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सप्ताह बीता पर नहीं बनी जांच कमेटी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Apr 2017 01:39 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान पर जिला पंचायत सदस्याें की तरफ से वित्तीय अनियमितताओं के आरोप है। अविश्वास प्रस्ताव के शपथ पत्र में सदस्यों ने व्यवहार के साथ ही वित्तीय अनियमितताओं के कई आरोप लगाये थे। सीमा प्रधान के इस्तीफा देने के साथ ही जिला पंचायत में प्रशासक नियुक्त हुए एक सप्ताह बीत गया है। लेकिन अभी तक आरोपों की जांच के लिए कमेटी का गठन नहीं हुआ है।
जिला पंचायत के 24 सदस्यों ने डीएम के यहां 30 मार्च को जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए शपथ पत्र दिये थे। इसमें मुख्य रूप से वित्तीय अनियमितताओं के साथ नियुक्ति में भ्रष्टाचार के आरोप लगाये गये थे। उन्होंने सीमा प्रधान के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की जांच करने की मांग प्रमुखता से उठाई थी। अपने विपक्ष में जिला पंचायत सदस्याें का बहुमत देख 19 अप्रैल को सीमा प्रधान ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। 22 अप्रैल को राज्यपाल ने सीमा प्रधान का इस्तीफा स्वीकृत कर पंचायत राज विभाग के अनुमोदन पर जिला पंचायत में डीएम को प्रशासक नियुक्त करने की अनुमति दे दी थी। जिला पंचायत में प्रशासक नियुक्त हुए करीब एक सप्ताह होने को है। लेकिन अभी तक वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच शुरू होना तो दूर कमेटी तक गठित नहीं हुई है। इससे पंचायत सदस्य परेशान हैं।
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जिला पंचायत के 24 सदस्यों ने डीएम के यहां 30 मार्च को जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए शपथ पत्र दिये थे। इसमें मुख्य रूप से वित्तीय अनियमितताओं के साथ नियुक्ति में भ्रष्टाचार के आरोप लगाये गये थे। उन्होंने सीमा प्रधान के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की जांच करने की मांग प्रमुखता से उठाई थी। अपने विपक्ष में जिला पंचायत सदस्याें का बहुमत देख 19 अप्रैल को सीमा प्रधान ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। 22 अप्रैल को राज्यपाल ने सीमा प्रधान का इस्तीफा स्वीकृत कर पंचायत राज विभाग के अनुमोदन पर जिला पंचायत में डीएम को प्रशासक नियुक्त करने की अनुमति दे दी थी। जिला पंचायत में प्रशासक नियुक्त हुए करीब एक सप्ताह होने को है। लेकिन अभी तक वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच शुरू होना तो दूर कमेटी तक गठित नहीं हुई है। इससे पंचायत सदस्य परेशान हैं।
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