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बैंकों में उमड़ी भीड़, कैश हो गया खत्म
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Mon, 14 Nov 2016 02:06 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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पहले तीन दिन बैंकों में लोगों की पैसा जमा करने की भीड़ ज्यादा थी तो रविवार को निकालने वालों की संख्या ज्यादा रही। आरबीआई से कैश न पहुंचने के कारण हालात खराब हो गए और बैंकों ने निकासी की लिमिट आधी कर दी। यही नहीं, कई जगहों पर एक हजार की रकम सिक्कों के तौर पर लेने की शर्त लगा दी गई। कैश खत्म होने के कारण लंबी लाइनों में लगने के बावजूद लोगो को निराश लौटना पड़ा। दूसरी ओर एटीएम का हाल रविवार को भी खराब रहा। एटीएम में पैसा खत्म होने के कारण लोग चक्कर लगाते नजर आए।
नई व्यवस्था लागू होने के पहले तीन दिन में जिले के बैंकों से 242 करोड़ रुपये की निकासी और एक्सचेंज गया। रविवार को नौकरीपेशा लोगों ने छुट्टी होने के कारण सुबह से ही एटीएम और बैंकों के बाहर लाइन लगा दी। भीड़ बढ़ने से बैंकों में हालात और बिगड़ने लगे। कैश कम होने लगा और अफसरों को पसीने आने लगे। कुछ बैंकों ने व्यवस्था बनाने के लिए अपने स्तर से ही खातों से निकासी लिमिट 10 हजार से घटाकर पांच हजार कर दी। दो हजार के दो नोटों के अलावा लोगों को एक हजार रुपये 10 के सिक्के के तौर पर दिए जाने लगे। इससे लोग भड़क गए।
बागपत रोड स्थित पीएनबी में इसे लेकर बखेड़ा हो गया। लोगों का कहना था कि दो हजार के नोट का छुट्टा मार्केट में नहीं है जबकि 10 का सिक्का कोई ले नहीं रहा। ऐसे में यह रकम उनके लिए बेकार है। लोगों ने 100 का नोट मांगा लेकिन नहीं मिला। यही हालात कुछ ओर शाखाओं पर भी रहे। घंटों लाइन में लगने के बाद भी रकम में कटौती होने से लोग नाराज हो गए। जगह-जगह हंगामे और अराजकता का माहौल बन गया।
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लीड बैंक मैनेजर अविनाश तांती के अनुसार सेंट्रल बैंक शास्त्री नगर, रठौड़ा खुर्द सिंडिकेट बैंक, जैदी सोसायटी सहित कई बैंकों से हंगामे की शिकायतें मिली। उन्होंने एसपी सिटी और एसपी क्राइम को इससे अवगत कराते हुए कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई। इसके बाद संबंधित क्षेत्र के सीओ और थाना पुलिस को दौड़ाया गया। बैंक और पुलिस अफसरों ने खुद बैंकों में जाकर व्यवस्था बनाई।
भीड़ ज्यादा, निकासी कम
मेरठ। बैंकों में कैश की किल्लत की वजह से रविवार को बैंकों से कैश निकासी और नोट एक्सचेंज की रकम तीन दिन में सबसे कम रही। दरअसल, बैंकों से सरकार द्वारा निर्धारित 10 हजार की बजाय 5 हजार रुपये ही दिए गए। एक्सचेंज के लिए भी कैश शार्ट होने की वजह से लोग वापस लौटे। इसी वजह से यह आंकड़ा कम हुआ है।
रविवार का आंकड़ा
जमा रकम 490 करोड़ (1.60 लाख खातों में)
निकासी 38 करोड़ (84 हजार खातों में)
एक्सचेंज राशि 42 करोड़ (1.15 लाख खातों में)
अब तक की स्थिति
तिथि जमा रकम निकासी बदली राशि
10 नवंबर 500 करोड़ 35 करोड़ 24 करोड़
11 नवंबर 540 करोड़ 45 करोड़ 47 करोड़
12 नवंबर 530 करोड़ 42 करोड़ 49 करोड़
13 नवंबर 490 करोड़ 38 करोड़ 42 करोड़
आज बंद रहेंगे बैँक
मेरठ। चार दिनों से लगातार दिन-रात काम में लगे बैंक कर्मियों को आज राहत मिलेगी। बैंकों में गुरू नानक जयंती होने की वजह से अवकाश रहेगा। एलडीएम ने बताया कि सोमवार को बैंक में अवकाश रहेगा, इसलिए कोई काम नहीं होगा।
आरबीआई से कैश ना आने की वजह से बनी दिक्कत
एलडीएम अविनाश तांती के अनुसार रविवार को आरबीआई से कैश नहीं पहुंच सका। इसी वजह से कुछ बैंकों में कैश शार्टेज की शिकायतें आई थी। जिससे कानून व्यवस्था खराब होने की आशंका देख पुलिस अधिकारियों को अवगत करा दिया गया था। बैंक प्रबंधकों ने अपने स्तर से व्यवस्था बनाई। पुलिस प्रशासन और बैंक अधिकारियों ने खुद फील्ड में जाकर व्यवस्था संभाली। सोमवार को बैंकों में अवकाश रहेगा।
जमा कराने से ज्यादा निकालने वालों की रही संख्या
लाइन में कुछ लोगों का कहना था कि वे अभी हालात ठीक होने का इंतजार कर रहे थे। पैसे जमा तो बाद में भी कर सकते हैं। लेकिन अब घर पर खर्च के लिए धन नहीं बचा है। इसी कारण वे बैंक और एटीएम से पैसा निकालना चाहते हैं। रविवार को देखते हुए बैंकों को ज्यादा धन का इंतजाम करना चाहिए था। ज्यादा मेहनत करने के बावजूद उन्हें पैसे नहीं मिले।
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नई व्यवस्था लागू होने के पहले तीन दिन में जिले के बैंकों से 242 करोड़ रुपये की निकासी और एक्सचेंज गया। रविवार को नौकरीपेशा लोगों ने छुट्टी होने के कारण सुबह से ही एटीएम और बैंकों के बाहर लाइन लगा दी। भीड़ बढ़ने से बैंकों में हालात और बिगड़ने लगे। कैश कम होने लगा और अफसरों को पसीने आने लगे। कुछ बैंकों ने व्यवस्था बनाने के लिए अपने स्तर से ही खातों से निकासी लिमिट 10 हजार से घटाकर पांच हजार कर दी। दो हजार के दो नोटों के अलावा लोगों को एक हजार रुपये 10 के सिक्के के तौर पर दिए जाने लगे। इससे लोग भड़क गए।
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बागपत रोड स्थित पीएनबी में इसे लेकर बखेड़ा हो गया। लोगों का कहना था कि दो हजार के नोट का छुट्टा मार्केट में नहीं है जबकि 10 का सिक्का कोई ले नहीं रहा। ऐसे में यह रकम उनके लिए बेकार है। लोगों ने 100 का नोट मांगा लेकिन नहीं मिला। यही हालात कुछ ओर शाखाओं पर भी रहे। घंटों लाइन में लगने के बाद भी रकम में कटौती होने से लोग नाराज हो गए। जगह-जगह हंगामे और अराजकता का माहौल बन गया।
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लीड बैंक मैनेजर अविनाश तांती के अनुसार सेंट्रल बैंक शास्त्री नगर, रठौड़ा खुर्द सिंडिकेट बैंक, जैदी सोसायटी सहित कई बैंकों से हंगामे की शिकायतें मिली। उन्होंने एसपी सिटी और एसपी क्राइम को इससे अवगत कराते हुए कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई। इसके बाद संबंधित क्षेत्र के सीओ और थाना पुलिस को दौड़ाया गया। बैंक और पुलिस अफसरों ने खुद बैंकों में जाकर व्यवस्था बनाई।
भीड़ ज्यादा, निकासी कम
मेरठ। बैंकों में कैश की किल्लत की वजह से रविवार को बैंकों से कैश निकासी और नोट एक्सचेंज की रकम तीन दिन में सबसे कम रही। दरअसल, बैंकों से सरकार द्वारा निर्धारित 10 हजार की बजाय 5 हजार रुपये ही दिए गए। एक्सचेंज के लिए भी कैश शार्ट होने की वजह से लोग वापस लौटे। इसी वजह से यह आंकड़ा कम हुआ है।
रविवार का आंकड़ा
जमा रकम 490 करोड़ (1.60 लाख खातों में)
निकासी 38 करोड़ (84 हजार खातों में)
एक्सचेंज राशि 42 करोड़ (1.15 लाख खातों में)
अब तक की स्थिति
तिथि जमा रकम निकासी बदली राशि
10 नवंबर 500 करोड़ 35 करोड़ 24 करोड़
11 नवंबर 540 करोड़ 45 करोड़ 47 करोड़
12 नवंबर 530 करोड़ 42 करोड़ 49 करोड़
13 नवंबर 490 करोड़ 38 करोड़ 42 करोड़
आज बंद रहेंगे बैँक
मेरठ। चार दिनों से लगातार दिन-रात काम में लगे बैंक कर्मियों को आज राहत मिलेगी। बैंकों में गुरू नानक जयंती होने की वजह से अवकाश रहेगा। एलडीएम ने बताया कि सोमवार को बैंक में अवकाश रहेगा, इसलिए कोई काम नहीं होगा।
आरबीआई से कैश ना आने की वजह से बनी दिक्कत
एलडीएम अविनाश तांती के अनुसार रविवार को आरबीआई से कैश नहीं पहुंच सका। इसी वजह से कुछ बैंकों में कैश शार्टेज की शिकायतें आई थी। जिससे कानून व्यवस्था खराब होने की आशंका देख पुलिस अधिकारियों को अवगत करा दिया गया था। बैंक प्रबंधकों ने अपने स्तर से व्यवस्था बनाई। पुलिस प्रशासन और बैंक अधिकारियों ने खुद फील्ड में जाकर व्यवस्था संभाली। सोमवार को बैंकों में अवकाश रहेगा।
जमा कराने से ज्यादा निकालने वालों की रही संख्या
लाइन में कुछ लोगों का कहना था कि वे अभी हालात ठीक होने का इंतजार कर रहे थे। पैसे जमा तो बाद में भी कर सकते हैं। लेकिन अब घर पर खर्च के लिए धन नहीं बचा है। इसी कारण वे बैंक और एटीएम से पैसा निकालना चाहते हैं। रविवार को देखते हुए बैंकों को ज्यादा धन का इंतजाम करना चाहिए था। ज्यादा मेहनत करने के बावजूद उन्हें पैसे नहीं मिले।