)। कुलंजन गांव निवासी इरफान के परिवार में बुखार से एक सप्ताह में दो बच्चों की मौत हो गई। अरमान (9) कई दिन से बुखार से पीड़ित था। गांव के चिकित्सक से उसका इलाज चल रहा था। सोमवार शाम तबीयत ज्यादा खराब होने पर अरमान की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि तीन दिन पहले अरमान के बड़े भाई फरमान(9) की मौत हो गई थी। दोनों बच्चों की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. श्रीराम प्रेमी ने अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा कि गांव में कैंप लगाकर दवाई वितरित की जाएगी।

दो वृद्धों की बुखार ने ली जान
परीक्षितगढ़ (ब्यूरो)। पूठी गांव निवासी छंगामल (70) कई दिन से बुखार से पीड़ित था। उसे मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी उपचार के दौरान सोमवार देर रात मौत हो गई। वहीं, ग्राम ऐंचीकला निवासी 65 वर्षीय ग्रामीण की बुखार के चलते नगर में निजी अस्पताल में सोमवार रात मौत हो गई। क्षेत्र में सैकड़ों लोग अब भी बुखार से पीड़ित हैं।


प्रधान के चचेरे भाई की मौत
मोदीपुरम। सिवाया गांव निवासी अमित (35) तीन दिन से चिकनगुनिया से पीड़ित था। मंगलवार को तबीयत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई। अमित गांव के प्रधान जितेंद्र चौधरी का चचेरा भाई था। मृतक के दो बेटी हैं। गांव में वायरल और अन्य बीमारी से दर्जनों लोग बीमार है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ विभाग द्वारा शिविर नहीं लगाया जा रहा है। प्रधान ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से शिविर लगाने की मांग की गई है। उधर, सीएचसी प्रभारी डॉ. गजेंद्र सिंह का कहना है कि टीम द्वारा गांव में शिविर लगाया जाएगा।
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