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कुपोषित और अति कुपोषित कुल मिलाकर दो लाख से ज्यादा हैं बच्चे
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Fri, 14 Oct 2016 02:09 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली से सटे मेरठ मंडल के छह जिले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। भरपूर संसाधन होने के बाद भी इन जिलों में 49847 बच्चों के अति कुपोषित होने के आंकड़े सरकारी दावों की पोल खोल रहे हैं। हैरतअंगेज आंकड़ा यह है कि अति कुपोषित और कुपोषित दोनों श्रेणी में यहां दो लाख से ज्यादा बच्चे हैं। प्रदेश सरकार ने इस रिपोर्ट पर गंभीरता जताते हुए स्थिति में सुधार करने के लिए कहा है।
कुपोषण को लेकर सरकारें तमाम दावे कर रही हैं। सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को इस बाबत अलग से खाद्य सामग्री मुहैया कराई जा रही है। बावजूद इसके बच्चाें की हालत खराब है। एनसीआर से सटे मेरठ मंडल के छह जिलों के आंकडे़ चौंकाने वाले हैं। बच्चाें को पोषण ही नहीं मिल पा रहा है। सबसे बुरी स्थिति बुलंदशहर की है। यहां लगभग 20 हजार बच्चे अति कुपोषित पाए गए हैं। कुपोषित बच्चाें की संख्या 73 हजार से ज्यादा है। यानी कुल 93 हजार से ज्यादा बच्चे यहां कुपोषण का शिकार हैं। गौतमबुद्धनगर में तीन हजार बच्चे अति कुपोषित हैं और आठ हजार से ज्यादा बच्चे कुपोषित की श्रेणी में हैं। प्रदेश सरकार को भेजी गई रिपोर्ट में यह सच सामने आया है। हीं सरकारी मुलाजिम दावा कर रहे हैं कि मंडल के इन अति कुपोषित बच्चाें को हर माह आधा किलो देशी घी और प्रतिदिन अलग से खुराक दी जा रही है।
बेहतर खुराक के दावे नहीं सुधार पा रहे स्थिति
प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से इन बच्चों को इस श्रेणी से निकालने की योजना चलाई, लेकिन यह कवायद रंग नहीं ला पा रही है। राज्य पोषण मिशन के तहत इस योजना में आंगनबाड़ी केंद्रों पर ऐसे बच्चों को अतिरिक्त खुराक देने की बात कही जा रही है।
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13 रुपये की खुराक से कवायद
राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत अतिकुपोषित बच्चों को प्रतिदिन 13 रुपये की खुराक में कुपोषण से बाहर निकालने की कवायद की जा रही है। प्रतिदिन प्रत्येक बच्चे को दो रुपये का भोजन, तीन रुपये का फल तथा 8 रुपये 11 पैसे का देशी घी दिया जा रहा है।
यह है इन बच्चों का मेन्यू
छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चे
सोमवार- मीठा दलिया
मंगलवार- खिचड़ी
बुधवार- हलवा
बृहस्पतिवार -तहरी
शुक्रवार- मीठा दलिया
शनिवार- हलवा
(नोट: इसके अलावा प्रतिदिन एक फल तथा बीस ग्राम देशी घी।)
3 से 6 वर्ष के बच्चे
प्रतिदिन का मेन्यू- मुरमुरा चना एवं ग्लूकोज बिस्किट का पैकेट। प्रतिदिन 20 ग्राम देशी घी तथा एक फल।
अगस्त में 0-पांच वर्ष के बच्चों के कुपोषण के मेरठ मंडल के आंकड़े
जिला अति कुपोषित कुपोषित कुल
मेरठ 9159 23767 32926
हापुड़ 6714 21247 27961
बागपत 4175 12664 16839
बुलंदशहर 19447 73699 93146
गौतमबुद्घनगर 3090 8248 11338
गाजियाबाद 7262 20466 27728
कुल 49847 160091 209938
हड़ताल ने बिगाड़ी स्थिति
पिछले माह से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की हड़ताल चल रही है। ऐसे में सितंबर माह में स्थिति और खराब हो गई है। बच्चाें को यह खुराक भी नहीं मिल पा रही है। प्रदेश सरकार ने भी इस बाबत जानकारी मांगी है।
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कुपोषण को लेकर सरकारें तमाम दावे कर रही हैं। सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को इस बाबत अलग से खाद्य सामग्री मुहैया कराई जा रही है। बावजूद इसके बच्चाें की हालत खराब है। एनसीआर से सटे मेरठ मंडल के छह जिलों के आंकडे़ चौंकाने वाले हैं। बच्चाें को पोषण ही नहीं मिल पा रहा है। सबसे बुरी स्थिति बुलंदशहर की है। यहां लगभग 20 हजार बच्चे अति कुपोषित पाए गए हैं। कुपोषित बच्चाें की संख्या 73 हजार से ज्यादा है। यानी कुल 93 हजार से ज्यादा बच्चे यहां कुपोषण का शिकार हैं। गौतमबुद्धनगर में तीन हजार बच्चे अति कुपोषित हैं और आठ हजार से ज्यादा बच्चे कुपोषित की श्रेणी में हैं। प्रदेश सरकार को भेजी गई रिपोर्ट में यह सच सामने आया है। हीं सरकारी मुलाजिम दावा कर रहे हैं कि मंडल के इन अति कुपोषित बच्चाें को हर माह आधा किलो देशी घी और प्रतिदिन अलग से खुराक दी जा रही है।
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बेहतर खुराक के दावे नहीं सुधार पा रहे स्थिति
प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से इन बच्चों को इस श्रेणी से निकालने की योजना चलाई, लेकिन यह कवायद रंग नहीं ला पा रही है। राज्य पोषण मिशन के तहत इस योजना में आंगनबाड़ी केंद्रों पर ऐसे बच्चों को अतिरिक्त खुराक देने की बात कही जा रही है।
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13 रुपये की खुराक से कवायद
राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत अतिकुपोषित बच्चों को प्रतिदिन 13 रुपये की खुराक में कुपोषण से बाहर निकालने की कवायद की जा रही है। प्रतिदिन प्रत्येक बच्चे को दो रुपये का भोजन, तीन रुपये का फल तथा 8 रुपये 11 पैसे का देशी घी दिया जा रहा है।
यह है इन बच्चों का मेन्यू
छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चे
सोमवार- मीठा दलिया
मंगलवार- खिचड़ी
बुधवार- हलवा
बृहस्पतिवार -तहरी
शुक्रवार- मीठा दलिया
शनिवार- हलवा
(नोट: इसके अलावा प्रतिदिन एक फल तथा बीस ग्राम देशी घी।)
3 से 6 वर्ष के बच्चे
प्रतिदिन का मेन्यू- मुरमुरा चना एवं ग्लूकोज बिस्किट का पैकेट। प्रतिदिन 20 ग्राम देशी घी तथा एक फल।
अगस्त में 0-पांच वर्ष के बच्चों के कुपोषण के मेरठ मंडल के आंकड़े
जिला अति कुपोषित कुपोषित कुल
मेरठ 9159 23767 32926
हापुड़ 6714 21247 27961
बागपत 4175 12664 16839
बुलंदशहर 19447 73699 93146
गौतमबुद्घनगर 3090 8248 11338
गाजियाबाद 7262 20466 27728
कुल 49847 160091 209938
हड़ताल ने बिगाड़ी स्थिति
पिछले माह से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की हड़ताल चल रही है। ऐसे में सितंबर माह में स्थिति और खराब हो गई है। बच्चाें को यह खुराक भी नहीं मिल पा रही है। प्रदेश सरकार ने भी इस बाबत जानकारी मांगी है।