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Meerut News: अफसर सुन रहे थे समाधान दिवस में फरियाद, रिश्वत वसूलते पकड़ा लेखपाल
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मेरठ। सदर तहसील में सोमवार को एसडीएम आईएएस डॉ. दीक्षा जोशी और तहसीलदार रवि प्रजापति समाधान दिवस में फरियादियों की शिकायत सुन रहे थे। इसी दौरान तहसील परिसर के कमरा नंबर-22 में लेखपाल ऋषभ चौहान पौन बीघा जमीन का दाखिल खारिज कराने के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत वसूल रहा था। किसान की पत्नी सोनू की शिकायत पर मौके पर पहुंची एंटी करप्शन की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। डीएम के निर्देश पर लेखपाल को निलंबित कर दिया है।
लेखपाल ऋषभ चौहान मूल रूप से शामली कैराना के कंडेला गांव का निवासी है। वह वर्तमान में परिवार के साथ पल्लवपुरम फेस-2 में रहता है। वह परतापुर के गेझा गांव पर तैनात था। गांव के किसान दीपक कुमार ने खेती की पौन बीघा जमीन खरीदी थी। इसका दाखिल खारिज नहीं हुआ था। दीपक अपनी पत्नी सोनू और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ जागृति विहार में रहते हैं। दंपती से लेखपाल ने दाखिल खारिज की एवज में पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। 29 अक्तूबर को दंपती को लेखपाल ने कहा कि जब तक पांच हजार रुपये नहीं देंगे तब तक दाखिल खारिज के लिए रिपोर्ट नहीं लगाएगा।
इस पर सोनू ने एंटी करप्शन में लेखपाल की शिकायत की। सोमवार को पैसे लेने के लिए सोनू सदर तहसील में लेखपाल के पास कमरा नंबर-22 में पहुंची। लेखपाल ने जब रिश्वत लेकर जेब में रखी। तभी एंटी करप्शन की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ सदर बाजार थाने ले गई। तहसील में मामले की जानकारी होते ही अफरा-तफरी मच गई। एंटी करप्शन टीम की निरीक्षक अर्चना ने लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
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लेखपाल बोला, एक इंच हो या पौना बीघा जमीन...रिश्वत तो देनी होगी
मेरठ। लेखपाल मेें अधिकारियों के समाधान दिवस में मौजूद रहने का कोई खौफ नहीं था। पीड़ित किसान की पत्नी सोनू ने बताया कि लेखपाल बार-बार बोल रहा था कि जमीन एक इंच हो या पौना बीघा, रिश्वत देनी होगी। इसके बाद ही अभिलेखों में नाम दर्ज होगा। सोनू ने बताया कि लेखपाल ने जब दाखिल खारिज करने की एवज में रिश्वत मांगी तो इसकी शिकायत उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और एंटी करप्शन टीम से शिकायत कर दी। लेकिन प्रशासन की टीम से पहले एंटी करप्शन की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो
हो सकती है संपत्ति की जांच डीएम और अन्य अधिकारियों को भी लेखपाल की गिरफ्तारी की जानकारी हुई। अधिकारियों ने कहा कि लेखपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी होगी। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि लेखपाल की आय से अधिक संपत्ति की भी जांच कराई जा सकती है।
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लेखपाल ऋषभ चौहान मूल रूप से शामली कैराना के कंडेला गांव का निवासी है। वह वर्तमान में परिवार के साथ पल्लवपुरम फेस-2 में रहता है। वह परतापुर के गेझा गांव पर तैनात था। गांव के किसान दीपक कुमार ने खेती की पौन बीघा जमीन खरीदी थी। इसका दाखिल खारिज नहीं हुआ था। दीपक अपनी पत्नी सोनू और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ जागृति विहार में रहते हैं। दंपती से लेखपाल ने दाखिल खारिज की एवज में पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। 29 अक्तूबर को दंपती को लेखपाल ने कहा कि जब तक पांच हजार रुपये नहीं देंगे तब तक दाखिल खारिज के लिए रिपोर्ट नहीं लगाएगा।
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इस पर सोनू ने एंटी करप्शन में लेखपाल की शिकायत की। सोमवार को पैसे लेने के लिए सोनू सदर तहसील में लेखपाल के पास कमरा नंबर-22 में पहुंची। लेखपाल ने जब रिश्वत लेकर जेब में रखी। तभी एंटी करप्शन की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ सदर बाजार थाने ले गई। तहसील में मामले की जानकारी होते ही अफरा-तफरी मच गई। एंटी करप्शन टीम की निरीक्षक अर्चना ने लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
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लेखपाल बोला, एक इंच हो या पौना बीघा जमीन...रिश्वत तो देनी होगी
मेरठ। लेखपाल मेें अधिकारियों के समाधान दिवस में मौजूद रहने का कोई खौफ नहीं था। पीड़ित किसान की पत्नी सोनू ने बताया कि लेखपाल बार-बार बोल रहा था कि जमीन एक इंच हो या पौना बीघा, रिश्वत देनी होगी। इसके बाद ही अभिलेखों में नाम दर्ज होगा। सोनू ने बताया कि लेखपाल ने जब दाखिल खारिज करने की एवज में रिश्वत मांगी तो इसकी शिकायत उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और एंटी करप्शन टीम से शिकायत कर दी। लेकिन प्रशासन की टीम से पहले एंटी करप्शन की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो
हो सकती है संपत्ति की जांच डीएम और अन्य अधिकारियों को भी लेखपाल की गिरफ्तारी की जानकारी हुई। अधिकारियों ने कहा कि लेखपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी होगी। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि लेखपाल की आय से अधिक संपत्ति की भी जांच कराई जा सकती है।