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बच्चों की सड़क पर साहब की गाड़ी का जाम
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Thu, 22 Sep 2016 01:56 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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बच्चों की सड़क यानी वेस्ट एंड रोड पर सरकारी गाड़ियों की वजह से भी जाम लग रहा है। बुधवार को स्कूलों में छुट्टी होने के बाद वेस्ट एंड रोड पर भीषण जाम लगा। स्कूलों से बच्चों की भीड़ निकली तो एक नीली बत्ती एंबेसडर कार और सेना की जिप्सी ने दीवान स्कूल के बाहर कट पर जाम लगा दिया। दोनों गाड़ियां बच्चों को लेने के लिए संबंधित स्कूल तक पहुंचीं। इससे भीड़ और दोपहिया वाहनों की संख्या अधिक होने से भयंकर जाम लगा।
दरअसल, इन दिनों स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षा देकर स्कूल से निकले बच्चे बुधवार को भी काफी देर तक जाम में फंसे रहे। वाहनों की संख्या ज्यादा होने के कारण जाम खुल नहीं पाया तो एक कांस्टेबल व्यवस्था संभालने पहुंचा। पुलिस, यातायात पुलिस से कोई सिपाही यहां तैनात नहीं था। यातायात व्यवस्था सुधारने में लगे समाजसेवी संस्थाओं के सदस्य भी सड़क से नदारद थे। महज एक कांस्टेबल पर ही 10 स्कूलों के 25 हजार से अधिक छात्रों और सैकड़ों वाहनों को संभालने का जिम्मा था। इसके कारण जाम भीषण हो गया और बच्चे उमस भरी गर्मी में परेशान होते रहे।
स्कूल गेट पर सेना व अफसरों के वाहन
वेस्ट एंड रोड पर स्कूलों के बाहर जाम लगने का बड़ा कारण वीआईपी और सेना की गाड़ियां भी हैं। कई अफसरों के बच्चे इन स्कूलों में पढ़ते हैं। आर्मी अफसरों और सैनिकों के बच्चे भी दीवान पब्लिक, एमपीजीएस, एमपीएस मेन विंग में पढ़ते हैं। इन बच्चों को लेने के लिए अफसरों की गाड़ियां 20 मिनट पहले ही वेस्ट एंड रोड पर आकर खड़ी हो जाती हैं। आर्मी का ट्रक भी यहां बच्चों को लेने आता है।
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अभिभावकों की गाड़ियों को तो पुलिस सड़क से दूर खड़ा करवाती है, लेकिन आर्मी और अफसरों की गाड़ियों पर कोई नियम नहीं चलता। साहब की गाड़ी स्कूल के गेट पर ही खड़ी होती है। इस कारण जाम लगता है। वीआईपी गाड़ियों वाले जरा भी एडजस्ट नहीं करते। साहब के डर से कोई उनका विरोध भी नहीं कर पाता।
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दरअसल, इन दिनों स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षा देकर स्कूल से निकले बच्चे बुधवार को भी काफी देर तक जाम में फंसे रहे। वाहनों की संख्या ज्यादा होने के कारण जाम खुल नहीं पाया तो एक कांस्टेबल व्यवस्था संभालने पहुंचा। पुलिस, यातायात पुलिस से कोई सिपाही यहां तैनात नहीं था। यातायात व्यवस्था सुधारने में लगे समाजसेवी संस्थाओं के सदस्य भी सड़क से नदारद थे। महज एक कांस्टेबल पर ही 10 स्कूलों के 25 हजार से अधिक छात्रों और सैकड़ों वाहनों को संभालने का जिम्मा था। इसके कारण जाम भीषण हो गया और बच्चे उमस भरी गर्मी में परेशान होते रहे।
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स्कूल गेट पर सेना व अफसरों के वाहन
वेस्ट एंड रोड पर स्कूलों के बाहर जाम लगने का बड़ा कारण वीआईपी और सेना की गाड़ियां भी हैं। कई अफसरों के बच्चे इन स्कूलों में पढ़ते हैं। आर्मी अफसरों और सैनिकों के बच्चे भी दीवान पब्लिक, एमपीजीएस, एमपीएस मेन विंग में पढ़ते हैं। इन बच्चों को लेने के लिए अफसरों की गाड़ियां 20 मिनट पहले ही वेस्ट एंड रोड पर आकर खड़ी हो जाती हैं। आर्मी का ट्रक भी यहां बच्चों को लेने आता है।
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अभिभावकों की गाड़ियों को तो पुलिस सड़क से दूर खड़ा करवाती है, लेकिन आर्मी और अफसरों की गाड़ियों पर कोई नियम नहीं चलता। साहब की गाड़ी स्कूल के गेट पर ही खड़ी होती है। इस कारण जाम लगता है। वीआईपी गाड़ियों वाले जरा भी एडजस्ट नहीं करते। साहब के डर से कोई उनका विरोध भी नहीं कर पाता।