कुख्यात बलराज भाटी का था मेरठ में ठिकाना, सामने आई ये बड़ी बात
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कुख्यात बलराज भाटी का मेरठ में ठिकाना था। कई पुलिस वालों से उसकी सेटिंग थी। शायद यही वजह थी कि बलराज अभी तक पुलिस की गोली से बचा हुआ था। एनकाउंटर में ढेर होने के बाद खुलासा हुआ कि कई पुलिस वालों ने उसकी कॉल सुनी थी। लेकिन उसको पकड़ने की जहमत नहीं उठाई।
कुख्यात बलराज का हरियाणा, दिल्ली, नोएडा समेत वेस्ट यूपी में आतंक था। हरियाणा के शूटर रब्बू, भोला व उमेश जाट निवासी हरियाणा से उसकी दोस्ती थी। कुख्यात उनके साथ मिलकर लूट व हत्या की वारदात कर चुका है। मेरठ स्थित कंकरखेड़ा बाईपास पर बलराज भाटी का ठिकाना था। जहां पर वह मुजफ्फरनगर और देहरादून जाते समय रुकता था। इसकी जानकारी मेरठ पुलिस को थी, इसके बावजूद भी किसी ने उसको टारगेट बनाने का प्रयास नहीं किया। बताया जा रहा कि बलराज भाटी की पुलिस से अच्छी साठगांठ थी, जोकि पुलिस विभाग की अंदर तक की जानकारी उसे देते थे।
कंकरखेड़ा से मोनू गुर्जर नाम का बदमाश भी बलराज भाटी का शूटर है। मोनू गुर्जर पर नोएडा से 50 हजार का इनाम है। नोएडा में मोनू ने बलराज के साथ लूटपाट और हत्या की कई वारदातों को अंजाम दिया है। अब मेरठ एसटीएफ भी मोनू गुर्जर को ढूंढने में लगी है। एनकाउंटर के दौरान बलराज के दो साथियों को पुलिस ने पकड़ा हुआ है, जिनसे पूछताछ जारी है।
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वहीं एसएसपी मंजिल सैनी का कहना है कि बलराज भाटी बड़ा बदमाश था। मेरठ में उस पर कोई मुकदमा नहीं था। कंकरखेड़ा का मोनू गुर्जर उसका साथी है।
एसटीएफ भी लगी थी
बलराज भाटी यूपी का बड़ा बदमाश था। उसकी तलाश में मेरठ एसटीएफ भी लगी थी। एसटीएफ उसके करीबी साथियों तक पहुंच गई थी। इससे पहले मेरठ एसटीएफ आगे बढ़ती कि हरियाणा की टीम ने उसे उठा लिया। सीओ मेरठ एसटीएफ बृजेश सिंह का कहना है कि बलराज के पीछे एसटीएफ व एटीएस समेत कई कई टीमें लगी थीं। हरियाणा, नोएडा एसटीएफ का निशाना सटीक बैठा, बलराज भाटी मारा गया।
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