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बिना आधार नहीं बन पाएंगे सेना के जवान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2016 01:01 AM IST
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आधार कार्ड के बिना अब युवक सेना में भर्ती नहीं हो पाएंगे। सेना भर्ती ऑनलाइन प्रक्रिया को आधार कार्ड से लिंक करने का प्रपोजल सरकार को भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलते ही सेना भर्ती को आधार कार्ड से जोड़ दिया जाएगा। वहीं, अभी सेना भर्ती कार्यालय आवेदकों से आधार नंबर ले रहे हैं।
ये है प्रक्रिया
सेना भर्ती के ऑनलाइन आवेदन के दौरान घर का पता पूछा जाता है। सरकार से प्रपोजल को मंजूरी मिलते ही इस ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में आधार कार्ड को लिंक कर दिया जाएगा, ताकि सभी आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का एड्रेस प्रूफ सही मिल सके।
हालांकि सेना भर्ती में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अभी भर्ती कार्यालय द्वारा आवेदक से आधार नंबर मांगे जा रहे हैं, ताकि उसके एड्रेस की जांच की जा सके। वहीं सेना भर्ती रैली में भी फर्जी तरीके से अभ्यर्थी न घुस सकें, इसके लिए बायोमेट्रिक पहचान ली जाने लगी है। बायोमेट्रिक पहचान कंप्यूटर में डालने के साथ अभ्यर्थी का पूरा विवरण सामने आ जाता है। यह प्रक्रिया पिछले दिनों सहारनपुर में हुई भर्ती रैली के दौरान की गई थी।
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आधार लिंक यूं है जरूरी
अगर मेरठ भर्ती कार्यालय ने सेना भर्ती रैली आयोजित की है तो उसमें मेरठ सेना भर्ती कार्यालय से जुड़े 12 जिलों के अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकते हैं। लेकिन फर्जी तरीके से एड्रेस प्रूफ बनवाकर बाहरी अभ्यर्थी भी आवेदन कर देते हैं।
इसी फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आधार कार्ड से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को लिंक किए जाने की योजना है। ताकि जैसे ही अभ्यर्थी आवेदन कर अपना डोमिसाइल भरे तो उसका आधार कार्ड से पता चल जाए कि वह किस जिले और किस भर्ती कार्यालय के अंतर्गत आता है।
मेरठ से जुड़े ये जिले
हेडक्वार्टर रिक्रूटिंग लखनऊ जोन के अंतर्गत पूरा यूपी और उत्तराखंड आते हैं। लखनऊ जोन में नौ एआरओ (आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस) हैं। इसमें वाराणसी, बरेली, लखनऊ, आगरा, अमेठी, मेरठ और उत्तराखंड का अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, लैंस डाउन भर्ती कार्यालय आते हैं।
वहीं मेरठ भर्ती कार्यालय के अंतर्गत 13 जिले मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, बागपत, अमरोहा, रामपुर आते हैं। इन्हीं जगह के अभ्यर्थी यहां आवेदन कर सकते हैं।
डाटाबेस हो रहा तैयार
सेना की ओर से भर्ती रैली में शामिल होने वालों का डॉटा तैयार किया जा रहा है। इस डॉटाबेस में हर अभ्यर्थी का पूरा विवरण होने के साथ ही बायोमेट्रिक पहचान व रेटिना स्कैन भी रखा जाएगा। एक बार डाटा सर्वर में पड़ने के बाद इसी से अभ्यर्थियों की पहचान होगी। यह डॉटा देश के हर भर्ती निदेशालय में उपलब्ध होगा।
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ये है प्रक्रिया
सेना भर्ती के ऑनलाइन आवेदन के दौरान घर का पता पूछा जाता है। सरकार से प्रपोजल को मंजूरी मिलते ही इस ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में आधार कार्ड को लिंक कर दिया जाएगा, ताकि सभी आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का एड्रेस प्रूफ सही मिल सके।
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हालांकि सेना भर्ती में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अभी भर्ती कार्यालय द्वारा आवेदक से आधार नंबर मांगे जा रहे हैं, ताकि उसके एड्रेस की जांच की जा सके। वहीं सेना भर्ती रैली में भी फर्जी तरीके से अभ्यर्थी न घुस सकें, इसके लिए बायोमेट्रिक पहचान ली जाने लगी है। बायोमेट्रिक पहचान कंप्यूटर में डालने के साथ अभ्यर्थी का पूरा विवरण सामने आ जाता है। यह प्रक्रिया पिछले दिनों सहारनपुर में हुई भर्ती रैली के दौरान की गई थी।
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आधार लिंक यूं है जरूरी
अगर मेरठ भर्ती कार्यालय ने सेना भर्ती रैली आयोजित की है तो उसमें मेरठ सेना भर्ती कार्यालय से जुड़े 12 जिलों के अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकते हैं। लेकिन फर्जी तरीके से एड्रेस प्रूफ बनवाकर बाहरी अभ्यर्थी भी आवेदन कर देते हैं।
इसी फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आधार कार्ड से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को लिंक किए जाने की योजना है। ताकि जैसे ही अभ्यर्थी आवेदन कर अपना डोमिसाइल भरे तो उसका आधार कार्ड से पता चल जाए कि वह किस जिले और किस भर्ती कार्यालय के अंतर्गत आता है।
मेरठ से जुड़े ये जिले
हेडक्वार्टर रिक्रूटिंग लखनऊ जोन के अंतर्गत पूरा यूपी और उत्तराखंड आते हैं। लखनऊ जोन में नौ एआरओ (आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस) हैं। इसमें वाराणसी, बरेली, लखनऊ, आगरा, अमेठी, मेरठ और उत्तराखंड का अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, लैंस डाउन भर्ती कार्यालय आते हैं।
वहीं मेरठ भर्ती कार्यालय के अंतर्गत 13 जिले मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, बागपत, अमरोहा, रामपुर आते हैं। इन्हीं जगह के अभ्यर्थी यहां आवेदन कर सकते हैं।
डाटाबेस हो रहा तैयार
सेना की ओर से भर्ती रैली में शामिल होने वालों का डॉटा तैयार किया जा रहा है। इस डॉटाबेस में हर अभ्यर्थी का पूरा विवरण होने के साथ ही बायोमेट्रिक पहचान व रेटिना स्कैन भी रखा जाएगा। एक बार डाटा सर्वर में पड़ने के बाद इसी से अभ्यर्थियों की पहचान होगी। यह डॉटा देश के हर भर्ती निदेशालय में उपलब्ध होगा।