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Meerut News: अंक बढ़ाने का झांसा देने वाले साइबर ठगों से रहें सावधान
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- हाईस्कूल इम्प्रूवमेंट/कम्पार्टमेंट और इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षा के परीक्षार्थियों को ठग बना सकते हैं निशाना
- रोल नंबर और बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें, कॉल आने पर 1930 पर करें शिकायत
मेरठ। माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की हाईस्कूल इम्प्रूवमेंट/कम्पार्टमेंट और इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षा में शामिल हुए परीक्षार्थियों को साइबर ठग निशाना बना सकते हैं। ठग फोन कॉल, मैसेज या ईमेल के माध्यम से परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को अंकों के नाम पर गुमराह कर सकते हैं। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने इस संबंध में सभी परीक्षार्थियों और अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बोर्ड की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार साइबर अपराधी परीक्षार्थियों को फोन कर उनके अंकों की जानकारी देने और पैसे लेकर अंक बढ़वाने का झांसा दे सकते हैं। ठग मुख्य परीक्षा डेटाबेस तक पहुंच होने का दावा करने के साथ ही परिषद के कर्मचारियों के नाम का इस्तेमाल कर फर्जी पहचान भी बता सकते हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परिषद की ओर से परीक्षार्थियों से इस तरह व्यक्तिगत रूप से संपर्क नहीं किया जाता। ऐसे किसी भी फोन कॉल, मैसेज या ईमेल पर भरोसा नहीं करने की अपील की गई है। परीक्षार्थियों और अभिभावकों को रोल नंबर, व्यक्तिगत जानकारी और बैंक संबंधी विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करने के निर्देश दिए गए हैं।
बोर्ड ने कहा है कि साइबर ठगी से संबंधित कॉल आने पर मोबाइल नंबर सहित इसकी सूचना तत्काल जिला विद्यालय निरीक्षक को दें। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव को भी सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। साइबर अपराधियों के खिलाफ आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
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जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी प्रधानाचार्यों के माध्यम से अभिभावकों के व्हाट्सएप ग्रुप और विद्यालय के सूचना पट्ट पर इस संबंध में विद्यार्थियों को जागरूक करें। परिषद ने क्षेत्रीय कार्यालयों को ऐसी शिकायत मिलने पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए हैं।
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- रोल नंबर और बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें, कॉल आने पर 1930 पर करें शिकायत
मेरठ। माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की हाईस्कूल इम्प्रूवमेंट/कम्पार्टमेंट और इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षा में शामिल हुए परीक्षार्थियों को साइबर ठग निशाना बना सकते हैं। ठग फोन कॉल, मैसेज या ईमेल के माध्यम से परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को अंकों के नाम पर गुमराह कर सकते हैं। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने इस संबंध में सभी परीक्षार्थियों और अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बोर्ड की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार साइबर अपराधी परीक्षार्थियों को फोन कर उनके अंकों की जानकारी देने और पैसे लेकर अंक बढ़वाने का झांसा दे सकते हैं। ठग मुख्य परीक्षा डेटाबेस तक पहुंच होने का दावा करने के साथ ही परिषद के कर्मचारियों के नाम का इस्तेमाल कर फर्जी पहचान भी बता सकते हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परिषद की ओर से परीक्षार्थियों से इस तरह व्यक्तिगत रूप से संपर्क नहीं किया जाता। ऐसे किसी भी फोन कॉल, मैसेज या ईमेल पर भरोसा नहीं करने की अपील की गई है। परीक्षार्थियों और अभिभावकों को रोल नंबर, व्यक्तिगत जानकारी और बैंक संबंधी विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करने के निर्देश दिए गए हैं।
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बोर्ड ने कहा है कि साइबर ठगी से संबंधित कॉल आने पर मोबाइल नंबर सहित इसकी सूचना तत्काल जिला विद्यालय निरीक्षक को दें। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव को भी सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। साइबर अपराधियों के खिलाफ आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
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जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी प्रधानाचार्यों के माध्यम से अभिभावकों के व्हाट्सएप ग्रुप और विद्यालय के सूचना पट्ट पर इस संबंध में विद्यार्थियों को जागरूक करें। परिषद ने क्षेत्रीय कार्यालयों को ऐसी शिकायत मिलने पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए हैं।