{"_id":"e1a3a62f5cfad1e3446f4c4cc7855011","slug":"bsf-chartered-plane-accident-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार्टर्ड विमान हादसे में मेरठ के कमांडेंट और इंजीनियर की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार्टर्ड विमान हादसे में मेरठ के कमांडेंट और इंजीनियर की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Wed, 23 Dec 2015 01:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीएसएफ के चार्टर्ड विमान में सवार मेरठ निवासी डिप्टी कमांडेंट और एक इंजीनियर की मौत के बाद दोनों के घर में कोहराम मच गया। घर में रिश्तेदारों और आसपास के लोगों का तांता लग गया। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
विज्ञापन
बीएसएफ में डिप्टी कमांडेंट पद पर तैनात धीरेंद्र कुमार (डी कुमार) पुत्र रिटायर कैप्टन देवी सिंह मूलरूप से लालकुर्ती थाना क्षेत्र के कसेरूखेड़ा के निवासी थे। उनकी पत्नी शशि, दो बेटी निनी और राशि गंगानगर स्थित गंगाधाम कॉलोनी बी-134 में रहते हैं। वहीं, बडे़ भाई धर्मेंद्र बी-125 में परिवार के साथ रहते हैं।
विज्ञापन
मंगलवार सुबह दिल्ली से रांची के लिए बीएसएफ के चार्टर्ड विमान ने उड़ान भरी, लेकिन कुछ दूर ही हादसे का शिकार हो गया। इस हादसे में डिप्टी कमांडेंट धीरेंद्र कुमार और मामेपुर निवासी इंजीनियर देवेंद्र पाल पुत्र लक्ष्मण सिंह की मौत हो गई। धीरेंद्र की मौत की खबर कुछ ग्रामीणों ने टीवी पर देखी और उनके परिजनों को सूचना दी। धीरेंद्र और देवेंद्र की मौत की खबर मिलते ही उनके घरों में कोहराम मच गया। धीरेंद्र कुमार के बड़े भाई धर्मेंद्र कुमार की पीएल शर्मा रोड पर कंप्यूटर एसेसीरिज शॉप है, जबकि छोटा भाई नीरज कुमार रेलवे में अधिकारी है।
विज्ञापन
उधर, मामेपुर गांव निवासी इंजीनियर देवेंद्र पाल की मौत की सूचना मिलते ही भाई बृजेश कुमार और डॉ. रवि चौहान दिल्ली के लिए रवाना हो गए। बड़े भाई ऋषिपाल सिंह के मुताबिक देवेंद्रपाल दिल्ली में रेसकोर्स के पास परिवार के साथ रह रहे थे। देवेंद्र की शादी गांव भस्याना की संगीता के साथ 1991 में हुई थी। एक बेटा सोनू चौहान दिल्ली स्थित एक कॉलेज से पढ़ाई कर रहा है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
डिप्टी कमांडेंट धीरेंद्र की पत्नी शशि, बेटियों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल थ। आसपास के लोग और रिश्तेदार उन्हें सांत्वना देने में लगे थे। पूरे गांव में गमगीन माहौल था।