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शिक्षक की नियुक्ति के बारे में गलत जानकारी दी तो जाएगी संबद्धता
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मेरठ। सीसीएसयू से संबद्ध सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में शिक्षकों को लेकर चला आ रहा फर्जीवाड़ा अब खत्म होगा। विवि प्रशासन ने सभी कॉलेजों को निर्देश जारी किए। अगर शिक्षक की नियुक्ति के बारे में गलत जानकारी दी तो ऐसे संस्थान की संबद्धता समाप्त की जाएगी।
सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति और अनुमोदन में वर्षों से गड़बड़झाला चल रहा है। एक-एक शिक्षक कई-कई कॉलेजों में नियुक्त हैं। सत्यापन के दौरान भी संस्थान सेटिंग कर लेते हैं। रही-सही कसर मान्यता विभाग में तैनात कर्मचारी पूरी कर देते हैं। वे गलत तरह से अनुमोदन के शपथ पत्र फाइलों से बदल लेते हैं। सहारनपुर के दून कॉलेज का भी ऐसा मामला सामने आ चुका है। यहां पर एक शिक्षक के कॉलेज छोड़े जाने के बाद उसका अनुमोदन कॉलेज में ही चल रहा था। शिक्षक ने आरटीआई में जानकारी हासिल की तो कॉलेज और विवि के कर्मचारी ने फाइल से शपथ पत्र ही बदल दिया। इस मामले में सहारनपुर के बिहारीगढ़ थाने में रिपोर्ट भी दर्ज हुई है। विवि कर्मचारी के खिलाफ तो कार्रवाई करेगा ही, साथ ही अब सभी कॉलेजों को भी सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।
रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा की तरफ से सभी कॉलेजों को इस संबंध में स्पष्ट कहा गया है कि अगर शिक्षक की नियुक्ति के मामले में विवि को गलत जानकारी दी तो संस्थान की संबद्धता रद कर दी जाएगी।
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पैनल भी कर ले कुछ काम तो बदले स्थिति
जो शिक्षक कॉलेजों में शिक्षकों का भौतिक सत्यापन करने जाते हैं, अगर वह ठीक तरह से सत्यापन कर लें तो ऐसे मामले सामने नहीं आएं। विवि के अधिकारियों को फजीहत न झेलनी पड़े।
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सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति और अनुमोदन में वर्षों से गड़बड़झाला चल रहा है। एक-एक शिक्षक कई-कई कॉलेजों में नियुक्त हैं। सत्यापन के दौरान भी संस्थान सेटिंग कर लेते हैं। रही-सही कसर मान्यता विभाग में तैनात कर्मचारी पूरी कर देते हैं। वे गलत तरह से अनुमोदन के शपथ पत्र फाइलों से बदल लेते हैं। सहारनपुर के दून कॉलेज का भी ऐसा मामला सामने आ चुका है। यहां पर एक शिक्षक के कॉलेज छोड़े जाने के बाद उसका अनुमोदन कॉलेज में ही चल रहा था। शिक्षक ने आरटीआई में जानकारी हासिल की तो कॉलेज और विवि के कर्मचारी ने फाइल से शपथ पत्र ही बदल दिया। इस मामले में सहारनपुर के बिहारीगढ़ थाने में रिपोर्ट भी दर्ज हुई है। विवि कर्मचारी के खिलाफ तो कार्रवाई करेगा ही, साथ ही अब सभी कॉलेजों को भी सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।
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रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा की तरफ से सभी कॉलेजों को इस संबंध में स्पष्ट कहा गया है कि अगर शिक्षक की नियुक्ति के मामले में विवि को गलत जानकारी दी तो संस्थान की संबद्धता रद कर दी जाएगी।
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पैनल भी कर ले कुछ काम तो बदले स्थिति
जो शिक्षक कॉलेजों में शिक्षकों का भौतिक सत्यापन करने जाते हैं, अगर वह ठीक तरह से सत्यापन कर लें तो ऐसे मामले सामने नहीं आएं। विवि के अधिकारियों को फजीहत न झेलनी पड़े।