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एबीवीपी प्रदेश अध्यक्ष बने छोटूराम के डिप्टी डायरेक्टर
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sun, 28 Aug 2016 02:10 AM IST
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सीसीएस यूनिवर्सिटी
- फोटो : अमर उजाला
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सीसीएसयू की कार्य परिषद की बैठक में शनिवार को खुले लिफाफों में चयनित आवेदकों के नाम के साथ विवाद भी बाहर आ गया है। इससे कैंपस राजनीति का अखाड़ा बन सकता है।
सर छोटूराम इंस्टीट्यूट के डिप्टी डायरेक्टर पद पर एबीवीपी के प्रदेश अध्यक्ष (मेरठ प्रांत) का चयन हुआ है। इंस्टीट्यूट में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर भाजपा जिला अध्यक्ष के भाई को चयनित किया गया है। एबीवीपी से जुड़े एक और शख्स का चयन हुआ है। समाजवादी छात्रसभा का कहना है कैंपस में सियासत नहीं होने दी जाएगी। सोमवार से चयन के विरोध में आंदोलन होगा। अधिकारियों को कुर्सी पर नहीं बैठने दिया जायेगा।
24 व 26 अगस्त को सर छोटूराम इंस्टीट्यूट और लीगल स्टडी विभाग में नियुक्ति के लिए इंटरव्यू हुए थे। शनिवार को ईसी की बैठक में नाम सामने आने के बाद विवाद भी बाहर आ गया है। छात्रों ने पहले से तीन लोगों का चयन होने का दावा किया था। उनमें से दो नाम सही साबित हुए। मुख्य पदों पर छात्र संगठन और राजनीति से जुड़े लोगों का चयन हुआ है। छोटूराम में डिप्टी डायरेक्टर पद पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मेरठ प्रांत अध्यक्ष डॉ. राजीव सिजेरिया चयनित किये गए हैं। उन पर वेस्ट यूपी के 14 जिलों की जिम्मेदारी है। सहायक प्रशासनिक अधिकारी पद पर भाजपा के जिला अध्यक्ष शिव कुमार राणा के भाई अशोक सोम का चयन हुआ है।
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एबीवीपी से जुड़े रहे डॉ. धर्मेंद्र कुमार का चयन स्टेट ऑफिसर पद पर हुआ है। इनके अलावा लीगल स्टडी विभाग में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर अपूर्व मित्तल चयनित हुए हैं। नौ में से सात पदों पर चयन हुआ है। दो पद पर योग्य आवेदक नहीं मिले। डिप्टी डायरेक्टर, सहायक प्रशासनिक अधिकारी और स्टेट ऑफिसर के पद पर चयन को लेकर विरोध शुरू हो गया है। छात्रों ने कुलाधिपति से की गई शिकायत में अशोक सोम और डॉ. धर्मेंद्र कुमार के चयन की सूचना पहले ही दी थी।
विरोध में उतरी छात्रसभा
समाजवादी छात्रसभा के जिला अध्यक्ष राजदीप विकल का कहना है कि एबीवीपी प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा जिला अध्यक्ष के भाई का चयन कर कैंपस को राजनीति का अखाड़ा बना दिया गया है। विवि के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ। समाजवादी छात्रसभा इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। सोमवार से छात्रसभा विवि में चयन को लेकर आंदोलन करेगी।
छात्रहित के मामलों में तेजी दिखाएं
विवि ने सेल्फ फाइनेंस विभागों में नियुक्ति को लेकर जितनी तेजी दिखाई है, उतनी अगर छात्रों के मामलों में भी दिखाए तो हालात सुधर जाएं। छोटूराम में इंटरव्यू से लेकर लिफाफे खुलने तक का काम एक सप्ताह में हो गया। पीएचडी के छात्र छह महीने से फुटबाल बने हैं। कोर्स वर्क कब शुरू होगा, पता नहीं। खाली सीटों की संख्या विवि बता नहीं पा रहा है। छात्रों के काम में कमेटी बनाकर खानापूर्ति कर दी जाती है। काम कब पूरा होगा, इसकी गारंटी नहीं है। पीएचडी को लेकर भी छात्र आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
ईसी में इन पर भी मुहर
- 18 पीएचडी को दी गई मंजूरी
- प्रो. बीर सिंह मामले में जांच कमेटी गठित की
- सोलर एनर्जी संयंत्र लगाने के लिए विवि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी को पत्र लिखेगा
- हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. एनसी लोहनी के फेलोशिप पर एक साल के लिए शंघाई जाने पर मुहर
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सर छोटूराम इंस्टीट्यूट के डिप्टी डायरेक्टर पद पर एबीवीपी के प्रदेश अध्यक्ष (मेरठ प्रांत) का चयन हुआ है। इंस्टीट्यूट में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर भाजपा जिला अध्यक्ष के भाई को चयनित किया गया है। एबीवीपी से जुड़े एक और शख्स का चयन हुआ है। समाजवादी छात्रसभा का कहना है कैंपस में सियासत नहीं होने दी जाएगी। सोमवार से चयन के विरोध में आंदोलन होगा। अधिकारियों को कुर्सी पर नहीं बैठने दिया जायेगा।
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24 व 26 अगस्त को सर छोटूराम इंस्टीट्यूट और लीगल स्टडी विभाग में नियुक्ति के लिए इंटरव्यू हुए थे। शनिवार को ईसी की बैठक में नाम सामने आने के बाद विवाद भी बाहर आ गया है। छात्रों ने पहले से तीन लोगों का चयन होने का दावा किया था। उनमें से दो नाम सही साबित हुए। मुख्य पदों पर छात्र संगठन और राजनीति से जुड़े लोगों का चयन हुआ है। छोटूराम में डिप्टी डायरेक्टर पद पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मेरठ प्रांत अध्यक्ष डॉ. राजीव सिजेरिया चयनित किये गए हैं। उन पर वेस्ट यूपी के 14 जिलों की जिम्मेदारी है। सहायक प्रशासनिक अधिकारी पद पर भाजपा के जिला अध्यक्ष शिव कुमार राणा के भाई अशोक सोम का चयन हुआ है।
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एबीवीपी से जुड़े रहे डॉ. धर्मेंद्र कुमार का चयन स्टेट ऑफिसर पद पर हुआ है। इनके अलावा लीगल स्टडी विभाग में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर अपूर्व मित्तल चयनित हुए हैं। नौ में से सात पदों पर चयन हुआ है। दो पद पर योग्य आवेदक नहीं मिले। डिप्टी डायरेक्टर, सहायक प्रशासनिक अधिकारी और स्टेट ऑफिसर के पद पर चयन को लेकर विरोध शुरू हो गया है। छात्रों ने कुलाधिपति से की गई शिकायत में अशोक सोम और डॉ. धर्मेंद्र कुमार के चयन की सूचना पहले ही दी थी।
विरोध में उतरी छात्रसभा
समाजवादी छात्रसभा के जिला अध्यक्ष राजदीप विकल का कहना है कि एबीवीपी प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा जिला अध्यक्ष के भाई का चयन कर कैंपस को राजनीति का अखाड़ा बना दिया गया है। विवि के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ। समाजवादी छात्रसभा इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। सोमवार से छात्रसभा विवि में चयन को लेकर आंदोलन करेगी।
छात्रहित के मामलों में तेजी दिखाएं
विवि ने सेल्फ फाइनेंस विभागों में नियुक्ति को लेकर जितनी तेजी दिखाई है, उतनी अगर छात्रों के मामलों में भी दिखाए तो हालात सुधर जाएं। छोटूराम में इंटरव्यू से लेकर लिफाफे खुलने तक का काम एक सप्ताह में हो गया। पीएचडी के छात्र छह महीने से फुटबाल बने हैं। कोर्स वर्क कब शुरू होगा, पता नहीं। खाली सीटों की संख्या विवि बता नहीं पा रहा है। छात्रों के काम में कमेटी बनाकर खानापूर्ति कर दी जाती है। काम कब पूरा होगा, इसकी गारंटी नहीं है। पीएचडी को लेकर भी छात्र आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
ईसी में इन पर भी मुहर
- 18 पीएचडी को दी गई मंजूरी
- प्रो. बीर सिंह मामले में जांच कमेटी गठित की
- सोलर एनर्जी संयंत्र लगाने के लिए विवि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी को पत्र लिखेगा
- हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. एनसी लोहनी के फेलोशिप पर एक साल के लिए शंघाई जाने पर मुहर