बुग्गी खींचने वाली मीना ने अब चलाई रिक्शा, एक क्लिक में पढ़ें पूरी कहानी
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बागपत की मीना ने पहले मां-बाप को बैठाकर भाई की मदद से बुग्गी खींची तो जिला प्रशासन ने सहायता का पिटारा खोल दिया। शामली में घोड़ा मिला, जबकि निवाड़ा में उसके घर अफसर पहुंचे। राशन कार्ड से लेकर मकान तक दिलाने का भरोसा दिलाया। अब मीना रिक्शा लेकर घर से निकल पड़ी है। उसने पुलिस लाइन रोड पर जिला अस्पताल तक रिक्शा चलाई। दिनभर विकास भवन के सामने से सवारियां ढोती रही। इस काम में उसके भाई ने मदद की।
निवाड़ा गांव में रह रहे दिव्यांग सलमू का परिवार आर्थिक परेशानी झेल रहा है। शामली में सलमू की बेटी ने बुग्गी खींची तो सिस्टम की नींद टूटी। शामली और बागपत का प्रशासन मदद में जुटा है, लेकिन मंगलवार को एक बार फिर मीना अपने परिवार की मदद के लिए सड़क पर उतरी। रिक्शा लेकर वह निवाड़ा से दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से सटे पुलिस लाइन रोड पर पहुंची। यहां से जिला अस्पताल, विकास भवन, शिक्षा विभाग के दफ्तर और कोर्ट जाने वाली सवारियों को ढोती रही। मीना ने कहा अफसरों नेगांव में पहुंचकर परिवार को मदद का भरोसा दिलाया है, लेकिन घर की स्थिति खराब है। वह अपने परिवार का पेट पालने के लिए रिक्शा चला रही है। उसके भाई आरिफ ने रिक्शा चलाने में मदद की। विगत दिनों प्रशासन ने मकान, राशन कार्ड, पेंशन और रोजगार दिलवाने का आश्वासन दिया, लेकिन जब तक रोजगार मिलेगा, तब तक भी खाने का प्रबंध करना है। सलमू का कहना है कि उसे अपनी बेटी मीना पर गर्व है। उसी के कंधे पर परिवार की जिम्मेदारी है। उधर, जिस रोड पर मीना ने रिक्शा चलाई, यहां से दिनभर विभिन्न विभागों के अफसर गुजरते हैं, लेकिन किसी को मीना दिखाई ही नहीं दी।
छाले भी नहीं रोक पा रहे मीना को
अपने माता-पिता को बुग्गी से हरिद्वार से लाते समय मीना के हाथ और पैरों में छाले पड़ गए हैं। उस पर पट्टी बंधी है। उनका दर्द भी उसको रिक्शा चलाने से नहीं रोक पा रहा है।
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ये है सलमू के परिवार में
सलमू के मुताबिक उसके तीन लड़की अंजाना (25), मीना (10), हिना (15) तीन लड़के आरिफ (8), दिलशाद (6), शमशेर (5) हैं। बड़ी लड़की अंजाना का निकाह हरियाणा में हुआ। जो पिछले कई साल से गायब है। उसके पास उसकी मां रानी रहती है।
सलमू की बिटिया को इंसाफ
किशोरी के अपहरण के केस में बाल संप्रेक्षण गृह में बंद सलमू की बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए अधिवक्ता अनिल कुमार उपाध्याय सामने आए हैं। उपाध्याय का कहना है कि उनके द्वारा सलमू की बेटी का केश मुक्त में लड़ा जाएगा। उन्होंने कोर्ट में जमानत अर्जी लगाने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। उधर, सलमू मंगलवार को समाजसेवी शिवकुमार कटियार के साथ कोतवाली पहुंचा। उसने अपनी बेटी पर दर्ज मुकदमे की कॉपी पुलिस से ली।
खैरूना को तलाश करने गया ताऊ भी हुआ गायब
13 वर्षीय किशोरी खैरूना तीन माह से लापता है। उसको तलाश करने के लिए ही सलमू अपनी बेटी मीना के साथ हरिद्वार गया। तलाश करने के लिए खैरूना का ताऊ इरफान भी एक माह पहले घर से निकल गया, जो अभी तक वापस अपने घर नहीं लौटा। परिजनों ने कहा इरफान भी गायब हो गया है। उसकी माता सलामती और परिवार के अन्य लोग उनको देखने के लिए शामली और आसपास के जनपदों में गई है।
क्या है मामला
सलमू की 15 वर्षीय बेटी और बहन की पौत्री खैरूना (11) तीन माह पहले घर से निकली। सलमू की बेटी कुछ दिन बाद लौट आई, लेकिन खैरूनी नहीं लौटी। सलमू की बेटी ने बताया खैरूना को बड़ौत के एक युवक ने अजमेर में ले जाकर बेच दिया। कोतवाली पुलिस खैरूना को तलाश करने के लिए अजमेर गई। वहां खैरूना नहीं मिली। इसके बाद सलमू की बेटी ने बयान दिया था कि एक युवक ने उसे हरिद्वार में गंगा में डूबाकर मार दिया है। पुलिस ने सलमू की बेटी को एक माह पूर्व खैरूना के अपहरण के केस में गिरफ्तार कर बाल संप्रेक्षण गृह में भेज दिया। उधर, आरोपी बज्जू पुलिस अभिरक्षा से अजमेर से भाग गया। दो दिन बाद उसने बागपत कोर्ट में सरेंडर किया।
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