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खुले नाले की भेंट चढ़ी एक और जान, कई बार खुल चुकी अधिकारियों की पोल, फिर है 'मौन'
Tue, 22 Oct 2019 01:31 AM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Tue, 22 Oct 2019 01:31 AM IST
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युवकों को पैसे देती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ शहर के खुले नाले ने सोमवार को एक और जान ले ली। भूमिया के पुल के पास सोमवार शाम एक युवक अचानक ब्रह्मपुरी के ओडियन नाले में गिर गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद उसे निकाला जा सका। आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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बताया गया कि ब्रह्मपुरी थाने से चंद कदम की दूरी पर मोनू पुत्र आशाराम निवासी आलोक विहार नाले के किनारे बैठा था। अचानक वह गिर गया। जैसे ही लोगों को पता चला, वहां भीड़ लग गई। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी रघुराज सिंह भी फोर्स के साथ पहुंच गए। हैरत की बात है कि नगर निगम की तरफ से न तो कोई रिस्पांस मिला और न ही कोई टीम पहुंची। करीब 20 फुट गहरे नाले में उतरने का कोई साहस नहीं जुटा पा रहा था। तभी पवन निवासी होरामनगर और सुनील तोमर निवासी शारदा रोड आ गए। उन्होंने हिम्मत दिखाई। तत्काल सीढ़ी और रस्सी की व्यवस्था की गई। बारी-बारी से दोनों गंदगी से लबालब नाले में उतर गए। रस्सी बांधकर दोनों ने घंटेभर तक नाले को खंगाला। थोड़ी दूर जाकर युवक को खोजने में दोनों सफल रहे। कंधे पर लादकर जैसे ही युवक को लेकर दोनों नाले से बाहर आए, वहां मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। आनन-फानन में युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मोनू अविवाहित था। जानकारी मिलते ही घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर मोर्चरी भिजवा दिया।
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कागजों में दम तोड़ देती है नाला ढकने की योजना
शहर में 13 बड़े नाले हैं। सभी खुले हैं। कई बार नालों को ढकने की योजना बनाई गई, हर बार कागजों में दबकर दम तोड़ देती है। आबूनाला, ओडियन नाला, कोटला, ब्रह्मपुरी, भूमिया का पुल, थापरनगर का नाला, मोहनपुरी-सुभाषनगर का नाला, नेहरूनगर का नाला है, जो इस शहर की मुसीबत बने हुए हैं।
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