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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Be careful: Non-smokers are swallowing the equivalent of 11 cigarettes every day

सेहत को लेकर रहें सावधान: धूम्रपान न करने वाले भी रोज निगल रहे 11 सिगरेट के बराबर

Mon, 29 Apr 2024 05:38 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 29 Apr 2024 05:38 PM IST
सार

दिल्ली एनसीआर में रह रहे लोग जो स्मोकिंग (धूम्रपान) नहीं करते हैं, वे भी हर रोज प्रदूषण के कारण करीब 11 सिगरेट के बराबर धुआं निगल रहे हैं। जो लोग धूम्रपान नहीं करते, उनके फेफड़े में भी काले धब्बे हैं।

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Be careful: Non-smokers are swallowing the equivalent of 11 cigarettes every day
मंथन में शामिल हुए शिक्षक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आईएमए हॉल में बढ़ते प्रदूषण को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया और इससे बचाव के लिए मंथन हुआ। चिकित्सकों ने अपने अनुभव साझा किए। मेदांता के डॉ. अरविंद कुमार सर्जन हैं और लंग (फेफड़े) ट्रांसप्लांट करते हैं।

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उन्होंने बताया कि 15 साल पहले जब वह फेफड़ों की जांच करते थे तो फेफड़े खराब होने पर गुलाबी दिखते थे, अब फेफड़े काले हो रहे हैं। जो लोग धूम्रपान नहीं करते, उनके फेफड़े में भी काले धब्बे हैं, जिसका बड़ा कारण प्रदूषण है। 
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लंग केयर फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि दिल्ली एनसीआर में रह रहे लोग जो स्मोकिंग (धूम्रपान) नहीं करते हैं, वे भी हर रोज प्रदूषण के कारण करीब 11 सिगरेट के बराबर धुआं निगल रहे हैं। इससे बचने के लिए जागरूकता जरूरी है। इसलिए पेड़ जरूर लगाएं और सड़क के किनारे कूड़ा बिल्कुल न जलाएं।

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अगर प्रदूषण का स्तर एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 350 से ज्यादा है तो यह ऐसा है कि हर रोज बिना धूम्रपान करने वाला भी 11 सिगरेट के बराबर धुआं पी रहा हो। उन्होंने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में हर रोज अमूमन यही स्थिति है। इस दौरान एडीजी डीके ठाकुर, पद्मश्री डॉ. उषा शर्मा, एसपी ट्रैफिक राघेंद्र कुमार मिश्रा, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अशोक तालियान, अंशिका कंसल, डॉ. एपी माहेश्वरी, डॉ. राजीव खुराना और अभिषेक आदि रहे। 

 

Be careful: Non-smokers are swallowing the equivalent of 11 cigarettes every day
मंथन में शामिल हुए शिक्षक - फोटो : अमर उजाला

दिल की बीमारी का भी बढ़ रहा खतरा: डॉ. राजीव अग्रवाल
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि हर तरह के प्रदूषण से दिल की बीमारी का खतरा भी बढ़ रहा है। अब एंजियोग्राफी करते हुए माइक्रो प्लास्टिक निकल रहा है। इसकी वजह प्रदूषण है। प्लास्टिक की बोतल में पानी भी है। 

प्रदूषण से बचने  के लिए ये करें 
पेड़ लगाएं, सड़क किनारे कूड़ा न जलाएं, पानी की छिड़काव करते रहें, निर्माणाधीन भवनों को ढककर रखें, वाहनों की प्रदूषण जांच कराते रहें। 

 

1078 निकला बेगमपुल का एक्यूआई
आईएमए के सचिव डॉ. तरुण गोयल ने बताया कि डॉ अरविंद की टीम ने शनिवार को बेगमपुल और थापरनगर का एक्यूआई चेक किया था। बेगमपुल का एक्यूआई 1078 आया और थापरनगर का 365 रहा। यह गंभीर है। रविवार को कार्यशाला के दौरान कपूर जलाकर प्रदूषण चेक किया गया तो वह करीब 1400 निकला, जबकि एक्यूआई  150 से ज्यादा नहीं होना चाहिए। 

हर जिले में बनेगी लंग्स सोसायटी
आईएमए अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन ने बताया कि हर जिले में लंग्स सोसायटी बनेगी, जो लोगों को प्रदूषण से रोकने के लिए जागरूक करेगी। पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित करेगी। मेरठ में मेरठ फॉर लंग्स सोसायटी का गठन कर दिया गया है। मेरठ की संस्था हरितिमा लगातार पेड लगा रही है। 14 साल से कार्य कर रही है।

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