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बैंक खुलते ही कैश खत्म, भड़के ग्राहक
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Fri, 25 Nov 2016 01:57 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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नोट बंदी का 16वां दिन लोगों के लिए आफत भरा रहा। बुधवार को हल्की राहत से उम्मीद जगी थी कि अब हालात कुछ सुधरेंगे। लेकिन, बृहस्पतिवार को अधिकांश बैंकों में कैश खत्म होने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। शहर और देहात के बैंकों में खूब हंगामे हुए। कहीं लोगों ने जाम लगाया तो कहीं पुलिस और बैंक अधिकारियों से उलझ पड़े। शादी वाले परिवार भी आरबीआई की शर्तें पूरी न होने से दिनभर भटकते रहे। उधर, आरबीआई और केंद्र सरकार पर पक्षपात आरोप लगाते हुए सहकारी बैंक के कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
एसबीआई को छोड़कर शहर के अधिकांश बैंकों में बृहस्पतिवार सुबह से ही नो कैश के नोटिस लगने शुरू हो गए। हापुड़ अड्डा और इंदिरा चौक शिवपुरी स्थित सिंडिकेट बैंक में सुबह ही कैश खत्म हो गया। वहीं कचहरी स्थित सिंडिकेट बैंक में दोपहर दोबजे करेंसी खत्म हुई। वेस्टर्न कचहरी रोड स्थित एचडीएफसी बैंक में दोपहर एक बजे कैश खत्म होने पर ग्राहकों को बाद में आने को कह दिया गया। यही हाल दिल्ली रोड स्थित एचडीएफसी बैंक का भी रहा। इसके अलावा पीएनबी, इलाहाबाद बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) में भी कैश नहीं था। कैश की किल्लत से शहर के बैंकों में हंगामे शुरू हो गए। इन सबके बीच सिर्फ एसबीआई ही ग्राहकों की उम्मीदों पर खरा उतर सका।
शादी वाले परिवार भी भटकते रहे
आरबीआई की शर्तों के कारण शादी वालेे परिवार बृहस्पतिवार को भी ढाई लाख के लिए भटकते रहे। कागज पूरे न होने से बैंकों ने ग्राहकों को लौटा दिया। ब्रह्मपुरी निवासी पवन जैन, सदर के राकेश कुमार, टीपी नगर चंद्रलोक के दीपचंद, शास्त्रीनगर के राजकुमार ,राजीव और माछरा निवासी प्रेमपाल समेत दर्जनों लोग कलेक्ट्रेट और एलडीएम कार्यालय पर अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। लोगों का कहना था कि कोई भी दुकानदार उन्हें यह लिखकर नहीं दे रहा है कि उसका बैंक खाता नहीं है। जो सामान वह खरीद चुके हैं, उसका बिल मिलना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में वह बिल कहां से लाएं। लोगों में आरबीआई की शर्तों को लेकर गुस्सा था।
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पुलिस और बैंक अधिकारियों ने किसी तरह शांत कराया
घंटों लंबी लाइन में लगने के बाद भी कैश न मिलने से महिलाओं का धैर्य जवाब देने लगा। बृहस्पतिवार को कई जगह पर महिलाएं सड़कों पर उतरीं और जाम लगाया।
अहमदनगर की इलाहाबाद बैंक शाखा में सुबह सात बजे से ही लोगों की लंबी लाइन लगी थी। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं थीं। लेकिन, बैंक खुलने के कुछ देर बाद ही कैश खत्म होने का नोटिस लगा दिया गया। इसे देख लोग भड़क गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। महिलाएं बैंक के सामने बीच सड़क पर जाम लगाकर बैठ गईं। इससे रोड पर ट्रैफिक बंद हो गया। देहली गेट पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को शांत करने की कोशिश की। लेकिन, वह नहीं मानीं। उनका कहना था कि घर का काम छोड़कर सुबह ही लाइन में लगते हैं, लेकिन बैंक खुलते ही कैश न होने का टका सा जवाब दे दिया जाता है। कैश मिले बगैर जाम खोलने से भी इनकार कर दिया। इसके बाद सीओ कोतवाली रण विजय सिंह मौके पर पहुंचे। महिला थाना पुलिस को भी बुलाना पड़ा। अधिकारियों ने बैंक अफसरों से वार्ता की तो उन्होंने बताया कि सुबह से कैश नहीं आया है। जो था वह खत्म हो चुका है। इसके बाद पुलिस ने लोगों को शुक्रवार के लिए टोकन जारी कराकर शांत किया और घर भेजा।
इंदिरा चौक पर भी लगाया जाम
इंदिरा चौक पर सिंडिकेट बैंक में भी कैश खत्म होने पर लोग भड़क गए। महिलाएं सड़क पर जाम लगाकर बैठ गईं। पुलिसकर्मियों ने शांत करने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानीं। ट्रैफिक थमा तो कोतवाली पुलिस और महिला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बैंककर्मियों ने कैश न होने की बात कहकर हाथ खड़े कर दिए। पुलिस ने बमुश्किल लोगों को शांत कर घर भेजा।
घर संभालें या लाइन में लगें
कैश न मिलने से भड़की महिलाएं पुलिस और बैंक अधिकारियों पर खूब बरसीं। उनका कहना था कि वह घर छोड़ यहां लाइनों में लगती हैं। लेकिन, कैश नहीं मिलता। आखिर, कब तक यह चलेगा। वे घर संभालें या लाइन में लगें। किसी समस्या की कोई सीमा होती है। हालात कब सुधरेंगे, इसकी कोई जानकारी भी नहीं दी जा रही है।
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एसबीआई को छोड़कर शहर के अधिकांश बैंकों में बृहस्पतिवार सुबह से ही नो कैश के नोटिस लगने शुरू हो गए। हापुड़ अड्डा और इंदिरा चौक शिवपुरी स्थित सिंडिकेट बैंक में सुबह ही कैश खत्म हो गया। वहीं कचहरी स्थित सिंडिकेट बैंक में दोपहर दोबजे करेंसी खत्म हुई। वेस्टर्न कचहरी रोड स्थित एचडीएफसी बैंक में दोपहर एक बजे कैश खत्म होने पर ग्राहकों को बाद में आने को कह दिया गया। यही हाल दिल्ली रोड स्थित एचडीएफसी बैंक का भी रहा। इसके अलावा पीएनबी, इलाहाबाद बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) में भी कैश नहीं था। कैश की किल्लत से शहर के बैंकों में हंगामे शुरू हो गए। इन सबके बीच सिर्फ एसबीआई ही ग्राहकों की उम्मीदों पर खरा उतर सका।
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शादी वाले परिवार भी भटकते रहे
आरबीआई की शर्तों के कारण शादी वालेे परिवार बृहस्पतिवार को भी ढाई लाख के लिए भटकते रहे। कागज पूरे न होने से बैंकों ने ग्राहकों को लौटा दिया। ब्रह्मपुरी निवासी पवन जैन, सदर के राकेश कुमार, टीपी नगर चंद्रलोक के दीपचंद, शास्त्रीनगर के राजकुमार ,राजीव और माछरा निवासी प्रेमपाल समेत दर्जनों लोग कलेक्ट्रेट और एलडीएम कार्यालय पर अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। लोगों का कहना था कि कोई भी दुकानदार उन्हें यह लिखकर नहीं दे रहा है कि उसका बैंक खाता नहीं है। जो सामान वह खरीद चुके हैं, उसका बिल मिलना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में वह बिल कहां से लाएं। लोगों में आरबीआई की शर्तों को लेकर गुस्सा था।
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पुलिस और बैंक अधिकारियों ने किसी तरह शांत कराया
घंटों लंबी लाइन में लगने के बाद भी कैश न मिलने से महिलाओं का धैर्य जवाब देने लगा। बृहस्पतिवार को कई जगह पर महिलाएं सड़कों पर उतरीं और जाम लगाया।
अहमदनगर की इलाहाबाद बैंक शाखा में सुबह सात बजे से ही लोगों की लंबी लाइन लगी थी। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं थीं। लेकिन, बैंक खुलने के कुछ देर बाद ही कैश खत्म होने का नोटिस लगा दिया गया। इसे देख लोग भड़क गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। महिलाएं बैंक के सामने बीच सड़क पर जाम लगाकर बैठ गईं। इससे रोड पर ट्रैफिक बंद हो गया। देहली गेट पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को शांत करने की कोशिश की। लेकिन, वह नहीं मानीं। उनका कहना था कि घर का काम छोड़कर सुबह ही लाइन में लगते हैं, लेकिन बैंक खुलते ही कैश न होने का टका सा जवाब दे दिया जाता है। कैश मिले बगैर जाम खोलने से भी इनकार कर दिया। इसके बाद सीओ कोतवाली रण विजय सिंह मौके पर पहुंचे। महिला थाना पुलिस को भी बुलाना पड़ा। अधिकारियों ने बैंक अफसरों से वार्ता की तो उन्होंने बताया कि सुबह से कैश नहीं आया है। जो था वह खत्म हो चुका है। इसके बाद पुलिस ने लोगों को शुक्रवार के लिए टोकन जारी कराकर शांत किया और घर भेजा।
इंदिरा चौक पर भी लगाया जाम
इंदिरा चौक पर सिंडिकेट बैंक में भी कैश खत्म होने पर लोग भड़क गए। महिलाएं सड़क पर जाम लगाकर बैठ गईं। पुलिसकर्मियों ने शांत करने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानीं। ट्रैफिक थमा तो कोतवाली पुलिस और महिला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बैंककर्मियों ने कैश न होने की बात कहकर हाथ खड़े कर दिए। पुलिस ने बमुश्किल लोगों को शांत कर घर भेजा।
घर संभालें या लाइन में लगें
कैश न मिलने से भड़की महिलाएं पुलिस और बैंक अधिकारियों पर खूब बरसीं। उनका कहना था कि वह घर छोड़ यहां लाइनों में लगती हैं। लेकिन, कैश नहीं मिलता। आखिर, कब तक यह चलेगा। वे घर संभालें या लाइन में लगें। किसी समस्या की कोई सीमा होती है। हालात कब सुधरेंगे, इसकी कोई जानकारी भी नहीं दी जा रही है।