बागपत: पैरोल खत्म, एक महीने बाद भी वापस जेल नहीं लौटे कोरोना काल में छोड़े गए बंदी
- कोरोना संक्रमण काल में जिला कारागार से नौ बंदियों को दी पैरोल
- दो बंदियों को मिली जमानत, दो अब सिर्फ दो ही आए वापस
विस्तार
बागपत में कोरोना संक्रमण काल में विशेष पैरोल मिलने के बाद जिला कारागार से छोड़े गए पांच बंदी अभी तक वापस नहीं लौटे हैं। पैरोल की अवधि खत्म हुए एक महीने का समय बीत चुका है। जेल प्रशासन बंदियों का इंतजार कर रहा है।
कोरोना संक्रमण के कारण जिला कारागार में बंदियों की संख्या कम करने के लिए नौ बंदियों का पैरोल मंजूर किया था। जेल प्रशासन ने ऐसे बंदियों का चयन किया था, जिन पर सात साल की सजा वाली धारा में मुकदमा दर्ज है। मई माह में नौ बंदी पैरोल पर छोड़े थे, इनको 15 नवंबर को वापस जिला कारागार पहुंचना था।
पैरोल की अवधि में दो बंदियों ने अपनी पैरवी कर जमानत करा ली। दो बंदी निर्धारित समय में वापस जिला कारागार पहुंच गए, लेकिन अवधि खत्म हुए एक माह बाद भी पांच बंदी अभी तक लापता हैं। बंदी वापस जिला कारागार नहीं पहुंच रहे हैं। जेल अधीक्षक ने इसकी पुष्टि की है।
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बंदियों को वापस लाने की कवायद
जेल अधीक्षक सुरेश कुमार सिंह का कहना है कि नियम के तहत ही पैरोल दिया था। पांच बंदी अभी तक वापस नहीं आए हैं, पुलिस के माध्यम से संपर्क किया है। बंदियों को जल्द ही वापस लाया जाएगा।
खेकड़ा में बनाई थी अस्थायी जेल
जिला कारागार में बंदियों की संख्या अधिक होने के कारण खेकड़ा कस्बे के डिग्री कॉलेज में अस्थायी जेल भी बनाई गई थी। अस्थायी जेल में नये बंदियों को रखा गया था।
पिस्टल चोरी का आरोपी नहीं मिला
खेकड़ा के कोविड अस्पताल से पिस्टल चोरी का आरोपी फरार हो गया था, अब तक पुलिस पकड़ने में नाकाम रही है। बिहार प्रदेश का रहने वाले चंचल ने निरपुड़ा गांव के किसान की पिस्टल चोरी की थी, पुलिस ने उसे बिहार से पकड़ा। कोरोना पॉजिटिव पाने पर उसे जुलाई महीने में कोविड अस्पताल लाया गया, यहां से वह फरार हो गया था।
एसपी अभिषेक सिंह का कहना है कि जिन बंदियों का पैरोल खत्म हो गया है, जल्द ही उन्हें वापस जिला कारागार भिजवाया जाएगा।