रालोद को आखिर क्यों भूल गए 'बुआ और बबुआ', उठ रहे ये बड़े सवाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सपा और बसपा ने लखनऊ में गठबंधन के एलान में फिलहाल पश्चिम यूपी में खासा वजूद रखने वाले रालोद का जिक्र नहीं किया गया है, लेकिन सियासत में अभी कई दांव बाकी हैं। फिलहाल रालोद को हाशिए पर छोड़ दिए जाने से सियासी गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। बात कहां और क्यों बिगड़ी या फिर से बात बन जाएगी। ऐसे ही तमाम सवालों के जवाब तो वक्त के साथ मिलेंगे, लेकिन वर्तमान की बात करें तो रालोद के गढ़ बागपत में बसपा और सपा का गठबंधन नया गुल खिलाने की ताकत रखता है। एक या दो नहीं बल्कि पिछले 23 साल के नतीजे बताते हैं कि कभी बसपा तो कभी सपा ने रालोद के लिए लोकसभा चुनाव में चुनौती पेश की।
लोकसभा चुनाव 2014 के आंकडे़ ही रालोद पर भारी पड़ रहे हैं। मुजफ्फरनगर दंगे के बाद भाजपा और मोदी लहर में बागपत सीट से सपा के उम्मीदवार गुलाम मोहम्मद 213609 लाख वोट हासिल कर दूसरे स्थान पर रहे थे। जबकि बसपा के प्रशांत चौधरी ने 141743 लाख वोट हासिल किए थे। बसपा और बसपा के वोट जोड़ दें तो यह 355352 लाख होंगे। रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह को मिले थे 199516 लाख वोट। इस गणित को ही अगर आधार बनाए तो बागपत में बसपा और सपा का गठबंधन नया गुल खिलाने की ताकत रखता है।
साल 2014 के नतीजे :
पार्टी प्रत्याशी वोट
भाजपा सत्यपाल सिंह 423475
सपा गुलाम मोहम्मद 213609
रालोद चौधरी अजित सिंह 199516
बसपा प्रशांत चौधरी 141743
रालोद के लिए अभी बंद नहीं हुए दरवाजे
सपा और बसपा गठबंधन के ऐलान से सियासी गलियों में फिर से गणित बाजी लगाई जानी शुरू हो गई है। शनिवार को बदले समीकरण से सपा और बसपा की बराबरी की तस्वीर साफ हो गई है। रालोद का जिक्र भले ही फिलहाल नहीं किया गया हो, लेकिन बागपत और मथुरा की सीट इस गठबंधन में रालोद के लिए रिजर्व रखे जाने की बात मानी जा रही है। रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच गठबंधन पर बातें हुई हैं, जबकि रालोद की बसपा के साथ बातचीत नहीं हो सकी। ऐसे में दो सीटों के अलावा सपा के खाते से दो सीट और रालोद को मिलने की संभावना है, इनमें मुजफ्फरनगर की सीट भी शामिल है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/