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Meerut News: तीरंदाज नीरज का भारतीय टीम में चयन
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- विश्व कप और एशियन गेम्स में लगाएंगे निशाना
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। मेरठ में प्रशिक्षण ले रहे तीरंदाज नीरज चौहान ने जून में तुर्किये में होने वाले वर्ल्ड कप स्टेज-3 और जुलाई में स्पेन में होने वाले वर्ल्ड कप स्टेज-4 और जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई है।
भारतीय खेल प्राधिकरण बहालगढ़ सोनीपत में 15 से 18 मई तक आयोजित द्वितीय चरण की चयन प्रतियोगिता में तीरंदाज नीरज चौहान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल कर भारतीय टीम में जगह बनाई है। नीरज के कोच प्रियंक त्यागी ने बताया कि चार दिनों तक चली इस चयन प्रतियोगिता में देशभर के शीर्ष तीरंदाजों के बीच बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
अंतिम समय तक यह तय नहीं हो पा रहा था कि भारतीय टीम में कौन-कौन जगह बनाएगा लेकिन नीरज ने धैर्य, एकाग्रता और शानदार प्रदर्शन के दम पर अपनी योग्यता साबित करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने अपनी शिक्षा और तीरंदाजी का प्रशिक्षण स्वामी विवेकानंद सरस्वती के सानिध्य में गुरुकुल प्रभात आश्रम मेरठ से प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि नीरज की मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का ही परिणाम है कि वह देश की टीम में अपनी मजबूत जगह बनाने में सफल हुए हैं।
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कड़े संघर्ष के बाद यहां तक पहुंचे
मूल रूप से गोरखपुर निवासी तीरंदाज नीरज चौहान ने संघर्षों को पीछे छोड़ते हुए एशियन गेम्स के लिए चयनित होकर परिवार और जनपद का नाम रोशन किया है। नीरज की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। नीरज के पिता अक्षय लाल मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में रसोइया के पद पर कार्यरत रहे हैं। इसी स्टेडियम में नीरज ने लगातार तीरंदाजी का अभ्यास किया और अपने खेल को निखारा। हालांकि कोरोना काल में पिता की नौकरी चली जाने से परिवार आर्थिक संकट में घिर गया और गुजारा करना मुश्किल हो गया लेकिन नीरज ने परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी।
कोरोना काल के दौरान नीरज और उनके बड़े भाई सुनील चौहान (बॉक्सर) ने परिवार का सहारा बनने के लिए सब्जी का ठेला लगाया। दोनों भाइयों के संघर्ष का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद तत्कालीन केंद्रीय खेल मंत्री ने आर्थिक सहायता प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया। संघर्षों के बीच नीरज ने अभ्यास जारी रखा और अपनी मेहनत के दम पर खेल कोटे से आईटीबीपी में चयनित हुए। परिजनों ने बेटे की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि कठिन समय में बेटे ने हिम्मत नहीं हारी और आज उसकी मेहनत रंग लाई है। परिवार को उम्मीद है कि नीरज एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर देश के लिए पदक जीतकर लौटेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। मेरठ में प्रशिक्षण ले रहे तीरंदाज नीरज चौहान ने जून में तुर्किये में होने वाले वर्ल्ड कप स्टेज-3 और जुलाई में स्पेन में होने वाले वर्ल्ड कप स्टेज-4 और जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई है।
भारतीय खेल प्राधिकरण बहालगढ़ सोनीपत में 15 से 18 मई तक आयोजित द्वितीय चरण की चयन प्रतियोगिता में तीरंदाज नीरज चौहान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल कर भारतीय टीम में जगह बनाई है। नीरज के कोच प्रियंक त्यागी ने बताया कि चार दिनों तक चली इस चयन प्रतियोगिता में देशभर के शीर्ष तीरंदाजों के बीच बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
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अंतिम समय तक यह तय नहीं हो पा रहा था कि भारतीय टीम में कौन-कौन जगह बनाएगा लेकिन नीरज ने धैर्य, एकाग्रता और शानदार प्रदर्शन के दम पर अपनी योग्यता साबित करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने अपनी शिक्षा और तीरंदाजी का प्रशिक्षण स्वामी विवेकानंद सरस्वती के सानिध्य में गुरुकुल प्रभात आश्रम मेरठ से प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि नीरज की मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का ही परिणाम है कि वह देश की टीम में अपनी मजबूत जगह बनाने में सफल हुए हैं।
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कड़े संघर्ष के बाद यहां तक पहुंचे
मूल रूप से गोरखपुर निवासी तीरंदाज नीरज चौहान ने संघर्षों को पीछे छोड़ते हुए एशियन गेम्स के लिए चयनित होकर परिवार और जनपद का नाम रोशन किया है। नीरज की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। नीरज के पिता अक्षय लाल मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में रसोइया के पद पर कार्यरत रहे हैं। इसी स्टेडियम में नीरज ने लगातार तीरंदाजी का अभ्यास किया और अपने खेल को निखारा। हालांकि कोरोना काल में पिता की नौकरी चली जाने से परिवार आर्थिक संकट में घिर गया और गुजारा करना मुश्किल हो गया लेकिन नीरज ने परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी।
कोरोना काल के दौरान नीरज और उनके बड़े भाई सुनील चौहान (बॉक्सर) ने परिवार का सहारा बनने के लिए सब्जी का ठेला लगाया। दोनों भाइयों के संघर्ष का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद तत्कालीन केंद्रीय खेल मंत्री ने आर्थिक सहायता प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया। संघर्षों के बीच नीरज ने अभ्यास जारी रखा और अपनी मेहनत के दम पर खेल कोटे से आईटीबीपी में चयनित हुए। परिजनों ने बेटे की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि कठिन समय में बेटे ने हिम्मत नहीं हारी और आज उसकी मेहनत रंग लाई है। परिवार को उम्मीद है कि नीरज एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर देश के लिए पदक जीतकर लौटेंगे।