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मेरठ की अनामिका बनीं सेना में जैज ऑफिसर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Mar 2017 02:07 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ की अनामिका पुंडीर सेना में जैज (जज एडवोकेट जनरल) ऑफिसर बनी हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस से बीएससी मैथ ऑनर्स करने के बाद अनामिका ने मेरठ कॉलेज से एलएलबी की। एसएसबी क्वालीफाई करने के बाद ट्रेनिंग की। 11 मार्च को पासिंग आउट परेड में अनामिका को कमीशन मिल गया। परिवार में जश्न का माहौल है। अनामिका की बहन भी डीयू से लॉ की पढ़ाई कर रही हैं।
जाग्रति विहार सेक्टर चार निवासी एडवोकेट भंवर सिंह पुंडीर की बड़ी बेटी अनामिका पुंडीर ने जैज ऑफिसर बन परिवार का नाम रोशन किया है। भंवर सिंह क्रिमिनल वकील हैं। वह समाजवादी पार्टी के विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव भी हैं। मां कौशल्या पुंडीर गृहिणी हैं। अनामिका शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहीं। अनामिका और छोटी बहन आंचल ने एमपीएस से 12वीं तक की पढ़ाई साथ की। अनामिका ने मिरांडा हाउस से बीएससी मैथ ऑनर्स किया। इसके बाद मेरठ कॉलेज से एलएलबी की।
एसएसबी क्वालीफाई कर सेना में जैज ऑफिसर बनने का अपना सपना पूरा कर लिया। ओटीए (ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी) चेन्नई में अनामिका ने कई मेडल जीते। बेस्ट स्पीकर और फुटबाल में गोल्ड मेडल जीता। बेस्ट शूटर इन जंगल लेन फायरिंग एके 47 भी रहीं। काबिलियत को देखते हुए अनामिका को कंपनी क्वाटर मास्टर सार्जेंट बनाया गया। लेफ्टिनेंट अनामिका को पहली पोस्टिंग श्रीनगर मिली है। दोनों बहनें 2011 में अमेरिका एस्ट्रोनॉट एजेंसी नासा भी 15 दिन के लिए भ्रमण करने गई थीं। गौरतलब है कि जैज सेना में एक ब्रांच है। जिसमें लॉ बैकग्राउंड के छात्र जाते हैं। वह सेना की लीगल सेल देखते हैं। कोर्ट मार्शल से लेकर मिलिट्री लॉ के मुताबिक लीगल वर्क करते हैं।
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अरुण कुमार बने लेफ्टिनेंट
कंकरखेड़ा निवासी अरुण कुमार ओटीए से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद लेफ्टिनेंट बन गए हैं। अरुण के पिता सुरेंद्र पाल सिंह सेना में वारंट ऑफिसर और मां गजेंद्री सिंह गृहिणी हैं। अरुण ने विद्या नॉलेज पार्क से ईआई ब्रांच से बीटेक की। ट्रेनिंग के दौरान अरुण को शूटिंग में मार्क्समैन और बोटिंग सेलिंग में मेरिट कार्ड मिला।
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जाग्रति विहार सेक्टर चार निवासी एडवोकेट भंवर सिंह पुंडीर की बड़ी बेटी अनामिका पुंडीर ने जैज ऑफिसर बन परिवार का नाम रोशन किया है। भंवर सिंह क्रिमिनल वकील हैं। वह समाजवादी पार्टी के विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव भी हैं। मां कौशल्या पुंडीर गृहिणी हैं। अनामिका शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहीं। अनामिका और छोटी बहन आंचल ने एमपीएस से 12वीं तक की पढ़ाई साथ की। अनामिका ने मिरांडा हाउस से बीएससी मैथ ऑनर्स किया। इसके बाद मेरठ कॉलेज से एलएलबी की।
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एसएसबी क्वालीफाई कर सेना में जैज ऑफिसर बनने का अपना सपना पूरा कर लिया। ओटीए (ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी) चेन्नई में अनामिका ने कई मेडल जीते। बेस्ट स्पीकर और फुटबाल में गोल्ड मेडल जीता। बेस्ट शूटर इन जंगल लेन फायरिंग एके 47 भी रहीं। काबिलियत को देखते हुए अनामिका को कंपनी क्वाटर मास्टर सार्जेंट बनाया गया। लेफ्टिनेंट अनामिका को पहली पोस्टिंग श्रीनगर मिली है। दोनों बहनें 2011 में अमेरिका एस्ट्रोनॉट एजेंसी नासा भी 15 दिन के लिए भ्रमण करने गई थीं। गौरतलब है कि जैज सेना में एक ब्रांच है। जिसमें लॉ बैकग्राउंड के छात्र जाते हैं। वह सेना की लीगल सेल देखते हैं। कोर्ट मार्शल से लेकर मिलिट्री लॉ के मुताबिक लीगल वर्क करते हैं।
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अरुण कुमार बने लेफ्टिनेंट
कंकरखेड़ा निवासी अरुण कुमार ओटीए से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद लेफ्टिनेंट बन गए हैं। अरुण के पिता सुरेंद्र पाल सिंह सेना में वारंट ऑफिसर और मां गजेंद्री सिंह गृहिणी हैं। अरुण ने विद्या नॉलेज पार्क से ईआई ब्रांच से बीटेक की। ट्रेनिंग के दौरान अरुण को शूटिंग में मार्क्समैन और बोटिंग सेलिंग में मेरिट कार्ड मिला।